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Sehore News: जिला अस्पताल में इलाज कराना है तो पहले टोकन बनवाओ, फिर बनेगा ओपीडी का पर्चा

Fri, 28 Mar 2025 04:05 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Fri, 28 Mar 2025 04:05 PM IST
सार

सीहोर जिला अस्पताल में जिले भर से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं। जबकि टोकन सिस्टम व्यवस्था में एक काउंटर होता है। जहां एक कर्मचारी टोकन बनाता है, इससे भीड़ बढ़ती जाती है।

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Sehore News If you want to get treatment in district hospital first get token then an OPD slip will be made
टोकन के लिए कतार में लगे मरीज के परिजन - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिला अस्पताल में इलाज कराना है तो पहले टोकन बनवाओ, फिर ओपीडी का पर्चा बनेगा। ओपीडी पर्चा बनवाने के लिए लागू की गई टोकन व्यवस्था से मरीज और उनके परिजन काफी परेशान हैं। इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता है। इसके चलते कई बार मरीजों की हालत काफी बिगड़ जाती है और परिजनों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में टोकन व्यवस्था का लोग विरोध कर रहे हैं और इसे बंद कर सीधे पर्चा बनवाने की मांग कर रहे हैं।

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जिला अस्पताल सीहोर में टोकन व्यवस्था के माध्यम से मरीजों के ओपीडी पर्चे बनाए जाते हैं। लाइन में लगी बुजुर्ग जम्मा बाई का कहना है कि इस प्रक्रिया में मरीजों को काफी देर यहां खड़ा रहना पड़ता है, वह परेशान होते हैं और उनका समय भी बर्बाद होता है। जमोनिया गांव की रश्मि चौहान ने कहा कि मरीज को पहले अपने मोबाइल से बार कोड स्कैन करना होता है। फिर मोबाइल पर ओटीपी आता है, फिर टोकन बनाया जाता है। इसके बाद मरीज टोकन नंबर पर्चा काउण्टर पर ले जाते हैं। इसके बाद मरीज का पर्चा बनता है। इसके बाद डॉक्टर उपचार शुरू करते हैं। इस प्रक्रिया से मरीज और उनके परिजन परेशान हैं।
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बंद होना चाहिए टोकन व्यवस्था
लाइन में लगे युवक सर्वेश ने कहा कि यह व्यवस्था बंद होना चाहिए। लोगों के लिए यह बड़ी दुखदायी साबित हो रहा है। यहां आने वाले मरीज और उनके परिजन टोकन व्यवस्था को बंद करने की मांग उठा रहे हैं। यहां पर जिले भर से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए आते हैं, जबकि टोकन सिस्टम व्यवस्था में एक काउंटर होता है, जहां एक कर्मचारी टोकन बनाता है, इससे भीड़ बढ़ती जाती है। कई बार नेटवर्क की समस्या होती है, तो कई बुजुर्ग और ग्रामीण ऐसे भी आते हैं, जिनके पास मोबाइल ही नहीं होता। ऐसे मरीजों के साथ बड़ी समस्या खड़ी हो जाती है। अब टोकन सिस्टम मरीजों के लिए परेशानी का सबब बन गया है।


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अस्पताल में पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं
एक तो यहां अस्पताल परिसर में बैठने की व्यवस्था नहीं है, वहीं दूसरी ओर पीने के पानी के लिए कोई इंतजाम अस्पताल प्रबंधन द्वारा नहीं किए गए हैं। इसके कारण अस्पताल आने वाले मरीज और उनके परिजनों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। टोकन व्यवस्था को बंद कर सीधे पर्चे बनाने की बात को लेकर कई समाजसेवी संगठन और पीड़ित लोग अपनी शिकायत भी अस्पताल प्रबंधन से दर्ज करा चुके हैं। जिला कलेक्टर बालागुरु से भी लोगों ने इसकी शिकायत की है। अस्पताल के निरीक्षण के दौरान मरीज और उनके परिजन भी इस समस्या को लेकर व्यवस्था में बदलाव की मांग की गुहार लगा चुके हैं।

इन संबंध में जिला अस्पताल सीहोर के सिविल सर्जन डॉ. प्रवीर गुप्ता का कहना है, मरीज का रिकॉर्ड रखने के लिए आयुष्मान भारत योजना के तहत यह व्यवस्था बनाई गई है। काफी शिकायत मिल रही है, प्रबंधन विचार कर रहा है। 

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