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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore news: Only 9 out of 66 ponds full in Sehore, water crisis looms for Rabi season and drinking needs

Sehore News: 66 तालाबों में से 9 ही भरे, 56 आधे खाली; बारिश की कमी से रबी सीजन और पीने के पानी का संकट

Sat, 16 Aug 2025 10:35 AM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Sat, 16 Aug 2025 10:35 AM IST
सार

सीहोर जिले में मानसून की कमी से 66 में से अधिकांश तालाब खाली या अधभरे हैं। जमोनिया व भगवानपुरा तालाब में पानी पिछले साल से काफी कम है। बारिश की कमी से सिंचाई और पेयजल संकट गहरा गया है।

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Sehore news: Only 9 out of 66 ponds full in Sehore, water crisis looms for Rabi season and drinking needs
शहर को पानी देने वाला जमोनिया तालाब केवल 21.4 फीट भरा।

विस्तार

सीहोर जिले में मानसून की बेरुखी से हालात गंभीर हो गए हैं। 66 तालाबों में से केवल 9 ही पूरे भरे हैं, जबकि 56 तालाब आधे से भी कम पानी से भरे हैं। इनमें से 46 तालाब 25 प्रतिशत से भी कम भरे हैं और 5 तालाब पूरी तरह खाली हो चुके हैं। शहर को पानी उपलब्ध कराने वाला जमोनिया तालाब इस बार केवल 21.4 फीट तक भरा है, जबकि पिछले साल यह 27.6 फीट तक भर गया था। भगवानपुरा तालाब में 17 फीट पानी है, जो पिछले साल की तुलना में 6.6 फीट कम है। काहिरी बांध भी अपनी 456.80 फीट की क्षमता तक नहीं पहुंच पाया है।

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गांवों में सूखे की मार
खाईखेड़ा, लोटिया, बोरदी टैंक, ढाबला माता, गुराड़ी, हरसपुरा, कोनाझिर, पांगरा, मैना, पंचापुरा, सेंवड़ा, सिद्दीकगंज और टिटोरिया जैसे गांवों के तालाब खाली या लगभग खाली हैं। इछावर के हिम्मतपुरा, मूंडला, शिकारपुरा, नीबूखेड़ा और आष्टा का झकारी टैंक पूरी तरह सूख गया है।
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भोपाल का बड़ा तालाब भी प्रभावित
सीहोर में बारिश न होने से भोपाल का बड़ा तालाब भी प्रभावित हुआ है। इसकी जलभराव क्षमता 1666.80 फीट है, लेकिन फिलहाल इसमें केवल 1656.20 फीट पानी है। इसे पूरा भरने के लिए अभी 10.6 फीट पानी की जरूरत है। कोलांस नदी के सूख जाने से यहां पानी की आवक बंद हो गई है।
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औसत से कम बारिश
अब तक जिले में 698.2 मिमी बारिश दर्ज हुई है, जो पिछले साल की तुलना में 88 मिमी कम है। पिछले साल इसी अवधि में 786.8 मिमी वर्षा हुई थी। इस बार सीहोर में 692.5 मिमी, श्यामपुर में 664.9 मिमी, आष्टा में 502.0 मिमी, जावर में 460.0 मिमी, इछावर में 683.3 मिमी, बुदनी में 1001.0 मिमी और रेहटी में 888.4 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। बारिश की कमी से कुओं, हैंडपंपों और ट्यूबवेलों का जलस्तर घट गया है, जिससे रबी सीजन की सिंचाई और पीने के पानी दोनों पर संकट गहराने लगा है।

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राहत की उम्मीद
आरएके कॉलेज स्थित ग्रामीण कृषि मौसम सेवा केंद्र के विशेषज्ञ डॉ. सत्येंद्र सिंह तोमर ने बताया कि 17 से 21 अगस्त तक लगातार बारिश होने की संभावना है। इस दौरान कई स्थानों पर भारी वर्षा भी हो सकती है। मौसम में ठंडक और बादल छाए रहने से लोगों में राहत की उम्मीद जगी है।

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