मध्यप्रदेश की धार्मिक नगरी उज्जैन के प्रसिद्ध गोपाल मंदिर में जन्माष्टमी पर 115 वर्षों से एक अनूठी परंपरा चली आ रही है। जहां, भादौ कृष्ण अष्टमी पर श्रीकृष्ण जन्म के बाद मंदिर में पांच दिन तक शयन आरती नहीं होती। पुजारियों के अनुसार जन्म के बाद बालक के जागने और सोने का समय निश्चित नहीं रहता, इसलिए पांच दिन तक शयन आरती नहीं की जाती। इस बार भी यहां 16 अगस्त को जन्माष्टमी के पांच दिन बाद तक यह परंपरा निभाई जाएगी।
Janmashtami 2025: 115 साल पुरानी परंपरा, जन्माष्टमी पर जन्मे कन्हैया को पांच दिन तक नहीं कराते शयन; जानें कारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उदित दीक्षित
Updated Sat, 16 Aug 2025 08:34 AM IST
सार
Janmashtami 2025: उज्जैन के गोपाल मंदिर में 115 साल पुरानी परंपरा अनुसार जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद पांच दिन तक शयन आरती नहीं होती। बछबारस पर माखन-मटकी फोड़ने के बाद भगवान को शयन कराया जाता है।
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