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Janmashtami: ग्वालियर जन्माष्टमी पर कृष्ण-राधा को पहनाए जाएंगे 100 करोड़ के गहने, इन जेवरों से होता है शृंगार

Sat, 16 Aug 2025 06:01 AM IST
ग्वालियर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ग्वालियर Published by: ग्वालियर ब्यूरो Updated Sat, 16 Aug 2025 06:01 AM IST
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Krishna Radha will be adorned with jewelry worth 100 crores on Gwalior Janmashtami
जन्माष्टमी के मौके पर दुनिया का सबसे बड़ा महंगा श्रृंगार

भगवान श्री कृष्ण जन्माष्टमी के त्योहार पर ग्वालियर में स्थित गोपाल जी मंदिर खास होता है। यहां पर भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी का 100 करोड़ से अधिक स्वर्णजड़ित आभूषणों से शृंगार किया जाता है। जन्माष्टमी के पर्व को देखते हुए फूलबाग स्थित गोपाल मंदिर में तैयारियां पूरी हो गई हैं। जन्माष्टमी पर एक लाख से भी अधिक श्रद्धालु यहां भगवान राधाकृष्ण के दर्शन करेंगे। इस दौरान मंदिर कड़ी सुरक्षा में होगा, लगभग 200 से अधिक सशस्त्र जवान 24 घंटे इस मंदिर को घेरे रहेंगे। जन्माष्टमी के मौके पर भगवान राधा- कृष्ण की प्रतिमाओं को इन जेवरातों में हीरा, माणिक, पुखराज, पन्ना आदि रत्न जड़े मुकुट, हार, कंगन, चूड़ियां और अन्य आभूषण शामिल हैं, जो सिंधिया राजवंश के माधवराव सिंधिया प्रथम द्वारा 1921 में मंदिर को भेंट किए गए थे।

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ग्वालियर के गोपाल मंदिर की स्थापना 1921 में ग्वालियर रियासत के तत्कालीन शासक माधवराव सिंधिया प्रथम ने की थी। उन्होंने भगवान की पूजा के लिए चांदी के बर्तन और पहनाने के लिए रत्न जड़ित सोने के आभूषण बनवाए थे। इनमें राधा-कृष्ण के 55 पन्ना जड़ित सात लड़ी का हार, सोने की बांसुरी जिस पर हीरे और मालिक लगे हैं, सोने की नथ, जंजीर और चांदी के पूजा के बर्तन हैं। हर साल जन्माष्टमी पर इन जेवरातों से राधा-कृष्ण का शृंगार किया जाता है। इस स्वरूप को देखने के लिए भक्त सालभर का इंतजार करते हैं।

गोपालजी मंदिर में श्री राधा रानी और कृष्णा जी की प्रतिमाओं को रत्नजड़ित आभूषणों से सुसज्जित किया जाता है, जिनकी कीमत लगभग 100 करोड़ रुपये से भी ज्यादा है। हीरे, मोती, पन्ने जैसे बेशकीमती रत्नों से सुसज्जित भगवान के मुकुट और अन्य आभूषण हैं। देश की स्वतंत्रता से पहले तक भगवान इन जेवरातों से शृंगारित रहते थे, लेकिन देश आजाद होने के बाद से जेवरात बैंक के लॉकर में कैद पड़े थे जो 2007 में नगर निगम की देखरेख में आए और तब से लेकर हर जन्माष्टमी पर राधा-कृष्ण की प्रतिमाओं को बेशकीमती जेवरात पहनाए जाते हैं।

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जन्माष्टमी के दिन सुरक्षा व्यवस्था के बीच इन जेवरातों को बैंक के लॉकर निकालकर राधा और गोपाल जी का शृंगार किया जाता है। जन्माष्टमी के दिन सुबह 6:00 बजे से ही श्रद्धालुओं की लाइन लगाना शुरू हो जाती है। शृंगार को देखने के लिए श्रीकृष्ण और श्री राधा रानी को हजारों और लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां पर पहुंचते हैं और उनके दर्शन करते हैं जिनकी मनोकामना को भगवान पूर्ण करते हैं।

 

जन्माष्टमी के मौके पर दुनिया का सबसे बड़ा महंगा श्रृंगार

जन्माष्टमी के लिए पूरी तैयारियां हो चुकी हैं। 

 

जन्माष्टमी के मौके पर दुनिया का सबसे बड़ा महंगा श्रृंगार

ग्वालियर में स्थित गोपाल जी मंदिर

 

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