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Sehore News: भैरुंदा थाने में नरवाई जलाने पर पहली एफआईआर दर्ज, नहीं थम रही खेतों में आगजनी
Mon, 24 Mar 2025 03:17 PM IST
सीहोर ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
Published by: सीहोर ब्यूरो
Updated Mon, 24 Mar 2025 03:17 PM IST
सार
प्रभावित किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी फसल की कटाई के लिए मजदूरों को बुलाया था। लेकिन आग लगने से उनकी सारी मेहनत बर्बाद हो गई। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और पंचनामा बनाया।
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गेहूं के खेत में आग लगी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
खेतों में आगजनी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। प्रतिदिन खेतों में आगजनी के समाचार किसानों के आंखों में आंसू ला रहे हैं। खेतों में नरवाई जलाने को लेकर जिले के भैरुंदा थाने में पहली एफआईआर दर्ज हुई है।
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जिले के भैरूंदा जनपद के प्रभारी खंड पंचायत अधिकारी आशोक मिश्रा की सूचना पर ग्राम हालियाखेड़ी निवासी किसान शंकरलाल के विरुद्ध खेत की नरवाई जलाने पर भैरुंदा थाने में बीएनएस की धारा-223 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। किसान शंकरलाल द्वारा मूंग की फसल बोने के लिए जान बूझकर गेहूं की नरवाई में आग लगाई गई थी।
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उल्लेखनीय है कि नरवाई जलाने से हानिकारक गैसों का उत्सर्जन होता है, जिससे पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इस बात को दृष्टिगत रखते हुए खेत में नरवाई जलाने को प्रतिबंधित किया गया है। नरवाई जलाना कृषि और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक है। इसके कारण विगत वर्षों में गंभीर अग्नि दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं तथा व्यापक संपत्ति की हानि भी हो चुकी है।
गेहूं के खेत में आग लगने से चार किसानों की 22 एकड़ की फसल जली
जिले के अहमदपुर थाना क्षेत्र में रविवार को भीषण आगजनी की घटना हुई, जिसमें किसानों की 22 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। आग इतनी तेजी से फैली कि किसान चाहकर भी अपनी फसल नहीं बचा सके। यह हादसा ऐसे समय में हुआ जब किसान कटाई की तैयारियों में जुटे थे। आग लगने के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। आग इतनी तेजी से फैली कि किसान अपनी फसल को बचा नहीं पाए।
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प्रभावित किसानों ने बताया कि उन्होंने अपनी फसल की कटाई के लिए मजदूरों को बुलाया था, लेकिन आग लगने से उनकी सारी मेहनत बर्बाद हो गई। सूचना मिलने पर राजस्व विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और पंचनामा बनाया। बताया जाता है कि आगजनी में अहमदपुर थाना क्षेत्र के मंडखेड़ा के किसान उमा मीणा पत्नी नरेंद्र मीणा की 8 एकड़, राजमल प्रेम सिंह मीणा की 8 एकड़, बाबूलाल की चार एकड़ सहित अन्य किसानों की फसल जल गई।
सूचना मिलने पर मंद खेड़ा हिनौती सहित आसपास के किस बड़ी संख्या में आग बुझाने मौके पर पहुंचे। उपस्थित लोगों ने खेत की मेड़ों पर खड़े वर्षों की टहनियों तोड़कर आग बुझाने का प्रयास किया। वहीं, कुछ किस अन्य साधनों से पानी लेकर आग बुझाने पहुंचे। इस बीच किसानों द्वारा ट्रैक्टर की बख्खर से हकाई की। प्रभावित किसानों को मुआवजा देने की घोषणा की है।
