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Sehore: चाकू से गोदकर दो लोगों की कर दी थी हत्या, ढाई साल पुराने मामले में कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Wed, 26 Feb 2025 02:41 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Wed, 26 Feb 2025 02:41 PM IST
सार

मामले में आष्टा पुलिस ने मारपीट, हत्या एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने छगनलाल को दोषी करार दिया और उसे दोहरे आजीवन कारावास तथा दो हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।

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sehore news: Court sentenced life imprisonment in the much talked about double murder case
सीहोर। जिले कोर्ट

विस्तार

सीहोर के बहुचर्चित करीब ढाई साल पुराने दोहरे हत्याकांड में न्यायालय ने सख्त फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश (एट्रोसिटी) हेमंत जोशी ने आरोपी छगनलाल (29) पिता कन्हैयालाल बागवान, निवासी इंद्रा कॉलोनी, आष्टा, जिला सीहोर को दोहरे आजीवन कारावास और दो हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
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यह था पूरा मामला
जिला अभियोजन अधिकारी अनिल बादल ने जानकारी देते हुए बताया कि फरियादी पूंजीलाल अपनी पत्नी पार्वतीबाई, छोटे बेटे बलराम और बहू संजना के साथ इंद्रा नगर, आष्टा में निवास करते हैं। फरियादी की बहू संजना से मुकेश बागवान नामक युवक फोन पर बातचीत करता था, जिसे लेकर परिवार में नाराजगी थी। इसी मुद्दे पर 17 जुलाई 2022 को शाम 7 बजे पूंजीलाल, बलराम और पार्वतीबाई मुकेश बागवान को समझाने के लिए उसके घर पहुंचे।
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समझाने गए, लेकिन हो गया विवाद
जब वे मुकेश के घर पहुंचे, तो वह घर पर नहीं था। वहां उसके पिता कन्हैयालाल, माता लक्ष्मीबाई और बड़ा भाई छगनलाल मौजूद थे। जब पूंजीलाल ने मुकेश द्वारा संजना से बातचीत करने की शिकायत की, तो परिवार के लोगों ने उल्टा गाली-गलौच शुरू कर दी। जब फरियादी पक्ष ने इसका विरोध किया, तो छगनलाल घर के अंदर से चाकू लेकर आया और बलराम पर जानलेवा हमला कर दिया। पूंजीलाल और पार्वतीबाई ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन छगनलाल ने पार्वतीबाई के पेट और चेहरे पर तथा पूंजीलाल के दाहिने कंधे पर चाकू से वार कर दिया। लक्ष्मीबाई ने भी पार्वतीबाई पर लाठी से हमला किया।
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इलाज के दौरान दोनों की मौत
चीख-पुकार सुनकर रामेश्वर राठौर और कला बाई ने बीच-बचाव किया और तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने घायलों को शासकीय अस्पताल, आष्टा पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बलराम को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल पार्वतीबाई को भोपाल रेफर किया गया, लेकिन 22 जुलाई को उन्होंने भी दम तोड़ दिया।


अदालत का फैसला
मामले में आष्टा पुलिस ने मारपीट, हत्या एवं एससी/एसटी एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर चार्जशीट कोर्ट में प्रस्तुत की। अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने छगनलाल को दोषी करार दिया और उसे दोहरे आजीवन कारावास तथा दो हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई।
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