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Sagar News: अप्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट से थेरेपी कराना मरीज को पड़ा भारी, हड्डी टूटी...क्लीनिक सील

Sun, 16 Feb 2025 08:10 PM IST
सागर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सागर Published by: सागर ब्यूरो Updated Sun, 16 Feb 2025 08:10 PM IST
सार

शिकायत के आधार पर सिटी मजिस्ट्रेट जूही गर्ग एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे ने क्लिनिक का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि क्लीनिक में प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट की अनुपस्थिति में एक अप्रशिक्षित सहायक मरीजों का इलाज कर रही थी।
 

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Untrained staff of physiotherapy center did the therapy and the patient's bone was broken
फिजियोथेरेपी सेंटर - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

सागर शहर के विजय टॉकीज रोड स्थित संजीवनी फिजियोथेरेपी क्लीनिक में अप्रशिक्षित स्टाफ द्वारा की गई फिजियोथेरेपी के कारण एक मरीज की हड्डी टूट गई। इस मामले की शिकायत मिलने पर प्रशासन ने जांच कर क्लीनिक को अस्थायी रूप से सील कर दिया है।
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शिकायत पर कार्रवाई
मरीज अर्पित सिंह ने जन सुनवाई में जिला दंडाधिकारी से शिकायत की थी कि उनके भाई की फिजियोथेरेपी इस क्लिनिक में करवाई जा रही थी, जहां अकुशल स्टाफ द्वारा की गई थेरेपी के कारण उनकी हड्डी टूट गई। जिला चिकित्सालय के मेडिकल बोर्ड ने फ्रैक्चर की पुष्टि की।
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शिकायत के आधार पर सिटी मजिस्ट्रेट जूही गर्ग एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ममता तिमोरे ने क्लिनिक का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान पाया गया कि क्लीनिक में प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट की अनुपस्थिति में एक अप्रशिक्षित सहायक मरीजों का इलाज कर रही थी।
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क्लीनिक पर लगे गंभीर आरोप
शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रीति नामदेव, जोकि क्लीनिक में सहायक के रूप में कार्यरत हैं, के पास कोई प्रामाणिक फिजियोथेरेपी प्रमाण पत्र नहीं है। घटना के दिन क्लिनिक संचालक डॉ. सीमांत पटेल भी मौजूद नहीं थे, जबकि क्लीनिक का पंजीयन सिर्फ उन्हीं के नाम पर था। नियमानुसार, केवल डॉ. पटेल ही फिजियोथेरेपी कर सकते थे या उनकी उपस्थिति में कोई सहायक सहायता कर सकता था, लेकिन उन्होंने अपनी सहायक को अकेले मरीज का इलाज करने भेज दिया, जिससे यह घटना हुई।


प्रशासन की सख्त कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने इस संबंध में 11 फरवरी 2025 को नोटिस जारी किया था, लेकिन उसका उत्तर असंतोषजनक पाया गया। मध्यप्रदेश उपचर्यागृह तथा रूजोपचार संबंधी स्थापनाएं (रजिस्ट्रीकरण तथा अनुज्ञापन) नियम, 1997 के उल्लंघन के कारण प्रशासन ने क्लीनिक को अस्थायी रूप से सील कर दिया है और इसके पंजीयन को निरस्त करने का प्रस्ताव जारी किया गया है।
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