रतलाम में बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेन्द्र कृष्ण शास्त्री बुधवार को चार्टर्ड प्लेन से रतलाम पहुंचे। वे यहां निजी कार्यक्रम में शामिल हुए। इसके बाद उनका दरबार सजा। पंडित धीरेन्द्र शास्त्री ने कहा कि मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा में कहीं न कहीं वहां की सरकार का हाथ है।
पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हिंदुओं को एकजुट होना होगा। छुआछूत की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई। पंडित शास्त्री ने कहा कि हिंदू का मतलब एक ऐसी विचारधारा से है जो तीसरे विश्व युद्ध को रोक सकता है हिंदू कभी हिंसा नहीं चाहता है। आप अपने बच्चों को कुछ भी बनाएं लेकिन समर्पित भाव का कट्टर हिंदू जरूर बनाएं। उन्होंने कहा कि मुसलमान को कुरान और ईसाई को बाइबल का ज्ञान है, लेकिन हिंदुओं को न गीता का ज्ञान है और न पुराण का। हम लोगों ने अपनी संस्कृति को छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि बेटा-बेटी वह महान नहीं जो मां-बाप के नाम से जाने जाते हों। महान तो वे बेटा बेटी हैं जिनके नाम से मां-बाप जाने जाते हों। हम सभी को आज से यह प्रण लेना है कि 24 घंटे में से 23 घंटे काम करना है। लेकिन, एक घंटा हिंदुत्व को समर्पित करना है, जहां धर्मांतरण हो रहा है वहां हिंदुत्व का प्रचार करो। हनुमान चालीसा का पाठ करो। हिंदुओं को सपोर्ट करो पर किसी का विरोध मत करो।
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रतलाम में लगा पंडित धीरेंद्र शस्त्री का दरबार।
- फोटो : अमर उजाला
नशा, नींद और पर नारी को छोड़ें, सफलता जरूरी मिलेगी
बाबा धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि मुसलमान को गाली देकर हिंदू राष्ट्र नहीं बनाया जा सकता। राम राज्य से भरा हिंदुस्तान होन चाहिए। रतलाम आध्यात्मिक भूमि है, यहां धार्मिकता बहुत प्रचुर मात्रा में है। उन्होंने युवाओं से आव्हान करते हुए कहा की युवा नशा, नींद और पर नारी को छोड़ दे तो उन्हें सफलता अवश्य मिलेगी। उगते सूर्य और दौड़ते हुए घोड़े का फोटो लगाने से सफलता नहीं मिलती है ।सफलता के लिए सूर्योदय से पहले जागना पड़ता है। हिंदू को एक करने के लिए अक्टूबर और नवंबर में एक बार फिर दिल्ली से वृंदावन तक पदयात्रा निकाली जाएगी।
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पंडित धीरेंद्र शस्त्री के दरबार में मौजूद भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
मुर्शिदाबाद की हिंसा प्रायोजित
मुर्शिदाबाद घटना को लेकर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा की मुर्शिदाबाद की हिंसा प्रायोजित हिंसा है। इसमें कहीं ना कहीं वहां की सरकार का हाथ है। हिंदुओं को डराने के लिए एक प्रकार से मोबलिंचिंग की जा रही है। हिंदू अगर डर जाएगा तो भारत से हिंदुओं को भागना पड़ेगा। हमें किसी रंग से कोई दिक्कत नहीं है। नीमच में जैन मुनियों के ऊपर हुए हमले को लेकर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि अहिंसा के पुजारी के साथ जो घटना घटी है। हम इसकी घोर निंदा करते हैं। अगर उनको ऐसा करना ही था तो देशद्रोहियों के साथ करें। वर्तमान में धार्मिक यात्राओं पर पथराव कर हिंदुओं और सनातनियों को डराने की कोशिश की जा रही है।