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Ratlam: पति और सास ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर किया महिला तथा उसके प्रेमी का अपहरण, नौ आरोपी गिरफ्तार
Wed, 14 Feb 2024 10:15 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, रतलाम
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, रतलाम
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 14 Feb 2024 10:15 PM IST
सार
रतलाम में महिला और उसके प्रेमी के अपहरण के मामले में पुलिस ने 9 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि पांच लोग अब भी फरार हैं। महिला का अपहरण उसके ही पति और सास ने रिश्तेदारों के साथ मिलकर किया था।
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पुलिस ने मामले का खुलासा किया।
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र कनेरी रोड़ हरथली फंटा रतलाम से महिला व उसके साथी का मंगलवार शाम को अपहरण कर लिया गया था। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले व सायबर सेल तथा मुखबिर तंत्र की मदद से 24 घंटे के अंदर ही मामले का खुलासा कर दिया। कुल 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। घटना में कुल 14 आरोपी शामिल थे, जिनमे से 5 अभी भी फरार है जिनकी तलाश की जा रही है। अपहरण को महिला के पति, सास और अन्य रिश्तेदारों ने ही अंजाम दिया था। पुलिस ने घटना में प्रयुक्त वाहन भी जब्त कर लिया है।
पुलिस अधीक्षक राहूल कुमार लोढा ने बताया कि शिवगढ़ थानांतर्गत कांगशी गांव की रहने वाली एक विवाहित महिला और उसका प्रेमी भगत मंगलवार शाम कनेरी रोड पर हरथली फंटे के पास मिलने के लिए आए थे। इसी दौरान बोलेरो गाड़ी में सवार होकर कुछ लोग वहां पंहुचे और उन्होंने महिला व पुरुष के साथ मारपीट कर उन्हें अपनी गाड़ी में डाल लिया। इस दौरान विवाहिता महिला जैसे-तैसे गाड़ी में से कूद कर भाग निकली, जबकि उसके प्रेमी को अपहरणकर्ता अपने साथ ले गए। इस घटना को आसपास के लोगों ने देखा तो उन्होंने इस बात की सूचना पुलिस को दी। अपहरण के मामले में एसपी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए दीनदयाल नगर थाना टीआई सुरेन्द्र सिंह गाडरिया के नेतृत्व में एक टीम बनाकर आसपास के इलाकों मे नाकाबंदी करवाई।
पुलिस टीम ने जांच के दौरान क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसमें वाहन के नंबर दिखे जिसके आधार पर कुछ ही घंटों में पुलिस को पता लग गया कि उक्त बोलेरो गाडी सरवन थाना क्षेत्र के एक गांव में मौजूद है। पुलिस ने वहां दबिश देकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से अपहृत व्यक्ति को भी आजाद करवा लिया। तड़के करीब चार बजे उक्त महिला ने अपने प्रेमी भगत के मोबाइल पर काल किया तो पुलिस को महिला की लोकेशन का पता चला और रतलाम के बाजना बस स्टैंड से महिला को भी बरामद कर थाने लाया गया। यहां सभी से पूछताछ की गई तो अपहरण की कहानी साफ हुई।
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पुलिस अधीक्षक लोढ़ा ने बताया कि शिवगढ थाने के कांगशी गांव के निवासी जीतेन्द्र पिती मनजी भाभर को अपनी पत्नी के अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध का शक था। इस बात को लेकर पति पत्नी में अक्सर विवाद होता रहता था। दोनों का यह विवाद थाने तक भी पंहुचा था, जहां दोनो को समझाइश दी गई थी। एसपी ने बताया कि जितेंद्र भाभर के दो बच्चे भी हैं। दूसरी तरफ उसकी पत्नी का प्रेमी भगत भी उन्हीं के गांव में रहता था। भगत ने पहले ही दो शादियां कर रखी हैं, इसके बावजूद उसके सम्बन्ध जितेंद्र की पत्नी से भी थे। पहले वह कांगशी में रहता था लेकिन पिछले कुछ समय से वह रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में रहने लगा है। मंगलवार शाम को जीतेन्द्र की 22 वर्षीया पत्नी ने अपने प्रेमी भगत को फोन लगाकर मिलने के लिए कनेरी रोड पर हरथली फंटे के पास बुलाया था। इसकी जानकारी पति जीतेन्द्र भाभर को लग गई थी।
महिला व उसके प्रेमी का अपहरण करने के मामले में पुलिस ने महिला के पति जितेंद्र पिता मनजी, सास रेशम बाई पति मनजी भाभर. बद्रीलाल पिता कालु कटारा, जीवन पिता देवा निनामा, समरथ पिता बाबु भाभर, मनजी पिता उकार भाभर, राजेश पिता कैलाश भाभर, उकार पिता थावरा भाभर, धनजी पिता उकार को गिरफ्तार किया है। अपहरण के मामले में समरथ पिता सुखराम भाभर, मुकेश पिता सुखराम भाभर, पूनमचंद पिता कमजी, मदन पिता जीवणा तथा जीवन पिता देवा निनामा अभी फरार हैं।
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पुलिस अधीक्षक राहूल कुमार लोढा ने बताया कि शिवगढ़ थानांतर्गत कांगशी गांव की रहने वाली एक विवाहित महिला और उसका प्रेमी भगत मंगलवार शाम कनेरी रोड पर हरथली फंटे के पास मिलने के लिए आए थे। इसी दौरान बोलेरो गाड़ी में सवार होकर कुछ लोग वहां पंहुचे और उन्होंने महिला व पुरुष के साथ मारपीट कर उन्हें अपनी गाड़ी में डाल लिया। इस दौरान विवाहिता महिला जैसे-तैसे गाड़ी में से कूद कर भाग निकली, जबकि उसके प्रेमी को अपहरणकर्ता अपने साथ ले गए। इस घटना को आसपास के लोगों ने देखा तो उन्होंने इस बात की सूचना पुलिस को दी। अपहरण के मामले में एसपी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए दीनदयाल नगर थाना टीआई सुरेन्द्र सिंह गाडरिया के नेतृत्व में एक टीम बनाकर आसपास के इलाकों मे नाकाबंदी करवाई।
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पुलिस टीम ने जांच के दौरान क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले, जिसमें वाहन के नंबर दिखे जिसके आधार पर कुछ ही घंटों में पुलिस को पता लग गया कि उक्त बोलेरो गाडी सरवन थाना क्षेत्र के एक गांव में मौजूद है। पुलिस ने वहां दबिश देकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से अपहृत व्यक्ति को भी आजाद करवा लिया। तड़के करीब चार बजे उक्त महिला ने अपने प्रेमी भगत के मोबाइल पर काल किया तो पुलिस को महिला की लोकेशन का पता चला और रतलाम के बाजना बस स्टैंड से महिला को भी बरामद कर थाने लाया गया। यहां सभी से पूछताछ की गई तो अपहरण की कहानी साफ हुई।
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पुलिस अधीक्षक लोढ़ा ने बताया कि शिवगढ थाने के कांगशी गांव के निवासी जीतेन्द्र पिती मनजी भाभर को अपनी पत्नी के अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध का शक था। इस बात को लेकर पति पत्नी में अक्सर विवाद होता रहता था। दोनों का यह विवाद थाने तक भी पंहुचा था, जहां दोनो को समझाइश दी गई थी। एसपी ने बताया कि जितेंद्र भाभर के दो बच्चे भी हैं। दूसरी तरफ उसकी पत्नी का प्रेमी भगत भी उन्हीं के गांव में रहता था। भगत ने पहले ही दो शादियां कर रखी हैं, इसके बावजूद उसके सम्बन्ध जितेंद्र की पत्नी से भी थे। पहले वह कांगशी में रहता था लेकिन पिछले कुछ समय से वह रतलाम के दीनदयाल नगर थाना क्षेत्र में रहने लगा है। मंगलवार शाम को जीतेन्द्र की 22 वर्षीया पत्नी ने अपने प्रेमी भगत को फोन लगाकर मिलने के लिए कनेरी रोड पर हरथली फंटे के पास बुलाया था। इसकी जानकारी पति जीतेन्द्र भाभर को लग गई थी।
महिला व उसके प्रेमी का अपहरण करने के मामले में पुलिस ने महिला के पति जितेंद्र पिता मनजी, सास रेशम बाई पति मनजी भाभर. बद्रीलाल पिता कालु कटारा, जीवन पिता देवा निनामा, समरथ पिता बाबु भाभर, मनजी पिता उकार भाभर, राजेश पिता कैलाश भाभर, उकार पिता थावरा भाभर, धनजी पिता उकार को गिरफ्तार किया है। अपहरण के मामले में समरथ पिता सुखराम भाभर, मुकेश पिता सुखराम भाभर, पूनमचंद पिता कमजी, मदन पिता जीवणा तथा जीवन पिता देवा निनामा अभी फरार हैं।
