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रायसेन की बेटी निभा बनी सीए: एग्जाम के एक महीने पहले दादा-दादी को खोया, बीमार भी रही, अब 64% लाकर किया नाम रोशन
Sun, 13 Feb 2022 06:49 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रायसेन
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Sun, 13 Feb 2022 06:49 PM IST
सार
रायसेन द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सीए फाउंडेशन और सीए फाइनल दिसंबर 2021 परीक्षाओं के परिणाम की घोषणा की है। रायसेन शहर के चश्मा व्यापारी नीलेश अग्रवाल की बेटी निभा अग्रवाल ने 64% अंक लाकर रायसेन जिले का नाम रोशन किया है।
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रायसेन की बेटी निभा बनी सीए
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
रायसेन द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया (आईसीएआई) ने सीए फाउंडेशन और सीए फाइनल दिसंबर 2021 परीक्षाओं के परिणाम की घोषणा की है। रायसेन शहर के चश्मा व्यापारी नीलेश अग्रवाल की बेटी निभा अग्रवाल ने 64% अंक लाकर रायसेन जिले का नाम रोशन किया है।
नेहा अग्रवाल को 800 में से 512 मार्क्स मिले हैं। निभा बताती हैं एग्जाम के एक महीने पहले बीमारी के चलते दादा-दादी को खो दिया था, फिर एग्जाम के समय बीमार हुई और बीमारी में ही एग्जाम दिए। इस समय मैं काफी डिस्टर्ब हो गई थी, पर मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति थी तो मैंने कड़ी मेहनत के साथ एग्जाम दिए। इस दौरान मेरी छोटी बहन ने मुझे काफी सपोर्ट किया, जिससे मैं यह मुकाम हासिल कर पाई।
8 से 10 घंटे पढ़ाई की
मेरे पापा नीलेश अग्रवाल, मम्मी भावना अग्रवाल के मार्गदर्शन में मैंने 2015 और 2017 में रायसेन के सेंट फ्रांसिस कान्वेंट स्कूल से 10वीं, 12वीं में टॉप किया था। मैं जब सीए की तैयारी कर रही थी तो रोज सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थी। इसके बाद फाइनल एग्जाम में 8 से 10 घंटे पढ़ाई की और मैं फाइनल एग्जाम निकालकर सीए बनी।
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नेहा अग्रवाल को 800 में से 512 मार्क्स मिले हैं। निभा बताती हैं एग्जाम के एक महीने पहले बीमारी के चलते दादा-दादी को खो दिया था, फिर एग्जाम के समय बीमार हुई और बीमारी में ही एग्जाम दिए। इस समय मैं काफी डिस्टर्ब हो गई थी, पर मन में कुछ कर गुजरने की इच्छा शक्ति थी तो मैंने कड़ी मेहनत के साथ एग्जाम दिए। इस दौरान मेरी छोटी बहन ने मुझे काफी सपोर्ट किया, जिससे मैं यह मुकाम हासिल कर पाई।
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8 से 10 घंटे पढ़ाई की
मेरे पापा नीलेश अग्रवाल, मम्मी भावना अग्रवाल के मार्गदर्शन में मैंने 2015 और 2017 में रायसेन के सेंट फ्रांसिस कान्वेंट स्कूल से 10वीं, 12वीं में टॉप किया था। मैं जब सीए की तैयारी कर रही थी तो रोज सुबह 4 बजे उठकर पढ़ाई करती थी। इसके बाद फाइनल एग्जाम में 8 से 10 घंटे पढ़ाई की और मैं फाइनल एग्जाम निकालकर सीए बनी।
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