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MP में गहराता बिजली संकट: कोयले की किल्लत से बढ़ी परेशानी, ग्रामीण इलाकों में बिजली कटौती शुरू

Tue, 26 Apr 2022 11:57 AM IST
आनंद पवार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: आनंद पवार Updated Tue, 26 Apr 2022 11:57 AM IST
सार

देश में गर्मी में बिजली की बढ़ी मांग और कोयले की किल्लत से संकट खड़ा हो गया है। रोजाना 14 रैक कोयले की जगह प्रदेश को 10 रैक कोयला ही मिलने से परेशानी बढ़ गई है। इससे आने वाले समय में गंभीर बिजली संकट होने की आशंका बढ़ गई है।

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Power crisis deepens in MP: Coal shortage increases trouble, power cuts start in rural areas
बिजली संकट, मध्य प्रदेश सरकार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

देश में गर्मी में बिजली की बढ़ी मांग और कोयले की किल्लत से संकट खड़ा हो गया है। रोजाना 14 रैक कोयले की जगह प्रदेश को 10 रैक कोयला ही मिलने से परेशानी बढ़ गई है। इससे आने वाले समय में गंभीर बिजली संकट होने की आशंका बढ़ गई है।
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प्रदेश में बिजली की मांग 12 हजार मेगावाट की है, लेकिन 10 हजार मेगावाट बिजली ही मिल रही है। 2 हजार मेगावाट बिजली की कमी के लिए ग्रामीण इलाकों में अघोषित कटौती शुरू कर दी गई है। एमपी पावर जनरेटिंग कंपनी को थर्मल प्लांट्स चलाने के लिए प्रतिदिन 58 हजार मीट्रिक टन कोयले की जरूरत है, लेकिन करीब 50 हजार मीट्रिक टन ही कोयला मिल रहा है।
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प्रदेश के चार थर्मल पॉवर प्लांट में श्री सिंगाजी प्लांट में 26 दिन का स्टॉक की जगह सिर्फ 4 दिन का स्टॉक ही बचा हुआ है। इस प्लांट की क्षमता 2520 मेगावॉट है। वहीं, सतपुड़ा थर्मल पॉवर प्लांट में भी 26 दिन का स्टॉक की जगह अभी 7 दिन का कोयला बचा हुआ है। इसकी क्षमता 1330 मेगावॉट है। संजय गांधी प्लांट में भी 26 दिन की जगह सिर्फ 2 दिन का कोयला बचा हुआ है। इसकी क्षमता 1340 मेगावॉट के आसपास है। वहीं, अमरकंट प्लांट में 17 की जगह 14 दिन का कोयला का स्टॉक बचा है। हालांकि, इसकी क्षमता सिर्फ 210 मेगावॉट है।

 
मध्य प्रदेश सरकार लगातार केंद्र सरकार से कोयले की रैक उपलब्ध कराने के लिए संपर्क में है, लेकिन देशभर में स्थिति खराब होने के चलते समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। प्रदेश को रोजाना सिर्फ 10 रैक ही मिल पा रहे है। एक रैक में 4 से 5 हजार मीट्रिक टन कोयले की ढुलाई होती है।

इस मामले पर ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव संजय दुबे ने कहा कि कोयले की आपूर्ति के लिए प्रदेश सरकार लगातार केंद्र से चर्चा कर रही है। हमें रोजाना के हिसाब से अभी कोयले के रैक मिल रहे है, लेकिन ठंड के हिसाब से हम कोयले का स्टॉक करने को लेकर तैयारी कर रहे है।
 
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