गोरक्षा पर दिग्विजय की सलाह के बाद मंत्री का कटाक्ष, फिर सीएम कमलनाथ ने गिनाए सरकार के काम
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गोरक्षा पर अबतक भाजपा के निशाने पर रही कांग्रेस शुक्रवार को अपनों के ही निशाने पर आ गई। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री कमलनाथ को पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सलाह के बाद सियासत गरमा गई। दिग्विजय ने सीएम कमलनाथ को सच्चा गोभक्त बनने की सलाह दी तो कमलनाथ ने भी गोरक्षा के लिए किये गए सरकार के प्रयास गिना दिए।
कांग्रेस की कमलनाथ सरकार को पूर्व सीएम दिग्विजय ने भोपाल-इंदौर हाईवे पर सड़क दुर्घटना में गायों की मौत को लेकर सलाह दी थी कि सरकार को तत्काल गायों को सड़कों से हटाकर गोशालाओं में भेजना चाहिए। उन्होंने तत्काल ऐसा करके सीएम कमलनाथ को सच्चा गोभक्त बनने की बात कह डाली थी।
दिग्विजय की इस सलाह के बाद लोक निर्माण मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने उन्हीं पर सवाल उठा दिया। कहा कि दिग्विजय खुद मुख्यमंत्री रहे हैं उन्होंने क्या किया, सबको पता है। कमलनाथ नए जमाने के अभिमन्यु हैं, वे हर चक्रव्यूह तोड़ना जानते हैं।
वहीं, सीएम कमलनाथ ने दिग्विजय की इस सलाह पर सरकार के काम गिना दिए। उन्होंने ट्वीट कर कहा कि मुझे गायों की चिंता है। गायों की सुरक्षा को लेकर अधिकारियों को कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं और 1000 गोशालाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। बाद में सियासत गरमाने लगी तो सीएम ने कहा कि उन्होंने सरकार के काम और नीति बताने का कोई और मतलब नहीं निकाला जाना चाहिए।
दिग्विजय बोले- ऐसा कर दिखाया तो कमलनाथ सच्चे गोभक्त
दिग्विजय सिंह ने हाईवे पर बैठी गायों की एक तस्वीर ट्वीट करते हुए कहा कि यह चित्र है भोपाल-इंदौर हाईवे का, जहां गोमाता बैठी रहती हैं और लगभग हर दिन दुर्घटनाओं में मारी जाती है। कहां हैं हमारे गोमाता के प्रेमी गोरक्षक?
यह चित्र है भोपाल इंदौर हायवे का जहॉं आवारा गऊ माता बैठी रहती हैं और लगभग हर दिन ऐक्सिडेंट में मर जाती हैं। कहॉं हैं हमारे गौ माता प्रेमी गौ रक्षक? मप्र शासन को तत्काल इन आवार गौ मात को सड़कों से हटा कर गौ अभ्यरण या गौ शालाओं में भेजना चाहिये। pic.twitter.com/LC6sxPq9Xr
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 11, 2019
उन्होंने लिखा कि मध्यप्रदेश शासन को तत्काल इन गोमाताओं को सड़कों से हटाकर गो अभ्यारण्य या गोशालाओं में भेजना चाहिए। यदि कमलनाथ जी आपने तत्काल ऐसा करके दिखा दिया तो आप सच्चे गोभक्तों में गिने जाएंगे और कथित भाजपाई नेताओं को नसीहत मिलेगी।
यदि कमल नाथ जी आपने तत्काल ऐंसा कर के दिखा दिया तो आप सच्चे गौ भक्तों में गिने जायेंगे, और तथा कथित भाजपाई नेताओं को नसीयत मिलेगी।
— digvijaya singh (@digvijaya_28) October 11, 2019
कमलनाथ बोले- आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि...
सीएम कमलनाथ ने दिग्विजय सिंह के ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि आपकी जानकारी के लिए बता दूं कि मैंने अभी कुछ दिनों पूर्व ही प्रदेश के सभी प्रमुख मार्गों पर, जहां बरसात के मौसम में खेतों की मिट्टी गीली होने की वजह से गोमाता सड़कों पर आकर बैठती हैं और वाहन दुर्घटना का शिकार होती हैं, उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अधिकारियों को एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए हैं।
जहाँ बरसात के मौसम में खेतो की मिट्टी गीली होने की वजह से गौमाता सड़कों पर आकर बैठती है और वाहन दुर्घटना का शिकार होती है , उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए अधिकारियों को एक कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिये है।
— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) October 11, 2019
1000 गौशालाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है।
2/4
एक के बाद एक लगातार ट्वीट करते हुए कमलनाथ ने कहा कि प्रदेश में 1000 गोशालाओं का निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। अगले साल तक 3000 गोशालाएं बनाने का लक्ष्य है। गोशाला बनने के बाद ही गोमाता के सड़कों पर बैठने में कमी आएगी। मैं इसको लेकर चिंतित हूं।
'गोमाता हमारे लिए सियासत नहीं'
कमलनाथ ने कहा कि हम शहरों को आवारा पशु मुक्त बनाने की योजना पर भी काम कर रहे हैं। यह भी सच है कि गोमाता हमारे लिए सियासत नहीं आस्था व गौरव का प्रतीक है। उनकी रक्षा के लिए जो कार्य वर्षों में नहीं हो पाए हैं, वह हम करना चाहते हैं।
यह भी सच है कि हमारे लिये गौमाता सिसायत नहीं आस्था व गौरव का प्रतीक है।
— Office Of Kamal Nath (@OfficeOfKNath) October 11, 2019
गौमाता की रक्षा व संवर्धन के लिये जो कार्य वर्षों में नहीं हो पाये है , वह हम करना चाहते है।
4/4,
