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मध्यप्रदेश: अधिकारियों की मेहनत और इंजीनियरों के जुनून ने मात्र दो दिन में लगाया ऑक्सीजन प्लांट
Sun, 02 May 2021 04:11 AM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Published by: Jeet Kumar
Updated Sun, 02 May 2021 04:11 AM IST
सार
इस प्लांट से 29 अप्रैल से प्रतिदिन 100 सिलेंडरों में ऑक्सीजन भरने का काम शुरू हो गया है। साथ ही संजय गांधी अस्पताल को आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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ऑक्सीजन प्लांट
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
कोरोना की इस दूसरी लहर में सबसे ज्यादा जानें ऑक्सीजन की कमी से जा रही हैं। हर राज्य में ऑक्सीजन की भारी कमी है, लेकिन रीवा जिलें में अधिकारियों की मेहनत और इंजीनियरों की लगन ने मात्र दो दिन में ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर दिया। वहीं, प्लांट को चालू कराने के बाद अब एक दिन में 100 सिलेंडर भरे जा रहे हैं।
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दो दिन लगातार काम करके स्थापित किया ऑक्सीजन प्लांट
दरअसल, ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में केवल दो दिन में लगातार काम करके ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट से 29 अप्रैल से प्रतिदिन 100 सिलेंडरों में ऑक्सीजन भरने का काम शुरू हो गया है। इससे सुपर स्पेशिलिटी अस्पताल में मांग के अनुसार ऑक्सीजन की शत-प्रतिशत आपूर्ति हो जाएगी। साथ ही संजय गांधी अस्पताल को आवश्यकता पड़ने पर ऑक्सीजन उपलब्ध कराई जा सकेगी।
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दिल्ली से मशीनें बाहर निकलने में कई बाधाएं आ रही थीं। विभिन्न स्तर पर प्रयास करके मशीनें प्राप्त की गईं। प्लांट स्थापित करने के लिए बिजली की लाइन, गैस लाइन और अन्य आवश्यक तैयारियां मशीन पहुंचने के पूर्व ही कर ली गई। मशीन को स्थापित करने में इंजीनियर नीरज सिंह और उनके सहयोगियों ने लगातार दो दिनों तक अथक परिश्रम किया, जिसके परिणामस्वरूप 27 अप्रैल को ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हो गया।
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परीक्षण में लगा 30 घंटे का समय
इसका परीक्षण करने में लगभग 30 घंटे का समय लगा। इसके बाद 29 अप्रैल से प्लांट से सिलेंडरों में ऑक्सीजन भरने की प्रक्रिया शुरू हो गई और जिले के अधिकारियों ने राहत की सांस ली।
