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व्यापमं: चौंकाने वाली है पत्रकार की मौत की कहानी

Sun, 05 Jul 2015 11:56 AM IST
Updated Sun, 05 Jul 2015 11:56 AM IST
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one more death in mp vaypam sacm

मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाला कवर कर रहे एक टीवी चैनल के पत्रकार की शनिवार को झाबुआ जिले के मेघनगर में असामयिक मौत हो गई। गुजरात की दाहोद पुलिस ने मर्ग कायम कर प्रकरण को विवेचना में लिया है।

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जानकारी के मुताबिक एक बड़े टीवी चैनल के यह पत्रकार शनिवार को अपनी टीम के साथ मेघनगर में थे। वह इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज की छात्रा नम्रता डामोर के परिजनों का इंटरव्यू लेने गए थे। नम्रता की 2012 में संदिग्ध हालात में मौत हुई थी और एसटीएफ ने उसे व्यापमं केस में अभियुक्त बनाया था।
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दोपहर करीब एक बजे इंटरव्यू की पूरी तैयारी करने के बाद वह अचानक गिर पड़े। उन्हें मेघनगर के जीवन ज्योति अस्पताल ले जाया गया। जहां विशेषज्ञ नहीं होने की वजह से पत्रकार को स्थानीय सरकारी अस्पताल ले जाया गया।
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यहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मेघनगर से लगभग 45 किलोमीटर दूर गुजरात के दाहोद ले जाया गया। जहां उनका पोस्टमार्टम किया गया।

नम्रता डामोर की मौत पर भी उठे थे सवााल

one more death in mp vaypam sacm

सात जनवरी, 2012 को मध्य प्रदेश के उज्जैन के कायथा रेलवे ट्रैक पर इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की छात्रा नम्रता डामोर का शव मिला था। वह मूल रूप से झाबुआ के मेघनगर की रहने वाली थी। शुरू में पुलिस ने डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट के आधार पर इसे हत्या का केस माना।

मगर बाद में फिर से जांच कराई गई और कहा गया कि यह आत्महत्या है। उसके पिता मेहताब सिंह डामोर यह मानने को तैयार नहीं हुए कि उनकी बेटी आत्महत्या कर सकती है।

लिहाजा उन्होंने पुलिस की तफ्तीश पर भरोसा नहीं किया और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व डीजीपी को पत्र लिखकर प्रकरण सीबीआई को सौंपने की मांग की। मगर इसे अनसुना कर दिया गया।

यह घटना इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि व्यापमं घोटाले की जांच कर रही एसटीएफ ने नम्रता की संदिग्ध मौत के ढाई साल बाद अगस्त 2014 में गड़बड़ी कर पीएमटी पास करने वाले परीक्षार्थियों की जो सूची जारी की, उसमें नम्रता का नाम भी शामिल किया था।

चूंकि वह झाबुआ जिले की थी और उसका पहले ग्वालियर और बाद में एमजीएम इंदौर में दाखिला हुआ, इसलिए यह सवाल उठा कि कहीं व्यापमं घोटाले से संबंधित अहम सुराग या सुबूत तो उसके पास नहीं थे।

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