फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   OBC reservation in Madhya Pradesh Panchayat elections: Hearing in Supreme Court closed, Court said that the petition is now ineffective

मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण: सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई बंद, कोर्ट ने कहा अब याचिका निष्प्रभावी

Wed, 19 Jan 2022 05:04 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 19 Jan 2022 05:04 PM IST
सार

मध्य प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि अध्यादेश खत्म हो गया है और चुनाव रद्द हो गए हैं, इसलिए इस संदर्भ में दाखिल याचिका निष्प्रभावी हो चुकी है।
 

विज्ञापन
OBC reservation in Madhya Pradesh Panchayat elections: Hearing in Supreme Court closed, Court said that the petition is now ineffective
मध्य प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद कर दी है। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई बंद कर दी है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि चूंकि अध्यादेश खत्म हो गया है और चुनाव रद्द हो गए हैं, इसलिए इस संदर्भ में दाखिल याचिका निष्प्रभावी हो चुकी है।
विज्ञापन


सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि जब भी चुनाव आयोग स्थानीय निकाय चुनाव कराए तो वो आरक्षण देने से पहले सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए ट्रिपल टेस्ट का पालन करे। बता दें कि आज पंचायत चुनाव में ओबीसी आरक्षण को बहाल कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट में शिवराज सरकार की पुनर्विचार याचिका पर सुनवाई होना थी।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर को पंचायत चुनावों में ओबीसी के लिए रिजर्व पदों पर चुनाव कराने से रोक लगा दी थी। इसके खिलाफ मध्य प्रदेश सरकार ने पुनर्विचार याचिका लगाई थी। प्रदेश सरकार को देश की सर्वोच्च न्यायालय से राहत मिलने की उम्मीद थी, इसके लिए उसने तैयारी भी कर रखी थी। हालांकि कोर्ट ने अब इस मामले में चुनाव आयोग को निर्देश देते हुए सुनवाई बंद कर दी है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


मध्य प्रदेश पंचायत चुनाव को लेकर सरकार के अध्यादेश को चुनौती देने वाले कांग्रेस नेता सैयद जाफर ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने आज सुप्रीम कोर्ट में माफी मांगते हुए यह स्वीकार किया कि पंचायत चुनाव में बिना रोटेशन के आरक्षण कराने का जो अध्यादेश लाए थे. वह गलत था। जिसको प्रदेश की मध्य प्रदेश सरकार ने निरस्त कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने भी कहा है कि चूंकि अध्यादेश खत्म हो गया है और चुनाव रद्द हो गए हैं तो ये याचिका निष्प्रभावी हो चुकी है। 

जाफर ने कहा कि अब हम प्रदेश सरकार से मांग करते हैं बाबा भीमराव अंबेडकर जी के बनाए हुए संविधान के हिसाब से पंचायत चुनाव में रोटेशन के आधार पर आरक्षण करते हुए नया चुनाव जल्द करवाएं। 

 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed