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MP News: 14 वर्षीय बालिका का अपहरण कर दुष्कर्म करने वाले युवक को तिहरा आजीवन कारावास, 1.63 लाख का अर्थदंड
Thu, 21 Dec 2023 06:30 PM IST
दिनेश शर्मा
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नीमच
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, नीमच
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Thu, 21 Dec 2023 06:30 PM IST
सार
नाबालिग के अपहरण और दुष्कर्म मामले में कोर्ट ने तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोषी करार दिया युवक नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगा ले गया और कई दिनों तक दुष्कर्म करता रहा था।
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नीमच में दुष्कर्म के दोषी को तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है।
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
नीमच कोर्ट ने 14 वर्षीय नाबालिग को शादी का झांसा देकर भगा ले जाने और उसके साथ दुष्कर्म करने के मामले में युवक को तिहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक लाख 63 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है।
विशेष न्यायाधीश अजयकुमार टेलर ने अनुसूचित जनजाति वर्ग की 14 वर्षीय नाबालिग पीड़िता का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले सोनूदास पिता कैलाशदास बैरागी (28), निवासी खिलचीपुरा मंदसौर को धारा 363 भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये अर्थदंड, धारा 366 भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत सात वर्ष का सश्रम कारावास एवं 7000 रुपये अर्थदंड, धारा 376 (3) भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 50000 रुपये अर्थदंड, धारा 5 (एल)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 50000 रुपये अर्थदंड, धारा 3(2) (अ) जाति/जनजाति अनुसूचित (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 50000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 3(2) (अं) जाति/जनजाति अनुसूचित (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
ये है मामला
9 फरवरी 2019 को पुलिस थाना नीमच केंट क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता के चाचा ने रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी 14 वर्षीय भतीजी विद्यालय जाने का कह कर घर से गई थी, किंतु शाम तक वापस नहीं लौटी। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की और विवेचना के दौरान पीड़िता को दस्तयाब किया गया।
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शादी का झांसा देकर ले गया था आरोपी
पीड़िता ने बताया कि सोनू उसे शादी करने का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपहरण करके ग्राम खिलचीपुरा (मंदसौर) ले गया था। जहां उसे अपने घर में रखा तथा उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर एवं पीड़िता का मेडिकल कराकर उम्र के संबंध में आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए गए। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया और अलग-अलग धाराओं में तिहरा आजीवन कारावास दिया। अर्थदंड की संपूर्ण राशि 1 लाख 63 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का आदेश भी दिया गया।
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विशेष न्यायाधीश अजयकुमार टेलर ने अनुसूचित जनजाति वर्ग की 14 वर्षीय नाबालिग पीड़िता का अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म करने वाले सोनूदास पिता कैलाशदास बैरागी (28), निवासी खिलचीपुरा मंदसौर को धारा 363 भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये अर्थदंड, धारा 366 भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत सात वर्ष का सश्रम कारावास एवं 7000 रुपये अर्थदंड, धारा 376 (3) भारतीय दंड संहिता, 1860 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 50000 रुपये अर्थदंड, धारा 5 (एल)/6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम, 2012 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 50000 रुपये अर्थदंड, धारा 3(2) (अ) जाति/जनजाति अनुसूचित (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत आजीवन कारावास एवं 50000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 3(2) (अं) जाति/जनजाति अनुसूचित (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के अंतर्गत तीन वर्ष का सश्रम कारावास एवं 3000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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ये है मामला
9 फरवरी 2019 को पुलिस थाना नीमच केंट क्षेत्र में रहने वाली पीड़िता के चाचा ने रिपोर्ट लिखाई थी कि उसकी 14 वर्षीय भतीजी विद्यालय जाने का कह कर घर से गई थी, किंतु शाम तक वापस नहीं लौटी। पुलिस ने मामले की पड़ताल शुरू की और विवेचना के दौरान पीड़िता को दस्तयाब किया गया।
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शादी का झांसा देकर ले गया था आरोपी
पीड़िता ने बताया कि सोनू उसे शादी करने का झांसा देकर बहला-फुसलाकर अपहरण करके ग्राम खिलचीपुरा (मंदसौर) ले गया था। जहां उसे अपने घर में रखा तथा उसके साथ कई बार दुष्कर्म किया। विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार कर एवं पीड़िता का मेडिकल कराकर उम्र के संबंध में आवश्यक साक्ष्य एकत्रित किए गए। न्यायालय ने मामले की सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी करार दिया और अलग-अलग धाराओं में तिहरा आजीवन कारावास दिया। अर्थदंड की संपूर्ण राशि 1 लाख 63 हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का आदेश भी दिया गया।
