{"_id":"62de2fe1c6958d5a0c6c0d0f","slug":"mp-news-the-landlord-will-not-be-able-to-harass-the-tenant-the-government-will-present-the-tenancy-act-bill","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: किराएदार को तंग नहीं कर सकेगा मकान मालिक, सरकार विधानसभा में पेश करेगी किराएदारी अधिनियम विधेयक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: किराएदार को तंग नहीं कर सकेगा मकान मालिक, सरकार विधानसभा में पेश करेगी किराएदारी अधिनियम विधेयक
Mon, 25 Jul 2022 11:23 AM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Mon, 25 Jul 2022 11:23 AM IST
सार
मध्य प्रदेश में किराएदार मकान पर कब्जा नहीं कर सकेगा। मकान मालिक भी किराएदार को तंग नहीं करेगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में मध्य प्रदेश किराएदारी अधिनियम प्रस्तुत करेगी। इसके लागू होने के बाद मकान मालिक बिना अनुबंध के किरादार नहीं रख पाएंगे।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश विधानसभा (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश में किराएदार मकान पर कब्जा नहीं कर सकेगा। मकान मालिक भी किराएदार को तंग नहीं करेगा। इसके लिए मध्य प्रदेश सरकार विधानसभा के मानसून सत्र में मध्य प्रदेश किराएदारी अधिनियम प्रस्तुत करेगी। इसके लागू होने के बाद मकान मालिक बिना अनुबंध के किरादार नहीं रख पाएंगे।
मध्यप्रदेश में मकान मालिक और किराएदार के बीच होने वाले विवाद को समाप्त करने के लिए सरकार किराएदारी अधिनियम लागू करने जा रही है। इसके बाद मकान मालिक अनुबंध कर ही किराएदार रख सकेंगे। इसके तहत किराया अधिकरण बनेगा। जिसमें किराया प्राधिकारी नियुक्त होगा। मकान मालिक को किराएदार की जानकारी दो महीने के अंदर अंदर किराया प्राधिकारी को देनी होगी। इसके बाद निर्धारित अवधि के बाद किराएदार को मकान खारी करना होगा। ऐसा नहीं करने पर शिकायत पर सुनवाई के बाद बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। इसमें मकान मालिक भी किराएदार को अनावश्यक रूप से तंग नहीं करस केगा। वहीं, आवश्यक सेवाओं को रोकने पर भी मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
केंद्र सरकार ने भूस्वामी और किराएदार के अधिकारों के संरक्षण के लिए सभी राज्यों को कानूनी प्रविधान करने के लिए दिशानिर्देश दिए थे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नया मध्य प्रदेश किराएदारी अधिनियम का प्रारूप तैयार किया है। इसके अनुसार किराया अधिकरण बनाया जाएगा। जिसे किराएदार के साथ अनुबंध की दो महीने में जानकारी देनी होगी। मकान मालिक और किराएदार के बीच शिकायत की सुनवाई भी किरायाअधिकरण में होगी। मकान मालिक मकान के लिए दो महीने और गैर आवसीय भूखंड के लिए छह माह का अग्रिम ले सकेगा। अनुबंध समाप्ति के समय या तो समायोजित किया जाएगा या फिर इसे वापस किया जाएगा।
विज्ञापन
अनुबंध की अवधि के बाद किराएदार को मकान या भूखंड खाली करना होगा। युद्ध, बाढ़, सूखा, तूफान, भूकंप या कोई अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति है तो अवधि समाप्त होने पर भी किराएदार से मकान खाली नहीं कराया जाएगा पर उसे अनुबंध के अनुसार किराया देना होगा। किराएदार की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को रहने का अधिकार होगा पर उसे भी अनुबंध का पालन करना होगा।
किराए के मकान को मकान मालिक की सहमति के बिना किसी दूसरे को किराए पर नहीं दे सकेगा। दोनों की सहमति से उप किराएदार रख जा सकता है। इसकी सूचना भी किराया प्राधिकारी को देनी होगा। किराया अनुबंध समाप्त होने के बाद मकान खाली नहीं करने पर पहले दो महा तक दोगुना और इसके बाद चार गुना मासिक किराया देना होगा।
मकान मालिका के किराएदार को मकान देने के बाद घर में प्रवेश करने का अधिकार नहीं होगा। मरम्मत, निरीक्षण करने या अन्य किसी काम से प्रवेश करने के लिए कम से कम 24 घंटे पहले सूचना देनी होगी। किराएदार को तंग करने के लिए पानी, बिजली, सफाई, सुरक्षा संबंधी कोई भी सेवा नहीं रोकेगा। ऐसे मामले में शिकायत होने पर किराया प्राधिकारी उसकी जांच करके सेवाओं को बहाल करने की कार्रवाई करेगा।
जिले में कलेक्टर या अपर कलेक्टर को किराया अधिकरण नियुक्त किया जाएगा। यह 60 दिनों में शिकायत का निराकरण करेंगे। इनको कब्जा दिलाने या वसूली के लिए कुर्की भी कराने का अधिकार होगा। मकान मालिक को पुताई, दरवाजो एवं खिड़कियों की पेंटिंग, आवश्यक होने पर पाइप लाइन की मरम्मत, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर उसे ठीक कराना होगा। वहीं, किराएदार को वाश बेसिन, नहाने के टब, गीजर, बिजली के बटन समेत खुले स्थान का रखरखाव करना होगा।
विज्ञापन
मध्यप्रदेश में मकान मालिक और किराएदार के बीच होने वाले विवाद को समाप्त करने के लिए सरकार किराएदारी अधिनियम लागू करने जा रही है। इसके बाद मकान मालिक अनुबंध कर ही किराएदार रख सकेंगे। इसके तहत किराया अधिकरण बनेगा। जिसमें किराया प्राधिकारी नियुक्त होगा। मकान मालिक को किराएदार की जानकारी दो महीने के अंदर अंदर किराया प्राधिकारी को देनी होगी। इसके बाद निर्धारित अवधि के बाद किराएदार को मकान खारी करना होगा। ऐसा नहीं करने पर शिकायत पर सुनवाई के बाद बेदखली की कार्रवाई की जाएगी। इसमें मकान मालिक भी किराएदार को अनावश्यक रूप से तंग नहीं करस केगा। वहीं, आवश्यक सेवाओं को रोकने पर भी मकान मालिक के खिलाफ कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
केंद्र सरकार ने भूस्वामी और किराएदार के अधिकारों के संरक्षण के लिए सभी राज्यों को कानूनी प्रविधान करने के लिए दिशानिर्देश दिए थे। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने नया मध्य प्रदेश किराएदारी अधिनियम का प्रारूप तैयार किया है। इसके अनुसार किराया अधिकरण बनाया जाएगा। जिसे किराएदार के साथ अनुबंध की दो महीने में जानकारी देनी होगी। मकान मालिक और किराएदार के बीच शिकायत की सुनवाई भी किरायाअधिकरण में होगी। मकान मालिक मकान के लिए दो महीने और गैर आवसीय भूखंड के लिए छह माह का अग्रिम ले सकेगा। अनुबंध समाप्ति के समय या तो समायोजित किया जाएगा या फिर इसे वापस किया जाएगा।
विज्ञापन
अनुबंध की अवधि के बाद किराएदार को मकान या भूखंड खाली करना होगा। युद्ध, बाढ़, सूखा, तूफान, भूकंप या कोई अन्य प्राकृतिक आपदा की स्थिति है तो अवधि समाप्त होने पर भी किराएदार से मकान खाली नहीं कराया जाएगा पर उसे अनुबंध के अनुसार किराया देना होगा। किराएदार की मृत्यु होने पर उसके उत्तराधिकारी को रहने का अधिकार होगा पर उसे भी अनुबंध का पालन करना होगा।
किराए के मकान को मकान मालिक की सहमति के बिना किसी दूसरे को किराए पर नहीं दे सकेगा। दोनों की सहमति से उप किराएदार रख जा सकता है। इसकी सूचना भी किराया प्राधिकारी को देनी होगा। किराया अनुबंध समाप्त होने के बाद मकान खाली नहीं करने पर पहले दो महा तक दोगुना और इसके बाद चार गुना मासिक किराया देना होगा।
मकान मालिका के किराएदार को मकान देने के बाद घर में प्रवेश करने का अधिकार नहीं होगा। मरम्मत, निरीक्षण करने या अन्य किसी काम से प्रवेश करने के लिए कम से कम 24 घंटे पहले सूचना देनी होगी। किराएदार को तंग करने के लिए पानी, बिजली, सफाई, सुरक्षा संबंधी कोई भी सेवा नहीं रोकेगा। ऐसे मामले में शिकायत होने पर किराया प्राधिकारी उसकी जांच करके सेवाओं को बहाल करने की कार्रवाई करेगा।
जिले में कलेक्टर या अपर कलेक्टर को किराया अधिकरण नियुक्त किया जाएगा। यह 60 दिनों में शिकायत का निराकरण करेंगे। इनको कब्जा दिलाने या वसूली के लिए कुर्की भी कराने का अधिकार होगा। मकान मालिक को पुताई, दरवाजो एवं खिड़कियों की पेंटिंग, आवश्यक होने पर पाइप लाइन की मरम्मत, बिजली आपूर्ति प्रभावित होने पर उसे ठीक कराना होगा। वहीं, किराएदार को वाश बेसिन, नहाने के टब, गीजर, बिजली के बटन समेत खुले स्थान का रखरखाव करना होगा।
