{"_id":"633409f22c04ab64d876dfed","slug":"mp-news-kamal-nath-raised-questions-on-banning-pfi-said-the-evidence-found-should-come-out","type":"story","status":"publish","title_hn":"PFI Ban: कमलनाथ ने PFI करने बैन पर उठाए सवाल, बोले जो सबूत मिले वो सामने आने चाहिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
PFI Ban: कमलनाथ ने PFI करने बैन पर उठाए सवाल, बोले जो सबूत मिले वो सामने आने चाहिए
Wed, 28 Sep 2022 02:32 PM IST
आनंद पवार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: आनंद पवार
Updated Wed, 28 Sep 2022 02:32 PM IST
सार
कमलनाथ ने कहा कि यह कोई आज तो पैदा नहीं हुई। इसका रजिस्ट्रेशन कब से हुआ है यदि यह पहले से ही आतंकवादी संस्थाओं से जुड़ी हुई थी तो आप इतने वर्षों से क्या कर रहे थे। आज यह सवाल सामने है?
विज्ञापन
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
केंद्र सरकार के पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) को बैन करने पर पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ ने बुधवार को पीसीसी में मीडिया से बातचीत में कहा कि यदि कोई संगठन या संस्था आतंकवादी गतिविधियों में लिप्त है। आतंकवादी संस्थाओं से जुड़ी हैं। तब पीएफआई हो या कोई भी संगठन हो उन पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई होना चाहिए। लेकिन एजेंसियों को उनके खिलाफ मिले प्रमाण सामने लाना चाहिए।
कमलनाथ ने कहा कि आज आतंकवाद बड़े खतरे की बात है। आम जनता को तो सुरक्षा चाहिए। यदि इतने वर्षों से पीएफआई की गतिविधियां चल रही थी। यह सरकार का इंटेलिजेंस फेलियर है। आप इतने वर्षों से क्या कर रहे थे। कमलनाथ ने कहा कि पीएफआई कोई आज तो पैदा नहीं हुई। इसका रजिस्ट्रेशन कब से हुआ है यदि यह पहले से ही आतंकवादी संस्थाओं से जुड़ी हुई थी तो आप इतने वर्षों से क्या कर रहे थे। आज यह सवाल सामने है? उन्होंने कहा कि एजेंसियों को जो सबूत मिले हैं, उनको जनता के सामने रखा जाना चाहिए। सबूत बनावटी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं हो सकता कि एक संगठन पर बैन लगाओ और दूसरे को छोड़ दो। पीएफआई के खिलाफ मिले सबूत को जनता के सामने रखना चाहिए।
बता दें, भारत सरकार ने कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की आतंकी फंडिंग व अन्य गतिविधियों के चलते भारत में पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है। यूएपीए एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है। PFI एक कट्टरपंथी संगठन है। 2017 में NIA ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। NIA जांच में इस संगठन के कथित रूप से हिंसक और आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने की बात आई थी। NIA के डोजियर के मुताबिक यह संगठन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
कमलनाथ ने कहा कि आज आतंकवाद बड़े खतरे की बात है। आम जनता को तो सुरक्षा चाहिए। यदि इतने वर्षों से पीएफआई की गतिविधियां चल रही थी। यह सरकार का इंटेलिजेंस फेलियर है। आप इतने वर्षों से क्या कर रहे थे। कमलनाथ ने कहा कि पीएफआई कोई आज तो पैदा नहीं हुई। इसका रजिस्ट्रेशन कब से हुआ है यदि यह पहले से ही आतंकवादी संस्थाओं से जुड़ी हुई थी तो आप इतने वर्षों से क्या कर रहे थे। आज यह सवाल सामने है? उन्होंने कहा कि एजेंसियों को जो सबूत मिले हैं, उनको जनता के सामने रखा जाना चाहिए। सबूत बनावटी नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अब ऐसा नहीं हो सकता कि एक संगठन पर बैन लगाओ और दूसरे को छोड़ दो। पीएफआई के खिलाफ मिले सबूत को जनता के सामने रखना चाहिए।
विज्ञापन
बता दें, भारत सरकार ने कट्टरपंथी इस्लामी संगठन पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) की आतंकी फंडिंग व अन्य गतिविधियों के चलते भारत में पांच साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया है। गृह मंत्रालय की ओर से इसके लिए अधिसूचना (नोटिफिकेशन) भी जारी कर दी गई है। यूएपीए एक्ट के तहत इस संगठन पर प्रतिबंध लगाया गया है। PFI एक कट्टरपंथी संगठन है। 2017 में NIA ने गृह मंत्रालय को पत्र लिखकर इस संगठन पर प्रतिबंध लगाने की मांग की थी। NIA जांच में इस संगठन के कथित रूप से हिंसक और आतंकी गतिविधियों में लिप्त होने की बात आई थी। NIA के डोजियर के मुताबिक यह संगठन राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा माना गया।
विज्ञापन
