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मुख्यमंत्री कमलनाथ के स्विट्जरलैंड दौरे पर खर्च हुए 1.58 करोड़ रुपये, आरटीआई में हुआ खुलासा
Wed, 24 Apr 2019 02:15 PM IST
Priyesh Mishra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Priyesh Mishra
Updated Wed, 24 Apr 2019 02:15 PM IST
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दावोस में मुख्यमंत्री कमलनाथ
- फोटो : Social Media
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मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और तीन अन्य अधिकारियों के जनवरी 2019 में हुए स्विट्जरलैंड दौरे पर रहने की व्यवस्था के लिए राज्य सरकार ने 1.58 करोड़ रुपये खर्च किया था। इसका खुलासा एक आरटीआई में हुआ है।
मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अशोक बर्णवाल और राज्य सरकार के औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रधान सचिव मोहम्मद सुलेमान के साथ जनवरी 2019 को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस गए थे। आरटीआई दस्तावेजों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने दावोस में एक्जिक्यूटिव बिजनेस लाउंज में भाग लिया था।
इस दौरे का उद्देश्य भारत में मध्यप्रदेश को संभावित निवेश गंतव्यों के रूप में स्थापित करना था। जिसके लिए टीम ने वहां संभावित निवेशकों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं आदि के साथ बातचीत की। आरटीआई मे कहा गया कि अगर यह यात्रा नहीं की जाती तो मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर को राज्य सरकार खो देती।
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एंटी करप्शन एक्टिविस्ट अजय दूबे की आरटीआई के जवाब में सरकार ने कहा कि इस दौरे पर लगभग 1.58 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए आवश्यक अनुमोदन दिया गया था।
इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई (कंफेडेरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) मध्यप्रदेश का प्रतिनिधि भी शामिल थे। इसके लिए राज्य सरकार ने 1 करोड़ 57 लाख 85 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी दी थी। इसमें उनके फ्लाइट के टिकट और रहने के खर्च शामिल थे।
आरटीआई में इन खर्चों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा गया है कि दावोस के लिए हवाई टिकट और वीजा खर्च के लिए 30 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। होटल में ठहरने और मीटिंग रूम के लिए 45 लाख रुपये, स्विट्जरलैंड में स्थानीय परिवहन के लिए 9.5 लाख रुपये, ज्यूरिख हवाई अड्डे पर वीआईपी लाउंज में रुकने के लिए दो लाख रुपये, यात्रा बीमा पर 50 हजार रुपये और औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) लाउंज भागीदारी शुल्क और प्रचार सामग्री पर 40 लाख रुपये खर्च किए गए।
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मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रदेश के मुख्य सचिव एसआर मोहंती, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अशोक बर्णवाल और राज्य सरकार के औद्योगिक नीति और निवेश प्रोत्साहन विभाग के प्रधान सचिव मोहम्मद सुलेमान के साथ जनवरी 2019 को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में भाग लेने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस गए थे। आरटीआई दस्तावेजों के अनुसार, मध्य प्रदेश सरकार के प्रतिनिधिमंडल ने दावोस में एक्जिक्यूटिव बिजनेस लाउंज में भाग लिया था।
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इस दौरे का उद्देश्य भारत में मध्यप्रदेश को संभावित निवेश गंतव्यों के रूप में स्थापित करना था। जिसके लिए टीम ने वहां संभावित निवेशकों, शिक्षाविदों और नीति निर्माताओं आदि के साथ बातचीत की। आरटीआई मे कहा गया कि अगर यह यात्रा नहीं की जाती तो मध्यप्रदेश में निवेश के अवसर को राज्य सरकार खो देती।
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एंटी करप्शन एक्टिविस्ट अजय दूबे की आरटीआई के जवाब में सरकार ने कहा कि इस दौरे पर लगभग 1.58 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए आवश्यक अनुमोदन दिया गया था।
इसके अलावा यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस प्रतिनिधिमंडल में सीआईआई (कंफेडेरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री) मध्यप्रदेश का प्रतिनिधि भी शामिल थे। इसके लिए राज्य सरकार ने 1 करोड़ 57 लाख 85 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति भी दी थी। इसमें उनके फ्लाइट के टिकट और रहने के खर्च शामिल थे।
आरटीआई में इन खर्चों के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा गया है कि दावोस के लिए हवाई टिकट और वीजा खर्च के लिए 30 लाख रुपये का भुगतान किया गया था। होटल में ठहरने और मीटिंग रूम के लिए 45 लाख रुपये, स्विट्जरलैंड में स्थानीय परिवहन के लिए 9.5 लाख रुपये, ज्यूरिख हवाई अड्डे पर वीआईपी लाउंज में रुकने के लिए दो लाख रुपये, यात्रा बीमा पर 50 हजार रुपये और औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (डीआईपीपी) लाउंज भागीदारी शुल्क और प्रचार सामग्री पर 40 लाख रुपये खर्च किए गए।
