मध्यप्रदेश: राज्यपाल ने सिंधिया समर्थक छह मंत्रियों को हटाया, विधायकों का भोपाल आना टला
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मध्यप्रदेश में जारी सियासी संकट के बीच प्रदेश के राज्यपाल लालजी टंडन ने मुख्यमंत्री कमलनाथ की सिफारिश पर 6 मंत्रियों (इमरती देवी, तुलसी सिलावट, गोविंद सिंह राजपूत, महेंद्र सिंह सिसोदिया, परद्युम्न सिंह तोमर और डॉ. प्रभुराम चौधरी) को मंत्रिमंडल से हटा दिया है। वहीं दूसरी ओर बंगलूरू में मौजूद कांग्रेस विधायकों का शुक्रवार को भोपाल आना टल गया।
Madhya Pradesh Governor Lalji Tandon (in file pic) expels 6 ministers (Imarti Devi, Tulsi Silawat, Govind Singh Rajput, Mahendra Singh Sisodia, Pardyuman Singh Tomar and Dr Prabhuram Chaudhary) from Cabinet on recommendation of Chief Minister Kamal Nath. pic.twitter.com/P30a6FlFat
— ANI (@ANI) March 13, 2020विज्ञापन
बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़कर भाजपा में जाने के बाद राजनीतिक हालात और तेजी से बदल रहे हैं। ऐसे में दोनों ही पार्टी के कार्यकर्ता कतई पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। कुछ ऐसा ही नजारा शुक्रवार को भोपाल एयरपोर्ट पर देखने को मिला। इसके बाद जिलाधिकारी ने धारा 144 लागू कर दी।
Madhya Pradesh: Section 144 of the Criminal Procedure Code (CrPC) imposed at Bhopal airport after supporters of Congress and BJP gathered at the airport today. pic.twitter.com/6L96LOpwhZ
— ANI (@ANI) March 13, 2020
दरअसल, बंगलूरू से कांग्रेस विधायकों के भोपाल लौटने की योजना की भनक लगने पर भाजपा और कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ताओं के भारी संख्या में एयरपोर्ट के पास जुटे थे। ऐसे में स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिहाज से धारा 144 लागू कर दी गई।
मध्यप्रदेश की सियासत के हालात
- 228 सदस्यों की है मध्य प्रदेश विधानसभा
- 114 विधायक थे बगावत से पहले कांग्रेस के
- 07 विधायकों का बाहरी समर्थन था उसके पास
- 22 विधायकों के इस्तीफे पर 206 होगी सदस्यता
- 104 पर सिमट जाएगा बहुमत का आंकड़ा
- 92 विधायक रह जाएंगे कांग्रेस के पास अपने
- 107 विधायक हैं भाजपा के विधानसभा में
- 07 बाहरी विधायकों का समर्थन भी भाजपा को मिलना संभव
बंगलूरू से आने की यह थी योजना
बंगलूरू के एक होटल में ठहरे कांग्रेस विधायकों ने भोपाल लौटने के लिए बाकायदा एक योजना बनाई थी, जो शुक्रवार को अंतिम समय में टला दी गई। योजना के अनुसार कुछ विधायकों को शुक्रवार शाम को भोपाल एयरपोर्ट पर उतरना था। इसके लिए वह बंगलूरू एयरपोर्ट पर पहुंच भी गए थे।
ज्योतिरादित्य सिंधिया के करीबी और हाल ही में भाजपा की सदस्यता लेने वाले पंकज चतुर्वेदी ने बताया कि आखिरी समय में विधायकों से भोपाल एयरपोर्ट के बाहर भारी संख्या में हाथों में लाठी लिए खड़े कार्यकर्ताओं को देखते हुए कहा गया कि सुरक्षा के लिहाज से भोपाल नहीं आएं। इसी बीच कुछ टीवी चैनलों पर बंगलूरू एयरपोर्ट पर अपनी फ्लाइट का इंतजार करते हुए विधायकों की वीडियो फुटेज जरूर दिखाई गई।
बता दें कि कांग्रेस के 22 विधायकों ने पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कांग्रेस छोड़ने के बाद इस्तीफा दे दिया था। इनमें से 19 विधायक बंगलूरू में ही ठहरे हुए हैं। विधायकों के इस्तीफों के बाद मुख्यमंत्री कमलनाथ की 15 महीने पुरानी सरकार इस समय संकट के दौर से गुजर रही है।
