फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   MP: Disappearance of minor girls raises concern; over 36,000 cases in three years.

एमपी: नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी ने बढ़ाई चिंता: तीन साल में 36 हजार से ज्यादा मामले; दिल्ली तक पहुंचा मामला

Sun, 20 Sep 2026 11:40 AM IST
कटनी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कटनी Published by: कटनी ब्यूरो Updated Sun, 20 Sep 2026 11:40 AM IST
सार

मध्यप्रदेश में तीन साल में 36 हजार 303 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले सामने आए। कटनी के अधिवक्ता ने विशेष अभियान की मांग की। शिकायत पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के गृह सचिव से कार्रवाई के निर्देश दिए।

विज्ञापन
MP: Disappearance of minor girls raises concern; over 36,000 cases in three years.
सांकेतिक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश में नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी के आंकड़े चिंता बढ़ाने वाले हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023 से 2025 के बीच प्रदेश में 36 हजार 303 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले दर्ज हुए। इन आंकड़ों के आधार पर वर्ष 2025 में हर दिन औसतन 36 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले सामने आए। मामले को लेकर कटनी के अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से पत्राचार कर दो माह का विशेष अभियान चलाकर लापता बच्चियों की तलाश कराने की मांग की है। अधिवक्ता की शिकायत पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश के गृह सचिव को पत्र जारी कर मामले में कार्रवाई और निवारण के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन


सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2023 में मध्यप्रदेश में 11 हजार 250 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 11 हजार 907 हो गई, जबकि वर्ष 2025 में 13 हजार 146 मामले दर्ज किए गए। तीनों वर्षों का आंकड़ा जोड़ने पर यह संख्या 36 हजार 303 पहुंचती है। वर्ष 2023 में रोजाना औसतन 30 से ज्यादा, 2024 में करीब 32 और 2025 में करीब 36 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले दर्ज हुए।
विज्ञापन


भोपाल में भी सामने आए चिंताजनक आंकड़े
राजधानी भोपाल में भी नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी के मामले सामने आए हैं। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2023 में भोपाल से 616 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले दर्ज हुए थे। वर्ष 2024 में यह संख्या बढ़कर 721 हो गई, जबकि वर्ष 2025 में 631 मामले दर्ज किए गए। इस तरह तीन वर्षों में भोपाल से कुल 1 हजार 968 नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले सामने आए। यानी औसतन हर दिन करीब दो बच्चियों के लापता होने के मामले दर्ज हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढे़ं: 15 से ज्यादा डीएसपी हो सकते हैं पदावनत, पीएचक्यू खंगालेगा 250 अफसरों के रिकॉर्ड

इन्हीं आंकड़ों और मीडिया रिपोर्ट्स को आधार बनाकर कटनी के अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में मांग की गई कि लापता नाबालिग बच्चियों की तलाश के लिए सरकार दो माह का विशेष अभियान चलाए। साथ ही अभियान के दौरान बेहतर काम करने वाले तीन अधिकारियों को मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित किए जाने की मांग भी की गई। अधिवक्ता की शिकायत पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के महिला सुरक्षा विभाग ने मध्यप्रदेश के गृह सचिव को पत्र जारी किया है। मंत्रालय ने राज्य सरकार से मामले में आवश्यक कार्रवाई और निवारण के निर्देश दिए हैं।

अधिवक्ता अवनीश तिवारी का कहना है कि जब प्रदेश की राजधानी भोपाल में ही तीन वर्षों के दौरान करीब दो हजार नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले सामने आए हैं, तो पूरे प्रदेश की स्थिति को लेकर गंभीर निगरानी और प्रभावी कार्रवाई की जरूरत है।

अधिवक्ता ने क्या कहा?
अधिवक्ता अवनीश तिवारी ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि हर दिन नाबालिग बच्चियों का लापता होना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्रालय को जीमेल के माध्यम से और प्रधानमंत्री कार्यालय की हेल्पलाइन के जरिए भी ध्यान आकर्षित कराया था। उन्होंने कहा कि सरकार को सख्त कदम उठाते हुए दो माह का विशेष अभियान चलाना चाहिए, ताकि घर से लापता हुई बच्चियों को जल्द से जल्द उनके परिवारों तक पहुंचाया जा सके। उनके मुताबिक, शिकायत को संज्ञान में लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने मध्यप्रदेश के गृह सचिव और पुलिस महानिदेशक से पत्राचार किया है।


कटनी पुलिस का दावा- 123 प्रतिशत से ज्यादा रही रिकवरी
पूरे मामले पर कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि कटनी जिले से भी हर साल बड़ी संख्या में नाबालिग बच्चियों के लापता होने के मामले सामने आते हैं। पुलिस ऐसे मामलों में जल्द कार्रवाई करते हुए अपहरण की धाराओं में प्रकरण दर्ज करती है। एसपी के मुताबिक, वर्ष 2024 से अगस्त 2026 तक कटनी में कुल 724 नाबालिग बच्चियों की गुमशुदगी के मामले सामने आए। इस अवधि में पुलिस ने 894 बच्चियों को दस्तयाब किया। उनके अनुसार, इस आधार पर रिकवरी दर 123.48 प्रतिशत रही। रिकवरी का आंकड़ा दर्ज गुमशुदगी के मामलों से अधिक होने की वजह यह है कि इसमें पिछले वर्षों के लंबित मामलों में दस्तयाबी भी शामिल हो सकती है। एसपी ने बताया कि बच्चियों की दस्तयाबी में बेहतर काम करने वाले पुलिसकर्मियों को प्रमाण पत्र देकर उनका उत्साहवर्धन भी किया जाता है।

अब सवाल यह है कि वर्ष 2023 से 2025 के बीच लापता हुईं 36 हजार 303 नाबालिग बच्चियों में से कितनी बच्चियां अपने घर वापस पहुंचीं और कितने मामले अब भी लंबित हैं? साथ ही, लगातार सामने आ रहे गुमशुदगी के मामलों को रोकने और लापता बच्चियों की तलाश तेज करने के लिए राज्य सरकार और पुलिस की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed