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मिश्रा की जुबान फिसली: मप्र के गृह मंत्री बोले- बालासाहब ने औरंगजेब से शिवसेना को सींचा, फिर सुधारा- आत्मगौरव से सींचा
Mon, 24 Jan 2022 01:59 PM IST
रवींद्र भजनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: रवींद्र भजनी
Updated Mon, 24 Jan 2022 01:59 PM IST
सार
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा की जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि बाला साहब ठाकरे ने औरंगजेब से शिवसेना को सींचा। बाद में सुधार करते हुए कहा कि औरंगजेब की जगह आत्मगौरव सही शब्द है।
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मध्य प्रदेश के गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा पत्रकारों को संबोधित करते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा शिवसेना के पितृपुरुष बालासाहब ठाकरे को श्रद्धांजलि दे रहे थे और उनकी जुबान फिसल गई। उन्होंने कहा कि ठाकरे ने औरंगजेब से शिवसेना को सींचा है, उस पर उद्धव ठाकरे सवाल उठा रहे हैं। बाद में सुधार करते हुए कहा कि औरंगजेब की जगह आत्मगौरव सही शब्द है।
मिश्रा पत्रकारों से बातचीत के दौरान बालासाहब ठाकरे को श्रद्धांजलि देते समय लिखा हुआ भाषण पढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि बालासाहब ठाकरे ने शिवसेना को औरंगजेब से सींचा। इस दौरान वे औरंगजेब शब्द पर ठिठके भी। बाद में सुधार किया और कहा कि आत्मगौरव शब्द होना चाहिए। बाला साहब ठाकरे ने आत्मगौरव से शिवसेना को सींचा और अब उनके ही बेटे उद्धव उनके फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। आज बेटे ने पिता के निर्णय पर इस तरह का सवाल उठाए हैं। हमारी संस्कृति में हम देखते हैं जिस आत्मगौरव से ठाकरेजी ने शिवसेना को पुष्पित और पल्लवित किया था, आज उद्धव ठाकरे उसी पर सवाल उठा रहे हैं। शिवसेना के लोगों को अपने वर्तमान नेतृ्त्व पर विचार करना चाहिए। जिन लोगों से ठाकरे जी अपनी जिंदगीभर लड़े, चाहे वह कांग्रेस के लोग हो, या तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले लोग, उन सभी से कुर्सी के मोह में उद्धव जी ने समझौता कर लिया। यह घटनाएं ठाकरे जी की आत्मा को कचोटती होंगी।
दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस को खत्म करने की सुपारी ले रखी है
मिश्रा ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर फिर निशाना साधा है। दिग्विजय सिंह ने सोमवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस के हिंदुत्व विचारों पर ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि वे गोलवलकर और मोहम्मद अली जिन्ना के विचारों के विरोधी थे। इस पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस को खत्म करने की सुपारी ली है। दिग्विजय सिंह मुस्तफा और पंजाब के डीजीपी पर कुछ नहीं बोलेंगे। इन मुद्दों पर कभी नहीं बोलेंगे। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच परस्पर अविश्वास है। सीएम से उन्हें डेढ़ महीने बाद तो समय मिला और कमलनाथ ने उनके किए कराए पर पानी फेर दिया। उन्हें जैसे तैसे समय मिला था तो आप साथ हो लिए।
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मिश्रा पत्रकारों से बातचीत के दौरान बालासाहब ठाकरे को श्रद्धांजलि देते समय लिखा हुआ भाषण पढ़ रहे थे। उन्होंने कहा कि बालासाहब ठाकरे ने शिवसेना को औरंगजेब से सींचा। इस दौरान वे औरंगजेब शब्द पर ठिठके भी। बाद में सुधार किया और कहा कि आत्मगौरव शब्द होना चाहिए। बाला साहब ठाकरे ने आत्मगौरव से शिवसेना को सींचा और अब उनके ही बेटे उद्धव उनके फैसलों पर सवाल उठा रहे हैं। आज बेटे ने पिता के निर्णय पर इस तरह का सवाल उठाए हैं। हमारी संस्कृति में हम देखते हैं जिस आत्मगौरव से ठाकरेजी ने शिवसेना को पुष्पित और पल्लवित किया था, आज उद्धव ठाकरे उसी पर सवाल उठा रहे हैं। शिवसेना के लोगों को अपने वर्तमान नेतृ्त्व पर विचार करना चाहिए। जिन लोगों से ठाकरे जी अपनी जिंदगीभर लड़े, चाहे वह कांग्रेस के लोग हो, या तुष्टिकरण की राजनीति करने वाले लोग, उन सभी से कुर्सी के मोह में उद्धव जी ने समझौता कर लिया। यह घटनाएं ठाकरे जी की आत्मा को कचोटती होंगी।
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दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस को खत्म करने की सुपारी ले रखी है
मिश्रा ने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर फिर निशाना साधा है। दिग्विजय सिंह ने सोमवार को नेताजी सुभाषचंद्र बोस के हिंदुत्व विचारों पर ट्वीट किया था। इसमें उन्होंने कहा था कि वे गोलवलकर और मोहम्मद अली जिन्ना के विचारों के विरोधी थे। इस पर नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने कांग्रेस को खत्म करने की सुपारी ली है। दिग्विजय सिंह मुस्तफा और पंजाब के डीजीपी पर कुछ नहीं बोलेंगे। इन मुद्दों पर कभी नहीं बोलेंगे। मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस नेता कमलनाथ और दिग्विजय सिंह के बीच परस्पर अविश्वास है। सीएम से उन्हें डेढ़ महीने बाद तो समय मिला और कमलनाथ ने उनके किए कराए पर पानी फेर दिया। उन्हें जैसे तैसे समय मिला था तो आप साथ हो लिए।
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