Mahashivratri: महाशिवरात्रि पर उमड़ेगा श्रद्धालुओं का सैलाब, महेश्वर में 2 लाख से अधिक लोगों के आने की संभावना
Maheshwar: मां नर्मदा तट स्थित महेश्वर घाट पर लाइट एंड साउंड शो महाशिवरात्रि पर विशेष आकर्षण रहेगा। लगभग दो लाख श्रद्धालुओं की संभावित उपस्थिति के बीच सहस्त्रधारा श्री दत्त मंदिर में तीन दिवसीय महोत्सव, रुद्राभिषेक, शोभायात्रा और भजन कार्यक्रम होंगे।
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मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित महेश्वर घाट इन दिनों धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गौरव और आधुनिक तकनीक के अद्भुत संगम का साक्षी बन रहा है। 22 नवंबर 2025 को शुभारंभ हुए महेश्वर घाट लाइट एंड साउंड शो ने अल्प समय में ही प्रदेश के प्रमुख आकर्षणों में अपनी पहचान बना ली है। उद्घाटन के बाद से यह शो प्रतिदिन नियमित रूप से आयोजित किया जा रहा है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक इसका आनंद ले रहे हैं।
विशेष रूप से आगामी 15 फरवरी को महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर महेश्वर घाट पर लगभग 2 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना व्यक्त की जा रही है। इस दिन भगवान शिव की आराधना, नर्मदा स्नान और विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ शाम को आयोजित होने वाला लाइट एंड साउंड शो श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। अनुमान है कि हजारों लोग इस भव्य शो के साक्षी बनेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा वातावरण रहेगा।
लाइट एंड साउंड शो की खासियत इसकी भव्य प्रकाश व्यवस्था, अत्याधुनिक ध्वनि तकनीक और महेश्वर के गौरवशाली इतिहास की प्रभावशाली प्रस्तुति है। जैसे ही शाम ढलती है और घाट की ऐतिहासिक इमारतें रोशनी से जगमगा उठती हैं, पूरा परिसर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक ऊर्जा से भर जाता है। शो के माध्यम से महेश्वर की ऐतिहासिक धरोहर, धार्मिक परंपराओं और माँ नर्मदा के महत्व को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया जाता है, जो दर्शकों को भाव-विभोर कर देता है।
इस आयोजन का सकारात्मक प्रभाव केवल धार्मिक और सांस्कृतिक क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका सीधा लाभ स्थानीय लोगों की आजीविका पर भी पड़ा है। शो के नियमित संचालन के बाद से घाट पर लगने वाली छोटी-छोटी दुकानों, प्रसाद विक्रेताओं, हस्तशिल्प व्यापारियों, चाय-नाश्ते के स्टॉल और अन्य स्थानीय व्यवसायों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि पहले जहां सीमित संख्या में लोग शाम के समय आते थे, वहीं अब प्रतिदिन सैकड़ों-हजारों की संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं, जिससे उनकी बिक्री कई गुना बढ़ गई है।
महाशिवरात्रि जैसे बड़े पर्व पर तो यह वृद्धि और भी अधिक देखने को मिलती है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालु घाट के आसपास स्थित दुकानों से खरीदारी करते हैं, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है। इस प्रकार लाइट एंड साउंड शो धार्मिक आस्था के साथ-साथ क्षेत्र के आर्थिक विकास का भी माध्यम बन गया है। स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के नए अवसर प्राप्त हो रहे हैं, जिससे क्षेत्र में सकारात्मक परिवर्तन दिखाई दे रहा है।
एक और महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि यह लाइट एंड साउंड शो सभी श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए पूर्णतः निःशुल्क आयोजित किया जा रहा है। नि:शुल्क होने के कारण अधिक से अधिक लोग बिना किसी आर्थिक बोझ के इस भव्य प्रस्तुति का आनंद ले पा रहे हैं। यह पहल न केवल सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण की दिशा में सराहनीय कदम है, बल्कि पर्यटन को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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कुल मिलाकर, महेश्वर घाट का लाइट एंड साउंड शो महाशिवरात्रि के अवसर पर आस्था, भव्यता और स्थानीय समृद्धि का प्रतीक बनकर उभरा है। यह आयोजन दर्शाता है कि आधुनिक तकनीक के माध्यम से धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों को नई पहचान दी जा सकती है, साथ ही स्थानीय लोगों की आय और क्षेत्रीय विकास को भी गति प्रदान की जा सकती है।
सहस्त्रधारा श्री दत्त मंदिर में 14 से तीन दिवसीय महाशिवरात्रि महोत्सव
यह आयोजन परम पूज्य विश्व चैतन्य सद्गुरु श्री श्री श्री नारायण महाराज गुरुजी (आण्णा) के आशीर्वाद एवं परम पूज्य श्री टेंबे स्वामी जी महाराज के मार्गदर्शन में होगा। 14 फरवरी को (पहले दिन )सुबह 8 बजे मां नर्मदा का अभिषेक, 9:30 बजे आती तथा 10:30 से 12:30 बजे तक हवन होगा। दोपहर में आरती के बाद महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा। बता दें कि इसी दिन भवानी माता चौक महेश्वर से श्री राजराजेश्वर मंदिर तक भव्य शोभायात्रा निकलेगी। रात्रि में भजन, प्रवचन, पालखी प्रदक्षिणा एवं शयन आरती का आयोजन होगा।
15 फरवरी को (दूसरे दिन ) महाशिवरात्रि को सुबह 4 से 6 बजे तक रुद्राभिषेक, 10:30 बजे पालकी शोभायात्रा निकलेगी जो मंदिर से सहस्त्रधारा तक जाएगी तथा नर्मदा तट पर नंदी, दत्त पादुका एवं नर्मदा अभिषेक किया जाएगा। दोपहर में स्वामी जी के प्रवचन एवं अतिथियों का स्वागत-सत्कार होगा। इसके बाद रात 8:30 से 12 बजे तक भजन संध्या तथा 12:30 से 2 बजे तक शिवजी का रुद्राभिषेक होगा। विशेष रूप से श्री टेंबे स्वामी जी महाराज की उपस्थिति में भव्य पालखी शोभायात्रा निकाली जाएगी। 16 फरवरी को (तीसरे और अंतिम दिन) सोमवार को सुबह आरती, पूर्णाहुति हवन एवं भंडारे के साथ महोत्सव का समापन होगा।
