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Madhya Pradesh Weather Update: मध्यप्रदेश में बारिश होने का अनुमान, बिगड़ सकता है मौसम का मिजाज
Thu, 24 Dec 2020 07:12 PM IST
कुमार संभव
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: कुमार संभव
Updated Thu, 24 Dec 2020 07:12 PM IST
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मौसम
- फोटो : अमर उजाला
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देश के मैदानी इलाकों में कड़ाके की सर्दी पड़ने लगी है। इस बीच मौसम वैज्ञानिकों ने अनुमान जताया है कि साल बीतने से पहले एक बार फिर मौसम का मिजाज बिगड़ने का अनुमान जाहिर किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि एक-दो दिन में बारिश हो सकती है, जिसके बाद सर्दी बढ़ने का अनुमान है। मौसम विज्ञानियों के मुताबिक, उत्तर भारत में एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय है। इसके अलावा एक और पश्चिमी विक्षोभ 26 दिसंबर को उत्तर भारत में दाखिल हो सकता है, जिससे पहाड़ी इलाकों में जबरदस्त बर्फबारी होने का अनुमान है।
वरिष्ठ मौसम विज्ञानिकों ने बताया कि इस वक्त एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। उसके प्रभाव से हवा का रुख उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में हो रहा है। इस वजह से दिन और रात के तापमान में इजाफा हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 26 दिसंबर को एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत पहुंच सकता है, जिससे उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी होने लगेगी। साथ ही, इसकी वजह से प्रति चक्रवात या प्रेरित चक्रवात बन सकता है। इससे हवा का रुख बदलकर दक्षिण-पूर्वी भी हो सकता है। ऐसे में नमी आने के कारण बादल छाने लगेंगे।
इस दौरान मध्य प्रदेश में भी बरसात होने का अनुमान है। इसके बाद 28 दिसंबर को हवा का रुख उत्तर दिशा की ओर होने लगेगा, जिससे 29 दिसंबर से भोपाल सहित मध्यप्रदेश के अधिकांश शहरों के न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है। इससे ठंड बढ़ने लगेगी। मौसम वैज्ञाानिकों ने बताया कि 31 दिसंबर तक मध्यप्रदेश के कई शहरों में शीतलहर चल सकती है। इससे पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ जाएगी।
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बता दें कि सीजन में सबसे अधिक ठंड दिसंबर और जनवरी माह में ही पड़ती है। इस साल अब तक सबसे कम न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दतिया और उमरिया में दर्ज किया जा चुका है। अब हवा के रुख में हुए बदलाव से न्यूनतम तापमान में भी इजाफा होने लगा है। इसके चलते 23 दिसंबर को प्रदेश में सबसे कम तापमान पांच डिग्री उमरिया और मंडला में दर्ज किया गया।
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वरिष्ठ मौसम विज्ञानिकों ने बताया कि इस वक्त एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत और आसपास के इलाकों में सक्रिय है। उसके प्रभाव से हवा का रुख उत्तर और उत्तर-पूर्व दिशा में हो रहा है। इस वजह से दिन और रात के तापमान में इजाफा हो रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 26 दिसंबर को एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत पहुंच सकता है, जिससे उत्तर भारत के पहाड़ों पर बर्फबारी होने लगेगी। साथ ही, इसकी वजह से प्रति चक्रवात या प्रेरित चक्रवात बन सकता है। इससे हवा का रुख बदलकर दक्षिण-पूर्वी भी हो सकता है। ऐसे में नमी आने के कारण बादल छाने लगेंगे।
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इस दौरान मध्य प्रदेश में भी बरसात होने का अनुमान है। इसके बाद 28 दिसंबर को हवा का रुख उत्तर दिशा की ओर होने लगेगा, जिससे 29 दिसंबर से भोपाल सहित मध्यप्रदेश के अधिकांश शहरों के न्यूनतम तापमान में तेजी से गिरावट आ सकती है। इससे ठंड बढ़ने लगेगी। मौसम वैज्ञाानिकों ने बताया कि 31 दिसंबर तक मध्यप्रदेश के कई शहरों में शीतलहर चल सकती है। इससे पाला पड़ने की आशंका भी बढ़ जाएगी।
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बता दें कि सीजन में सबसे अधिक ठंड दिसंबर और जनवरी माह में ही पड़ती है। इस साल अब तक सबसे कम न्यूनतम तापमान तीन डिग्री सेल्सियस दतिया और उमरिया में दर्ज किया जा चुका है। अब हवा के रुख में हुए बदलाव से न्यूनतम तापमान में भी इजाफा होने लगा है। इसके चलते 23 दिसंबर को प्रदेश में सबसे कम तापमान पांच डिग्री उमरिया और मंडला में दर्ज किया गया।
