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Madhya Pradesh: कुख्यात डकैत रहे मलखान सिंह की पत्नी निर्विरोध चुनी गईं सरपंच, सिनगयाई पंचायत के लोगों को विकास की उम्मीद

Wed, 08 Jun 2022 03:30 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुना Published by: दिनेश शर्मा Updated Wed, 08 Jun 2022 03:30 PM IST
सार

गुना जिले की आरोन इलाके की सिनगयाई पंचायत में पूर्व डकैत मलखान सिंह की पत्नी ललिता राजपूत ने सरपंच पद के लिए नामांकन भरा था, लेकिन गांव वालों ने एकजुट होकर मलखान सिंह की पत्नी को निर्विरोध सरपंच चुन लिया है। 

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Madhya Pradesh: The wife of infamous dacoit Malkhan Singh was elected unopposed as sarpanch, people of Singayai Panchayat hope for development
सिनगयाई पंचायत में मलखान सिंह की पत्नी ललिता राजपूत निर्विरोध सरपंच चुनी गई हैं। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य प्रदेश का चंबल इलाका डाकुओं के खौफ के लिए जाना जाता था। वहां का एक बड़ा नाम बनकर रहे मलखान सिंह अब राजनीति में सक्रिय हैं। सिनगयाई पंचायत में मलखान सिंह की पत्नी ललिता राजपूत निर्विरोध सरपंच चुनी गई हैं।
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जानकारी के अनुसार गुना जिले की आरोन इलाके की सिनगयाई पंचायत में पूर्व बागी मलखान सिंह की पत्नी ललिता राजपूत ने सरपंच पद के लिए नामांकन भरा था, लेकिन गांव वालों ने एकजुट होकर मलखान सिंह की पत्नी को निर्विरोध सरपंच चुन लिया है। ललिता राजपूत ने बताया कि पिछले 20 साल से गांव में विकास नहीं हो पाया है, सड़क से लेकर पानी तक कोई व्यवस्था नहीं है। अब मेरी जिम्मेदारी है कि मैं गांव को एक बेहतर आदर्श गांव के रूप में विकसित करूंगी। बता दें गुना जिले की आरोन इलाके की सिनगयाई ग्राम पंचायत एक ऐसी पंचायत है, जिसमें अभी तक सरपंच और सभी पंच महिलाएं हैं।
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मलखान सिंह ने कहा गांव में शुरू से ही बिजली, सड़क और पानी की समस्या है, लेकिन अब ग्रामीणों की भरोसे पर गांव में विकास कराया जाएगा। इसके साथ ही सबसे बड़ी बात यह है कि गांव में किसी भी कीमत पर कोई भ्रष्टाचार नहीं होने देंगे और इसके साथ ही गांव में किसी तरह का कोई झगड़ा और आपसी रंजिश नहीं होने देंगे।
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गौरतलब है कि चंबल के बीहड़ में 80 के दशक में डाकू मलखान सिंह का बोलबाला था। 80 के दशक में लगभग एक लाख के इनामी मलखान सिंह पर एक सैकड़ा से अधिक हत्या, हत्या के प्रयास और अपहरण, लूट के मामले दर्ज हुए। 1982 में मलखान सिंह और उनकी गैंग ने आत्मसमर्पण कर दिया। मलखान सिंह 6 साल तक जेल में रहे और 1989 में सभी मामलों में बरी करके रिहा कर दिया गया। जेल से छूटने के बाद मलखान सिंह राजनीति में सक्रिय हो गए और वे लगातार सरकार के खिलाफ और नेताओं के खिलाफ बयानबाजी करते रहते हैं।
 
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