{"_id":"5d93bac08ebc3e93a76ff7d5","slug":"madhya-pradesh-honey-trap-case-an-accused-woman-slit-her-wrist","type":"story","status":"publish","title_hn":"मध्यप्रदेश: हनी ट्रैप मामले की आरोपी महिला ने काटी कलाई, पुलिस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मध्यप्रदेश: हनी ट्रैप मामले की आरोपी महिला ने काटी कलाई, पुलिस पर लगाया प्रताड़ना का आरोप
Wed, 02 Oct 2019 02:14 AM IST
संदीप भट्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: संदीप भट्ट
Updated Wed, 02 Oct 2019 02:14 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश के चर्चित हनी ट्रैप व ब्लैकमेलिंग रैकेट चलाने के मामले में पकड़ी गईं पांच में से एक आरोपी महिला द्वारा पुलिस हिरासत में कांच से कलाई काट लेने का मामला सामने आया है। पीड़िता के वकील ने पुलिस की प्रताड़ना से तंग आकर अपनी मुवक्किल द्वारा यह कदम उठाने का आरोप लगाया है, लेकिन जिला अभियोजन अधिकारी ने किसी भी महिला के घायल होने से इनकार करते हुए इसे दबाव बनाने की रणनीति करार दिया है। उधर, अदालत ने पांचों महिला आरोपियों को न्यायिक हिरासत में 14 अक्तूबर तक जेल भेजने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
पुलिस ने रिमांड पूरा होने के बाद श्वेता स्वप्निल जैन (48), श्वेता विजय जैन (39), आरती दयाल (29), मोनिका यादव (19) और बरखा सोनी (34) को मंगलवार को जुडिशियिल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (जेएमएफसी) मनीष भट्ट की अदालत में पेश किया था।
विज्ञापन
अदालत ने पांचों को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत के बाहर श्वेता विजय जैन के वकील धर्मेंद्र गुर्जर ने मीडिया के सामने आरोप लगाया कि पूछताछ के दौरान पुलिस ने उनकी मुवक्किल के साथ बुरी तरह मारपीट की है।
विज्ञापन
वकील ने आरोप लगाया कि श्वेता को पुलिस ने मानसिक रूप से भी इतना उत्पीड़ित किया है कि उसने बाथरूम में शीशे से अपनी कलाई काटकर जान देने की कोशिश की है। वकील ने दावा किया कि पुलिस के पास कथित हनी ट्रैप मामले में कोई भी ठोस सबूत नहीं है। वास्तव में यह मामला पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया है।
हालांकि जिला अभियोजन अधिकारी मोहम्मद अकरम शेख ने वकील के आरोपों को झूठा करार दिया। शेख ने कहा, पुलिस रिमांड के दौरान किसी भी आरोपी को शारीरिक तौर पर टार्चर नहीं किया गया। उन्होंने कहा, पांचों आरोपियों को मेडिकल परीक्षण के बाद अदालत के सामने पेश किया गया है।
