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छत्तीसगढ़ के हाथ से फिसला कड़कनाथ मुर्गा, मध्यप्रदेश के हक में आया फैसला

Thu, 29 Mar 2018 09:26 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला Updated Thu, 29 Mar 2018 09:26 PM IST
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madhya pradesh government wins gi tag of kadaknath beat chhattisgarh
कड़कनाथ मुर्गे पर छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश में किसका हक है इसका फैसला गुरुवार को आ गया। मुर्गे के  जीआई टैग (भौगोलिक संकेतक) को लेकर छिड़ी जंग आखिरकार समाप्त हो गया। चेन्नई के भौगोलिक संकेतक पंजीयन कार्यालय ने मुर्गे का  जीआई टैग मध्यप्रेदश को दे दिया। साफ है कि इस फैसले के बाद अब छत्तीसगढ़ इस मुर्गे पर अपना दावा पेश नहीं कर सकेगा।
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बता दें कि दोनों पड़ोसी राज्यों ने काले पंख वाले मुर्गे की प्रजाति के लिए ‘जीआई टैग’ प्राप्त करने के लिए चेन्नई स्थित भौगोलिक संकेतक पंजीयन कार्यालय में आवेदन दिए थे।
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मध्यप्रदेश का दावा था कि कड़कनाथ मुर्गे की उत्पत्ति प्रदेश के झाबुआ जिले में हुई है, जबकि छत्तीसगढ़ का कहना था कि कड़कनाथ को प्रदेश के दंतेवाडा जिले में अनोखे तरीके से पाला जाता है और यहां उसका सरंक्षण और प्राकृतिक प्रजनन होता है। 
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ये है इस मुर्गे की खासियतें
विशेषज्ञों के अनुसार कड़कनाथ नाम के मुर्गे में आयरन और प्रोटीन की मात्रा अधिक होती है, जबकि कॉलेस्ट्रॉल की मात्रा अन्य प्रजाति के मुर्गों से काफी कम पाई जाती है। इसके अलावा यह अन्य प्रजातियों के मुर्गों से बहुत अधिक दाम में बेचा जाता है। इसके खून का रंग काला होता है।
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