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मध्यप्रदेश चुनाव 2018: रीवा की जनता खराब सड़कों और गंदगी से परेशान, नौकरी के लिए जाते हैं दूसरे शहर
चुनाव डेस्क, अमर उजाला, रीवा
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:20 AM IST
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अमर उजाला चुनाव रथ रीवा में
- फोटो : Amar Ujala
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मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए 28 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला आपको बता रहा है मध्यप्रदेश के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं। इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा रीवा। संवाददाता वैभव कुमार ने आम जनता और सियासी दलों से बात करके यहां मूड जानने की कोशिश की।
उन्होंने जाना कि आखिर जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना की जनता इस बार के चुनाव में किसे मौका देने का मन रखती है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि रीवा इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाला है।
रीवा शहर के लोगों का कहना है कि शहर में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से बीमारियां भी फैलती है। यह लोगों के लिए चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर की सड़कें खराब हैं जिससे गाड़ियों को तो नुकसान पहुंचता ही है, यातायात की रफ्तार भी प्रभावित होती है। खराब सड़कों की वजह से जाम की स्थिति पैदा होती है।
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कानून व्यवस्था का सवाल भी युवाओं के लिए अहम है। युवाओं ने कहा कि कॉलेज में आए दिन मारपीट होती है। जिसे रोक पाने में कॉलेज प्रशासन नाकाम है।
पढ़े लिखे युवाओं का कहना है कि नौजवानों के लिए रोजगार के नाम पर रीवा में कुछ नहीं है। युवा वर्ग में बहुत ज्यादा बेरोजगारी है। आलम यह है कि युवाओं को घर से 500 से 1000 किलोमीटर दूर जाकर नौकरी की तलाश करते हैं।
सरकार ने रोजगार के नाम पर कुछ नहीं किया है। जो एक चुनावी मुद्दा हो सकता है।
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उन्होंने जाना कि आखिर जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? साथ ही यह भी जाना की जनता इस बार के चुनाव में किसे मौका देने का मन रखती है। टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि रीवा इस बार किन मुद्दों पर वोट करने वाला है।
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रीवा शहर के लोगों का कहना है कि शहर में साफ-सफाई की उचित व्यवस्था नहीं है। जिसकी वजह से बीमारियां भी फैलती है। यह लोगों के लिए चिंता का विषय है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि शहर की सड़कें खराब हैं जिससे गाड़ियों को तो नुकसान पहुंचता ही है, यातायात की रफ्तार भी प्रभावित होती है। खराब सड़कों की वजह से जाम की स्थिति पैदा होती है।
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कानून व्यवस्था का सवाल भी युवाओं के लिए अहम है। युवाओं ने कहा कि कॉलेज में आए दिन मारपीट होती है। जिसे रोक पाने में कॉलेज प्रशासन नाकाम है।
पढ़े लिखे युवाओं का कहना है कि नौजवानों के लिए रोजगार के नाम पर रीवा में कुछ नहीं है। युवा वर्ग में बहुत ज्यादा बेरोजगारी है। आलम यह है कि युवाओं को घर से 500 से 1000 किलोमीटर दूर जाकर नौकरी की तलाश करते हैं।
सरकार ने रोजगार के नाम पर कुछ नहीं किया है। जो एक चुनावी मुद्दा हो सकता है।
