{"_id":"5d2c04cc8ebc3e6cfa3bed9f","slug":"kamalnath-government-is-considering-to-build-temple-at-site-of-sita-agnipariksha-in-sri-lanka","type":"story","status":"publish","title_hn":"श्रीलंका में सीता की 'अग्निपरीक्षा' वाले स्थान पर मंदिर बनाएगी कमलनाथ सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
श्रीलंका में सीता की 'अग्निपरीक्षा' वाले स्थान पर मंदिर बनाएगी कमलनाथ सरकार
Mon, 15 Jul 2019 10:15 AM IST
Sneha Baluni
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भोपाल
Published by: Sneha Baluni
Updated Mon, 15 Jul 2019 10:15 AM IST
विज्ञापन
कमलनाथ (फाइल फोटो)
- फोटो : Facebook
मध्यप्रदेश की कांग्रेस सरकार भाजपा की एक योजना को आकार देने पर विचार कर रही है। कमलनाथ श्रीलंका के दिवुरुमपोला में एक मंदिर बनाने की योजना बना रहे हैं। माना जाता है कि इसी स्थान पर सीता की अग्निपरीक्षा हुई थी। यहां पर मंदिर निर्माण के बारे में सबसे पहले शिवराज सिंह चौहान की सरकार ने 2010 में बात की थी लेकिन छह सालों में इसपर कोई प्रगति नहीं हुई।
विज्ञापन
बीच में शिवराज ने दावा किया था कि श्रीलंका और केंद्र सरकार से जरूरी मंजूरी ले ली गई है। श्रीलंका के तत्कालीन राष्ट्रपति महिंदा राजपक्षे 2013 में जब सांची यात्रा पर आए थे तब भी इस मुद्दे को उठाया गया था। आखिरकार 2016 में एक आधिकारिक टीम ने प्रस्तावित मंदिर के स्थल का दौरा किया था। भाजपा सरकार ने तब दावा किया था कि बंगलूरू की एक कंपनी ने इसका डिजायन तैयार किया है और एक साल में निर्माण कार्य पूरा हो जाएगा।
विज्ञापन
मंदिर की अपेक्षित लागत 12 से 14 करोड़ रुपये के बीच आंकी गई थी। यह प्रस्तावित मंदिर दिवुरुमपोला में स्थित बौद्ध मठ परिसर के अंदर है जो श्रीलंका के मध्य प्रांत के शहर नुवारा इलिया से लगभग 15 किलोमीटर दूर है। स्थानीय लोगों का मानना है कि सीता द्वारा पहने गए गहने आज भी यहां दफन हैं। चौहान के पूर्व प्रमुख सचिव एसके मिश्रा ने कहा कि सरकार ने मंदिर निर्माण के लिए एक करडो़ रुपये आवंटित किए थे लेकिन पैसा पर्यटन विभाग के पास रहा और इसका कभी उपयोग नहीं किया गया।
विज्ञापन
कमलनाथ सरकार में कानून मंत्रालय के अलावा धार्मिक मामलों और ट्रस्टों का प्रभार संभालने वाले पीसी शर्मा ने कहा कि सरकार परियोजना को पुनर्जीवित करने की योजना बना रही है लेकिन ऐसा सभी सभी पहलुओं का विस्तार से अध्ययन करने के बाद होगा। हम पिछली सरकार की तरह केवल घोषणा करके नौटंकी नहीं चाहते हैं। यह विचाराधीन है लेकिन कुछ भी ठोस होने से पहले हम कोई घोषणा नहीं करेंगे।
