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MP News: हाईकोर्ट ने दिए निर्देश- KVS के आयुक्त पेश करें हलफनामा, शिक्षकों के स्थानांतरण का मामला
Mon, 29 May 2023 10:10 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Mon, 29 May 2023 10:10 PM IST
सार
ममता श्रीवास्तव सहित अन्य चार की तरफ से याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि उनका स्थानांतरण सितंबर 2022 में मध्य शैक्षणिक सत्र के दौरान किया गया था। स्थानांतरण में गाइड लाइन में दिए गए प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है।
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मध्य प्रदेश हाईकोर्ट (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) में कार्यरत पांच शिक्षकों ने शैणिक्षक सत्र के मध्य में स्थानांतरण किए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। इसमें कहा गया था कि स्थानांतरण में गाइड लाइन में दिए गए प्रावधानों का पालन नहीं किया गया है। हाईकोर्ट जस्टिस राजेन्द्र वर्मा की अध्यक्षता वाली युगलपीठ ने केवीएस के आयुक्त को हलफनामा पेश करने के निर्देश जारी किए हैं।
बता दें कि ममता श्रीवास्तव सहित अन्य चार की तरफ से याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि उनका स्थानांतरण सितंबर 2022 में मध्य शैक्षणिक सत्र के दौरान किया गया था। गाइड लाइन में दौरान बीमार, विधवा, पति-पत्नी के एक स्थान पर पोस्टिंग में सरलता देने का प्रावधान है। इसके खिलाफ उन्होंने कैग में याचिका दायर की थी। कैग ने उनके स्थानांतरण पर रोक लगा दी थी। जिसके खिलाफ केवीएस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया था कि याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन का निराकरण 90 दिनों में किया जाए। केवीएस ने निर्धारित समय में बाद उनके अभ्यावेदन को निरस्त कर दिया। जिसके खिलाफ उन्होंने कैग में फिर से याचिका दायर की थी। कैग ने अभ्यावेदन का निराकरण कारण सहित करते के निर्देश जारी किए, परंतु उन्हें किसी प्रकार की राहत प्रदान नहीं की गई है।
याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि केवीएस में नए शिक्षकों की भर्ती प्रकिया जारी है। उन्हें उन स्कूलों में पदस्थ किया जा सकता है, जहां शिक्षकों की कमी है। युगलपीठ ने इस संबंध में आयुक्त से हलफनामा मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता विजय कुमार त्रिपाठी ने पैरवी की।
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बता दें कि ममता श्रीवास्तव सहित अन्य चार की तरफ से याचिका दायर की गई थी। इसमें कहा गया था कि उनका स्थानांतरण सितंबर 2022 में मध्य शैक्षणिक सत्र के दौरान किया गया था। गाइड लाइन में दौरान बीमार, विधवा, पति-पत्नी के एक स्थान पर पोस्टिंग में सरलता देने का प्रावधान है। इसके खिलाफ उन्होंने कैग में याचिका दायर की थी। कैग ने उनके स्थानांतरण पर रोक लगा दी थी। जिसके खिलाफ केवीएस ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने आदेश जारी किया था कि याचिकाकर्ताओं के अभ्यावेदन का निराकरण 90 दिनों में किया जाए। केवीएस ने निर्धारित समय में बाद उनके अभ्यावेदन को निरस्त कर दिया। जिसके खिलाफ उन्होंने कैग में फिर से याचिका दायर की थी। कैग ने अभ्यावेदन का निराकरण कारण सहित करते के निर्देश जारी किए, परंतु उन्हें किसी प्रकार की राहत प्रदान नहीं की गई है।
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याचिका की सुनवाई के दौरान युगलपीठ को बताया गया कि केवीएस में नए शिक्षकों की भर्ती प्रकिया जारी है। उन्हें उन स्कूलों में पदस्थ किया जा सकता है, जहां शिक्षकों की कमी है। युगलपीठ ने इस संबंध में आयुक्त से हलफनामा मांगा है। याचिकाकर्ता की तरफ से अधिवक्ता विजय कुमार त्रिपाठी ने पैरवी की।
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