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MP News: पात्रता परीक्षा में 18 तो नियुक्ति में 21 वर्ष का निर्धारण गलत, राहत देते हुए MPHC ने जारी किए नोटिस

Mon, 03 Jul 2023 11:03 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Mon, 03 Jul 2023 11:03 PM IST
सार

हाईकोर्ट ने प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 21 वर्ष से कम उम्र की छात्राओं को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। वहीं  स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं, हालांकि विस्तृत आदेश फिलहाल प्रतीक्षित है।

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MP News: Determination of 18 years in eligibility test and 21 years in appointment is wrong,MPHC issued notice
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अपने अंतरिम आदेश में प्राथमिक शिक्षक भर्ती में 21 वर्ष से कम उम्र की छात्राओं को भी शामिल किए जाने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस रवि विजय मलिमठ व जस्टिस विशाल मिश्रा की युगलपीठ ने कहा है कि जब पात्रता परीक्षा में उम्र 18 वर्ष तय है तो नियुक्ति के समय 21 वर्ष निधारित किया जाना अवैधानिक है। युगलपीठ ने मामले में स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने के निर्देश दिये हैं, हालांकि विस्तृत आदेश फिलहाल प्रतीक्षित है। 
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यह मामला नरसिंहपुर निवासी कुमारी अंकिता इरपाचे तथा कुमारी शिवानी ठाकुर की ओर से हाईकोर्ट में दायर किया गया है। इसमें आयुक्त लोक शिक्षण संचनालाय भोपाल द्वारा भर्ती नियम 2018 के प्रावधानों के विपरीत जारी की गई अधिसूचना को कटघरे में रखा गया है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि 2020 की पात्रता परीक्षा में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों  की 1 जनवरी 2023 को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष होना आवश्यक है। मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए न्यायालय ने पाया कि स्कूल  शिक्षा विभाग के आयुक्त लोक शिक्षण द्वारा शिक्षक सेवा  भर्ती नियम 2018 तथा सामान्य प्रशासन विभाग के स्पष्ट  निर्देशों तथा विधायिका द्वारा नियत कानून के विपरीत  निर्देश जारी करके नियोजन के लिए निर्धारित मिनिमम आयु 18 वर्ष के स्थान पर 21 वर्ष की गई है, जो प्रथमदृष्टया असंवैधानिक है। न्यायालय ने याचिकाकर्ताओं को अंतरिम  राहत देते हुए प्राथमिक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में शामिल  करने के निर्देश देते हुए अनावेदकों से जवाब-तलब किया है। याचिकाकर्ताओ की ओर से अधिवक्ता रामेश्वर सिंह ठाकुर ने पक्ष रखा।
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