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Jabalpur News: बॉडी फ्लूड के नमूने देने की शर्त पर मिली अग्रिम जमानत, बैंक अधिकारी को मिली हाईकोर्ट से राहत
Sun, 19 Jan 2025 08:39 PM IST
जबलपुर ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: जबलपुर ब्यूरो
Updated Sun, 19 Jan 2025 08:39 PM IST
सार
पूर्व सहकर्मी के बलात्कार के आरोप में गिरफ्तारी से बचने के लिए बैंक अधिकारी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। कोर्ट ने इसे बदले और नागरिक अधिकारों का मिश्रित मामला मानते हुए सशर्त अग्रिम जमानत दी। अधिकारी को जांच में सहयोग और आवश्यक नमूने प्रदान करने का निर्देश दिया गया।
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high court news
विस्तार
पूर्व सहकर्मी द्वारा लगाए गए बलात्कार के आरोपों में गिरफ्तारी से बचने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक के सहायक प्रबंधक स्वप्निल सरदार ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की। न्यायमूर्ति देव नारायण मिश्रा की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई के बाद इसे बदले की भावना और नागरिक अधिकारों की रक्षा का मिश्रित मामला माना। कोर्ट ने सशर्त अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान किया।
स्वप्निल सरदार ने याचिका में बताया कि शिकायतकर्ता महिला ने वर्ष 2020 में उनके घर में चोरी की थी, जिसके चलते उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। आवेदक का दावा है कि इसी कारण महिला ने झूठे आरोप लगाए।
महिला ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वह परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य थी। सामाजिक दबाव और नौकरी के कारण पहले मामला दर्ज नहीं कर सकी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने आवेदक को सशर्त अग्रिम जमानत देते हुए आदेश दिया कि वह जांच में सहयोग करें। इसके तहत तलाशी और जब्ती में समर्थन, हैंडराइटिंग, अंगूठे के नमूने और बॉडी फ्लूड प्रदान करना शामिल है।
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स्वप्निल सरदार ने याचिका में बताया कि शिकायतकर्ता महिला ने वर्ष 2020 में उनके घर में चोरी की थी, जिसके चलते उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। आवेदक का दावा है कि इसी कारण महिला ने झूठे आरोप लगाए।
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महिला ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वह परिवार की एकमात्र कमाने वाली सदस्य थी। सामाजिक दबाव और नौकरी के कारण पहले मामला दर्ज नहीं कर सकी।
सुनवाई के बाद कोर्ट ने आवेदक को सशर्त अग्रिम जमानत देते हुए आदेश दिया कि वह जांच में सहयोग करें। इसके तहत तलाशी और जब्ती में समर्थन, हैंडराइटिंग, अंगूठे के नमूने और बॉडी फ्लूड प्रदान करना शामिल है।
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