फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur News ›   Jabalpur: Non-Bailable Warrant Issued Against Panna Collector for Non-Compliance, Summoned on Sept 30

जबलपुर: पन्ना कलेक्टर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी, आदेश की अनदेखी पर कोर्ट का सख्त रुख, SP को सौंपी तामील

Tue, 22 Sep 2026 04:05 PM IST
जबलपुर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: जबलपुर ब्यूरो Updated Tue, 22 Sep 2026 04:05 PM IST
सार

जबलपुर हाईकोर्ट ने आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश नहीं किए जाने पर पन्ना कलेक्टर के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने कलेक्टर को 30 सितंबर को कोर्ट में पेश होने के निर्देश दिए हैं।

विज्ञापन
Jabalpur: Non-Bailable Warrant Issued Against Panna Collector for Non-Compliance, Summoned on Sept 30
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने अवमानना याचिका की सुनवाई के दौरान पन्ना जिला कलेक्टर की ओर से आदेश के पालन की रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं किए जाने को गंभीरता से लिया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए पन्ना कलेक्टर उषा परमार के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं। एकलपीठ ने कलेक्टर को अगली सुनवाई 30 सितंबर को न्यायालय के समक्ष पेश करने के निर्देश दिए हैं। वारंट की तामील की जिम्मेदारी पुलिस अधीक्षक पन्ना को सौंपी गई है।

विज्ञापन


सेवानिवृत्त कर्मचारी श्रीमती जाविन आरा रिजवी की ओर से दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि वे कलेक्टर कार्यालय में सेक्शन ऑफिसर के रूप में कार्यरत थीं। नियमितीकरण की मांग को लेकर उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 13 अगस्त 2025 को उसका निराकरण करते हुए याचिकाकर्ता के अभ्यावेदन का 90 दिनों के भीतर निराकरण करने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं होने पर यह अवमानना याचिका दायर की गई थी।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: किरनापुर कांड: FIR पर भड़कीं विधायक अनुभा मुंजारे, पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल; उग्र आंदोलन की चेतावनी
विज्ञापन
विज्ञापन


एकलपीठ ने याचिका की सुनवाई के दौरान पाया कि अवमानना याचिका पर 4 दिसंबर 2025 को नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद कलेक्टर की ओर से अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थिति दर्ज नहीं कराई गई और न ही आदेश के अनुपालन की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।


कलेक्टर ने 5 अक्टूबर 2025 को हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार को पत्र भेजकर नोटिस प्राप्त होने की जानकारी दी थी। साथ ही कलेक्टर कार्यालय की स्थापना शाखा के प्रभारी अधिकारी को इस मामले के लिए संपर्क अधिकारी नियुक्त किया गया था लेकिन इसके बाद मामले में आवश्यक कार्रवाई नहीं की गई।

एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा कि परिस्थितियों को देखते हुए कलेक्टर उषा परमार की उपस्थिति और हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी करना आवश्यक है। कोर्ट ने वारंट की तामील की जिम्मेदारी पन्ना पुलिस अधीक्षक को सौंपते हुए अगली सुनवाई 30 सितंबर को निर्धारित की है। याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता विद्या प्रसाद ने पैरवी की।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed