{"_id":"61e818014ceefd66fb4a7a4e","slug":"jabalpur-the-accused-of-rape-got-bail-on-the-condition-of-marriage-with-the-victim-the-court-said-that-if-the-victim-refuses-to-marry-then-the-victim-should-apply","type":"story","status":"publish","title_hn":"जबलपुर: पीड़िता से शादी की शर्त पर मिली दुष्कर्म के आरोपी को जमानत, कोर्ट ने कहा कि शादी से इंकार करे तो पीड़िता आवेदन दे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जबलपुर: पीड़िता से शादी की शर्त पर मिली दुष्कर्म के आरोपी को जमानत, कोर्ट ने कहा कि शादी से इंकार करे तो पीड़िता आवेदन दे
Wed, 19 Jan 2022 07:24 PM IST
दिनेश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
Published by: दिनेश शर्मा
Updated Wed, 19 Jan 2022 07:24 PM IST
सार
दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार डॉक्टर को हाईकोर्ट से पीड़िता से शादी करने की शर्त पर जमानत का लाभ मिल गया है। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता शादी से इंकार करता है तो पीड़िता आवेदन पेश कर सकती है।
विज्ञापन
दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार डॉक्टर को हाईकोर्ट से पीड़िता से शादी करने की शर्त पर जमानत का लाभ मिल गया है।
- फोटो : social media
विस्तार
दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार डॉक्टर को हाईकोर्ट से पीड़िता से शादी करने की शर्त पर जमानत का लाभ मिल गया है। जस्टिस संजय द्विवेदी की एकलपीठ ने अपने आदेश में कहा है कि याचिकाकर्ता शादी से इंकार करता है तो पीड़िता आवेदन पेश कर सकती है।
कटनी निवासी डॉक्टर नागेश्वर प्रसाद जायवाल की तरफ से जमानत के लिए दायर किए गए आवेदन में कहा गया था कि महिला थाने में उसकी प्रेमिका द्वारा दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। वह गत 28 नंबर से जेल में निरुध्द है। एफआईआर में कहा गया था कि शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक बंधन बनाए गए थे। याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि उसने कभी शादी से इंकार नहीं किया है। वह अपनी प्रेमिका के साथ शादी करने को तैयार है। सुनवाई के दौरान जमानत के आपत्ति के लिए दायर आवेदन भी पीड़िता से शादी करने की शर्त पर वापस ले लिया।
शासकीय अधिवक्ता ने जमानत आवेदन पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है कि शादी से इंकार करने के कारण पीड़िता से आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया था। एकलपीठ ने आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और इस दौरान शारीरिक संबंध विकसित हुए। शारीरिक संबंध दोनों पक्षों की सहमति से हुए थे, जिसे शादी की सहमति माना जा सकता है। एकलपीठ ने आवेदक को शर्त जमानत का लाभ प्रदान किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कटनी निवासी डॉक्टर नागेश्वर प्रसाद जायवाल की तरफ से जमानत के लिए दायर किए गए आवेदन में कहा गया था कि महिला थाने में उसकी प्रेमिका द्वारा दुष्कर्म की रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। वह गत 28 नंबर से जेल में निरुध्द है। एफआईआर में कहा गया था कि शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ शारीरिक बंधन बनाए गए थे। याचिकाकर्ता की तरफ से कहा गया कि उसने कभी शादी से इंकार नहीं किया है। वह अपनी प्रेमिका के साथ शादी करने को तैयार है। सुनवाई के दौरान जमानत के आपत्ति के लिए दायर आवेदन भी पीड़िता से शादी करने की शर्त पर वापस ले लिया।
विज्ञापन
शासकीय अधिवक्ता ने जमानत आवेदन पर आपत्ति दर्ज करते हुए कहा है कि शादी से इंकार करने के कारण पीड़िता से आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज करवाया था। एकलपीठ ने आपत्ति को खारिज करते हुए कहा कि दोनों के बीच लंबे समय से प्रेम संबंध थे और इस दौरान शारीरिक संबंध विकसित हुए। शारीरिक संबंध दोनों पक्षों की सहमति से हुए थे, जिसे शादी की सहमति माना जा सकता है। एकलपीठ ने आवेदक को शर्त जमानत का लाभ प्रदान किया है।
विज्ञापन
