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किरनापुर थाना मामला: महिला से बदसलूकी और अवैध गिरफ्तारी मामले में एसआईटी की रिपोर्ट, चार पुलिसवालों पर गाज

Wed, 23 Sep 2026 04:18 PM IST
बालाघाट ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बालाघाट Published by: बालाघाट ब्यूरो Updated Wed, 23 Sep 2026 04:18 PM IST
सार

बालाघाट के किरनापुर थाने में महिला और उसके पति से कथित दुर्व्यवहार व अवैध हिरासत के मामले में एसआईटी जांच के बाद चार पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज हुई है। जांच में 49 से अधिक लोगों के बयान लिए गए। महिला की सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी और प्रक्रियात्मक अनियमितताओं का भी उल्लेख है।

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Kirnapur Case: SIT report on the incident involving the mistreatment and illegal arrest of a woman
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Adobestock

विस्तार

किरनापुर थाना परिसर में महिला और उसके पति के साथ कथित दुर्व्यवहार, अवैध रूप से रोकने, डराने-धमकाने और सूर्यास्त के बाद महिला की गिरफ्तारी के मामले में पुलिस विभाग ने कार्रवाई की है। वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी प्रतिष्ठा राठौर के नेतृत्व में गठित एसआईटी की जांच रिपोर्ट के आधार पर किरनापुर थाने में पदस्थ चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है।
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पुलिस के अनुसार एसआईटी ने मामले से जुड़े कानूनी, चिकित्सकीय, तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की जांच की। इस दौरान 49 से अधिक लोगों के बयान दर्ज किए गए। बयानों की वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई। एसआईटी ने 22 सितंबर को अपनी विस्तृत रिपोर्ट पुलिस विभाग को सौंपी।
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7 सितंबर को दंपती ने की थी शिकायत
मामला टिकमीटोला निवासी कैलाश चौधरी और उनकी पत्नी सावित्री चौधरी से जुड़ा है। दंपती ने 7 सितंबर को किरनापुर थाने में पुलिसकर्मियों के कथित अशोभनीय व्यवहार की शिकायत की थी। शिकायत के बाद संबंधित पुलिसकर्मियों को निलंबित कर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी।
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जांच में चिकित्सकीय अभिलेख, न्यायालयीन कार्यवाही, प्रकरण डायरी और तकनीकी साक्ष्यों का परीक्षण किया गया। पुलिस के मुताबिक 3 सितंबर को महिला का सरकारी अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण हुआ था, जिसमें स्थिति सामान्य पाई गई। उपलब्ध चिकित्सकीय साक्ष्यों से मारपीट या शारीरिक उत्पीड़न की पुष्टि नहीं हुई।


सूर्यास्त के बाद गिरफ्तारी पर सवाल
एसआईटी के अनुसार महिला को पर्याप्त विधिक आधार या किसी असाधारण परिस्थिति का उल्लेख किए बिना सूर्यास्त के बाद गिरफ्तार किया गया। जांच में यह भी सामने आया कि ऐसी गिरफ्तारी के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्षम न्यायिक मजिस्ट्रेट की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी।रिपोर्ट में महिला को बिना पर्याप्त कानूनी आधार के थाने में रोके रखने और रोजनामचा में प्रविष्टि में देरी का भी उल्लेख है। एसआईटी ने महिला और उसके पति को कथित तौर पर डराने-धमकाने तथा अनुचित दबाव डालकर संस्वीकृति कराने से जुड़े तथ्य भी पाए।

छह धाराओं में मामला दर्ज
एसआईटी की रिपोर्ट के आधार पर चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ BNS की धारा 127, 120, 115(2), 296(बी), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार मामले की आगे की वैधानिक विवेचना जारी है। इसमें उपलब्ध दस्तावेजों, साक्ष्यों और संबंधित लोगों के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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