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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Jabalpur: Hindi language is not recognized in Twitter, the court dismissed the petition stating the matter related to the Companies Act

जबलपुर: ट्विटर में हिन्दी भाषा को मान्यता नहीं, कोर्ट ने मामला कंपनी एक्ट से संबंधित बताते हुए की याचिका खारिज

Thu, 17 Feb 2022 08:26 PM IST
दिनेश शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जबलपुर Published by: दिनेश शर्मा Updated Thu, 17 Feb 2022 08:26 PM IST
सार

ट्विटर द्वारा हिन्दी भाषा को मान्यता नहीं दिए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी।हाईकोर्ट ने याचिका में उठाए गए मुद्दे को कंपनी एक्ट से संबंधित माना। युगलपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया। विस्तृत आदेश फिलहाल प्रतिक्षित है।

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Jabalpur: Hindi language is not recognized in Twitter, the court dismissed the petition stating the matter related to the Companies Act
सांकेतिक फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ट्विटर द्वारा हिन्दी भाषा को मान्यता नहीं दिए जाने के खिलाफ हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई थी। याचिका में कहा गया था कि हिन्दी भाषा को मान्यता नहीं दिए जाने के कारण विदेश में हिन्दी भाषा में किए गए ट्विट को ट्रांसलेट कर दिखाने हैं। हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रवि विजय कुमार मलिमथ तथा जस्टिस एमएस भट्टी की युगलपीठ ने याचिका में उठाए गए मुद्दे को कंपनी एक्ट से संबंधित माना। जिसके बाद याचिकाकर्ता की तरफ से याचिका वापस लेने का आग्रह किया गया। जिसे स्वीकार करते हुए युगलपीठ ने याचिका को खारिज कर दिया। विस्तृत आदेश फिलहाल प्रतिक्षित है।
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 पूर्व विधायक किषोर समरीते की तरफ से दायर की गयी याकिचा में कहा गया है कि ट्विटर ने 9 भाषा को मान्यता दी है। ट्विटर द्वारा हिन्दी भाषा को मान्यता नहीं दी गयी है। हिन्दी में किये जाने वाले ट्विट तो हिन्दी में दिखाये जाते है परंतु विदेष में ट्रांसलेट कर उन्हें अंग्रेजी भाषा में दिखाया जाता है। जिसके कारण ज्यादातर अर्थ बदल जाते है। ट्विटर पर हिन्दी भाषा को मान्यता दिलवाने के संबंध में उन्होने केन्द्रीय सूचना एव प्रसारण मंत्रालय को पत्र लिखा था।
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केन्द्र सरकार द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किये जाने के कारण उक्त याचिका दायर की गई थी। याचिका की पर गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान युगलपीठ ने याचिका का उठाए गए मुद्दे को जनहित का नहीं बल्कि कंपनी की पॉलिसी से संबंधित माना। केन्द्र सरकार की तरफ से असिस्टेंट सॉलिस्टिर जनरल जेके जैन उपस्थित हुए।
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