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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Simhastha 2028 Indian Army to Deploy AI Cameras and Anti-Hacking Tech for Pilgrim Safety in Ujjain

उज्जैन: सिंहस्थ 2028 में सेना की हाईटेक एंट्री, एआई कैमरे और एंटी-हैकिंग सिस्टम से होगी श्रद्धालुओं की सुरक्षा

Thu, 03 Sep 2026 09:27 AM IST
उज्जैन ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन Published by: उज्जैन ब्यूरो Updated Thu, 03 Sep 2026 09:27 AM IST
सार

उज्जैन सिंहस्थ 2028 में करीब 40 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए भारतीय सेना की अत्याधुनिक एआई और साइबर सुरक्षा तकनीकों का सहयोग लिया जाएगा। महू स्थित मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग द्वारा विकसित सिस्टम के जरिए एआई कैमरों से संदिग्ध चेहरों की पहचान, वाहनों की नंबर प्लेट स्कैनिंग और साइबर हमलों से डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा की जाएगी।

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Simhastha 2028 Indian Army to Deploy AI Cameras and Anti-Hacking Tech for Pilgrim Safety in Ujjain
सिंहस्थ में तीन हाइटेक तकनिकों से पकड़ाएंगे संदिग्ध - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

वर्ष 2028 के उज्जैन सिंहस्थ में आने वाले 40 करोड़ श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए इस बार इतिहास रचा जाने जा रहा है। सिंहस्थ के इतिहास में पहली बार भारतीय सेना सीधे तौर पर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की कमान संभालने में सहयोग करेगी। महू स्थित सेना के प्रतिष्ठित मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग (MCTE) द्वारा विकसित अत्याधुनिक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) तकनीक और साइबर सुरक्षा प्रणालियों से पूरे महाकुंभ की अभेद्य किलेबंदी की जाएगी। इस बार सिंहस्थ 2028 में सेना की 3 हाईटेक तकनीकें तहलका मचाएंगी। इससे संदिग्धों को तुरंत गिरफ्तार करने में मदद मिलेगी। साथ ही, यह नई व्यवस्था सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में भी सहयोग करेगी।
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चेहरे से खुलेगी पूरी कुंडली
मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियरिंग ने एक ऐसा इंटेलिजेंट सिस्टम तैयार किया है, जिसके डेटाबेस में देश-विदेश के अपराधियों के साथ-साथ सोशल मीडिया (फेसबुक, X आदि) का डेटा भी उपलब्ध है। भीड़ में घूम रहे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति का चेहरा एआई कैमरे में आते ही महज कुछ सेकंड में उसकी पूरी कुंडली, पहचान और इतिहास पुलिस की स्क्रीन पर होगा।
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नंबर प्लेट देखते ही पांच सेकंड में पर्दाफाश
मेला क्षेत्र में प्रवेश करने वाली हर संदिग्ध गाड़ी पर सेना के एआई कैमरों की पैनी नजर रहेगी। यह सिस्टम देशभर के नेशनल व्हीकल डेटाबेस से सीधे जुड़ा है। गाड़ी का नंबर स्कैन होते ही 5 से 7 सेकंड में गाड़ी मालिक का नाम, उसका इस्तेमाल और परमिट की पूरी जानकारी ऑटोमेटिक सामने आ जाएगी।
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कभी हैक न होने वाली तकनीक
सिंहस्थ के विशाल डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और कंट्रोल रूम को साइबर हमलों व हैकिंग से बचाने के लिए सेना का विशेष एंटी-हैकिंग और साइबर सिक्योरिटी सिस्टम तैनात किया जाएगा। यह बिना किसी रुकावट या हैंग हुए 24x7 निर्बाध रूप से काम करेगा।

उज्जैन में बनेगा हाईटेक एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर
प्रयागराज मेला की तर्ज पर उज्जैन में भी एक विशाल एकीकृत कमांड सेंटर तैयार किया जा रहा है। MCTE द्वारा विकसित इन तकनीकों का इस्तेमाल सेना पहले से ही अपने मिलिट्री चेकपोस्ट्स और विभिन्न इकाइयों में सफलतापूर्वक कर रही है। सूत्र बताते हैं कि अब सितंबर में मध्य प्रदेश सरकार और सेना के प्रतिनिधियों के बीच तीसरे दौर की बैठक में इस विस्तृत प्लान पर अंतिम मुहर लगेगी।
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