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एमपी में आफत की बारिश: आठ जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट, बरगी के गेट खोलने की तैयारी; भदभदा का भी जलस्तर बढ़ा

Thu, 03 Sep 2026 07:14 AM IST
Sandeep Kumar Tiwari न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल
न्यूज डेस्क,अमर उजाला, भोपाल Published by: Sandeep Kumar Tiwari Updated Thu, 03 Sep 2026 07:14 AM IST
सार

मध्य प्रदेश में तेज बारिश के दौर के बीच बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बरगी बांध के 5 गेट खोलने की तैयारी है, जबकि भोपाल का बड़ा तालाब फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट नीचे है। नर्मदापुरम-छिंदवाड़ा में अति भारी बारिश और 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है।

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Torrential rains wreak havoc in Madhya Pradesh: Red alert for 2 districts, orange alert for 6; rivers and stre
मध्य प्रदेश मौसम - फोटो : Amar Ujala

विस्तार

मध्य प्रदेश में लगातार भारी बारिश का दौर जारी है। पूर्वी क्षेत्र के कई नदी-नाले उफान पर है। गुरुवार को प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट है। नर्मदापुरम और छिंदवाड़ा में रेड अलर्ट, जबकि छतरपुर, सागर, रायसेन, नरसिंहपुर, सिवनी और बैतूल में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन जिलों में 24 घंटे के दौरान 4 इंच से ज्यादा बारिश हो सकती है। इसके अलावा सीहोर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, विदिशा, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, दमोह, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, जबलपुर, डिंडोरी, मंडला, पांढुर्णा और बालाघाट में भी भारी बारिश की संभावना है। भोपाल और उज्जैन समेत प्रदेश के कई अन्य जिलों में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने का अनुमान है।
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4 सितंबर से पश्चिमी एमपी में बढ़ेगा असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, 4 सितंबर से बारिश का सिस्टम पश्चिमी और मध्य हिस्सों की ओर बढ़ेगा। इसका असर भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, सागर, नर्मदापुरम और चंबल संभाग में ज्यादा दिखाई दे सकता है। भोपाल, उज्जैन और ग्वालियर में भारी बारिश होने की संभावना है, जबकि इंदौर में तेज बारिश के आसार कम हैं। 5 सितंबर को उत्तरी मध्य प्रदेश और 6 सितंबर को ग्वालियर-चंबल संभाग में बारिश का जोर बढ़ सकता है।
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बरगी बांध के 5 गेट खुल सकते हैं
लगातार बारिश के बीच गुरुवार सुबह 11 बजे बरगी बांध के 5 गेट करीब एक मीटर तक खोले जाने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में नदी-नालों के जलस्तर पर असर पड़ सकता है। वहीं भोपाल के बड़े तालाब में पानी का स्तर 1666.50 फीट पहुंच गया है। अब यह फुल टैंक लेवल से सिर्फ 0.30 फीट नीचे है। तालाब पूरा भरने के बाद भदभदा डैम के गेट खोले जाएंगे। यहां से छोड़ा गया पानी कलियासोत डैम में पहुंचेगा, जिससे उसका जलस्तर भी बढ़ेगा। प्रदेश के ज्यादातर बांधों में अब करीब 70 प्रतिशत तक पानी पहुंच चुका है। कुछ बांधों के गेट खोले भी गए हैं। हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के बांधों की स्थिति अभी अपेक्षाकृत कमजोर है।
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सीजन में 28.1 इंच बारिश, फिर भी 3.4 इंच कमी
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन में अब तक 714.2 मिलीमीटर यानी 28.1 इंच बारिश दर्ज हुई है। सामान्य बारिश 799.9 मिलीमीटर यानी 31.5 इंच होनी चाहिए थी। इस हिसाब से प्रदेश में अभी 3.4 इंच यानी 11 प्रतिशत बारिश कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 17 प्रतिशत कम बारिश हुई है।

40 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे
पूर्वी हिस्से के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी 17 प्रतिशत तक है। कई जिलों में यह कमी 2 से 51 प्रतिशत तक पहुंची है। पश्चिमी हिस्से के भी कई जिलों में 2 से 53 प्रतिशत तक कम बारिश रिकॉर्ड हुई है। इसके बावजूद 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, मऊगंज, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी शामिल हैं।

सतना में 56 मिमी पानी
बुधवार को सिवनी में सुबह से बारिश जारी रही। सतना में सुबह 8.30 से 11.30 बजे के बीच 56 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पन्ना में तेज बारिश के बाद बृहस्पति कुंड जलप्रपात भी पूरे वेग से बहता नजर आया।


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जून की कमी अब भी पूरी नहीं हुई
जून में प्रदेश में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति सुधरी, लेकिन बाद में मानसून के दो ब्रेक आने से कई दिन बारिश थमी रही। जुलाई के आखिरी सप्ताह में फिर स्ट्रॉन्ग सिस्टम सक्रिय हुआ। जुलाई और अगस्त का बारिश कोटा पूरा हो चुका है, लेकिन जून की कमी अब तक पूरी नहीं हो सकी है। यही वजह है कि पूरे मानसून सीजन में अभी भी बारिश सामान्य से 11 प्रतिशत कम है। प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच रहती है।


 
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