Shahdol News: ठंडी रात में जिगर के टुकड़े को तालाब किनारे फेंक गई निर्दयी मां, शव देख ग्रामीणों के उड़े होश
बताया गया है कि शिशु का जन्म संभवत: एकाध दिन पहले ही हुआ था। हालांकि, अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि उसको किसने फेंका है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना का पता तब चला जब शुक्रवार सुबह लोग घरों से बाहर निकले और खेतों की तरफ गए।
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एक ओर जहां लोग संतान प्राप्ति के लिए तरह-तरह के जतन करते हैं। झाड़-फूंक और तंत्र-मंत्र से लेकर इलाज की मदद से संतान चाहते हैं, लेकिन शहडोल में नवजात शिशुओं को फेंके जाने के केस लगातार सामने आ रहे हैं। बीती रात शहडोल के सोहागपुर थाना क्षेत्र के ग्राम जमुई में निर्दयी मां अपने लाल को कड़ाके की ठंड में तालाब किनारे फेंक गई। आज सुबह जब ग्रामीणों ने उसका शव देखा तो सनसनी फैल गई।
बताया गया है कि शिशु का जन्म संभवत: एकाध दिन पहले ही हुआ था। हालांकि, अभी तक इस बात का पता नहीं चल पाया है कि उसको किसने फेंका है। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। घटना का पता तब चला जब शुक्रवार सुबह लोग घरों से बाहर निकले और खेतों की तरफ गए। उन्हें गांव से कुछ दूरी पर स्थित खमतेगड़ा तालाब के किनारे नवजात का शव पड़ा हुआ दिखा।
पहले ग्रामीणों ने आसपास पता लगाने का प्रयास किया, इसके बाद पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सोहागपुर थाना प्रभारी अनिल पटेल ने मौके पर एएसआई राम नारायण पांडे व अन्य स्टाफ को भेजा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
सोहागपुर के थाना प्रभारी अनिल पटेल का कहना है कि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि नवजात को किसने फेंका? शिशु को जन्म के बाद मृत होने पर फेंका गया या उसे जीवित हालत में फेंका गया और कड़ाके की ठंड के कारण उसकी मौत हुई? फिलहाल पुलिस इन तमाम सवालों की पड़ताल कर रही है।
