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इंदौर: त्योहार आते ही 34 भिक्षुकों को पकड़ा, भीख मांगने वालों के साथ देने वालों पर भी गिरेगी गाज
Fri, 28 Aug 2026 08:06 AM IST
Arjun Richhariya
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: Arjun Richhariya
Updated Fri, 28 Aug 2026 08:06 AM IST
सार
त्योहारों के सीजन में इंदौर के मंदिरों और चौराहों पर भिक्षावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। इस बार अभियान के तहत भिक्षा मांगने वालों के साथ-साथ भीख देने वालों पर भी सख्त कार्रवाई की योजना बनाई गई है।
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प्रतिकात्मक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
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विस्तार
त्योहारों का सीजन शुरू होते ही इंदौर शहर के प्रमुख मंदिरों और व्यस्त चौराहों पर भिक्षुकों की आवाजाही बढ़ गई है। रक्षाबंधन, सावन के धार्मिक आयोजनों और आगामी चातुर्मास को देखते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग की 'भिक्षुक उन्मूलन' टीम एक्शन मोड में है।
अगस्त में अब तक 34 को रेस्क्यू किया
अगस्त माह के दौरान भिक्षावृत्ति में लिप्त 34 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर उज्जैन भेजा जा चुका है। अभियान के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा के अनुसार, रेस्क्यू किए गए लोगों को प्रक्रिया के तहत गाड़ी अड्डा स्थित रैन बसेरा (शेल्टर होम) में रखा जाता है और फिर शहर या शहर के बाहर की संस्थाओं में उनमें सुधार के लिए भेजा जाता है।
अगस्त में अलग-अलग दिनों में हुए रेस्क्यू की जानकारी
10 अगस्त: 1
17 अगस्त: 5
20 अगस्त: 7
22 अगस्त: 10
24 अगस्त: 7
25 अगस्त: 4
इन इलाकों पर पैनी नजर
विभाग की टीमें रोज सुबह से रात तक प्रमुख धार्मिक स्थलों और चौराहों की सख्त निगरानी कर रही हैं। प्रमुख मंदिरों में खजराना गणेश मंदिर, रणजीत हनुमान मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, बड़ा गणपति, कांच मंदिर आदि शामिल हैं। वहीं प्रमुख चौराहे व बाजारों में राजबाड़ा, पलासिया, विजय नगर, भंवरकुआं, गीता भवन, एमआर-9 आदि शामिल हैं।
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भीख देने वालों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
इस बार अभियान की रणनीति में बदलाव किया गया है। भिक्षा मांगने वालों के साथ-साथ अब भीख देने वाले लोगों पर भी सख्त निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में रेस्क्यू किए गए लोगों की काउंसिलिंग की जा रही है ताकि वे मुख्यधारा में लौट सकें। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति बार-बार भिक्षावृत्ति करता पकड़ा जाता है, तो उस पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने के लिए आम नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भी प्रशासन के द्वारा भीख देने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है। देश में पहली बार इस तरह की कार्रवाई इंदौर से शुरू की गई जो अब अलग-अलग जिलों में लागू की जा रही है।
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अगस्त में अब तक 34 को रेस्क्यू किया
अगस्त माह के दौरान भिक्षावृत्ति में लिप्त 34 से अधिक लोगों को रेस्क्यू कर उज्जैन भेजा जा चुका है। अभियान के नोडल अधिकारी दिनेश मिश्रा के अनुसार, रेस्क्यू किए गए लोगों को प्रक्रिया के तहत गाड़ी अड्डा स्थित रैन बसेरा (शेल्टर होम) में रखा जाता है और फिर शहर या शहर के बाहर की संस्थाओं में उनमें सुधार के लिए भेजा जाता है।
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अगस्त में अलग-अलग दिनों में हुए रेस्क्यू की जानकारी
10 अगस्त: 1
17 अगस्त: 5
20 अगस्त: 7
22 अगस्त: 10
24 अगस्त: 7
25 अगस्त: 4
इन इलाकों पर पैनी नजर
विभाग की टीमें रोज सुबह से रात तक प्रमुख धार्मिक स्थलों और चौराहों की सख्त निगरानी कर रही हैं। प्रमुख मंदिरों में खजराना गणेश मंदिर, रणजीत हनुमान मंदिर, अन्नपूर्णा मंदिर, बड़ा गणपति, कांच मंदिर आदि शामिल हैं। वहीं प्रमुख चौराहे व बाजारों में राजबाड़ा, पलासिया, विजय नगर, भंवरकुआं, गीता भवन, एमआर-9 आदि शामिल हैं।
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भीख देने वालों पर भी होगी सख्त कार्रवाई
इस बार अभियान की रणनीति में बदलाव किया गया है। भिक्षा मांगने वालों के साथ-साथ अब भीख देने वाले लोगों पर भी सख्त निगरानी और कार्रवाई की जा रही है। पूर्व में रेस्क्यू किए गए लोगों की काउंसिलिंग की जा रही है ताकि वे मुख्यधारा में लौट सकें। हालांकि, यदि कोई व्यक्ति बार-बार भिक्षावृत्ति करता पकड़ा जाता है, तो उस पर नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब भिक्षावृत्ति मुक्त शहर बनाने के लिए आम नागरिकों को भी इस अभियान से जोड़ रहा है। पिछले कुछ वर्षों में भी प्रशासन के द्वारा भीख देने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की गई है। देश में पहली बार इस तरह की कार्रवाई इंदौर से शुरू की गई जो अब अलग-अलग जिलों में लागू की जा रही है।
