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Indore News: प्लेट बाउंड्री पर बसे इलाकों में भूकंप का खतरा ज्यादा, मध्य प्रदेश का ज्यादातर हिस्सा सुरक्षित

Sun, 26 Mar 2023 04:53 PM IST
अभिषेक चेंडके न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: अभिषेक चेंडके Updated Sun, 26 Mar 2023 04:53 PM IST
सार

 जोशी मठ में आई दरारों को लेकर भूकंप वैज्ञानिक सीताराम ने  कहा कि जोशी मठ की दरारें भूकंप की वजह से नहीं है। यह शहर ग्लेशियर के मलबे पर बसा है और ढलान पर है। उसकी जमीन ज्यादा भार वहन नहीं कर सकती है। इन इलाकों में ज्यादा निर्माण नहीं होना चाहिए।

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The risk of earthquake is high in the areas situated on the plate boundary, most of Madhya Pradesh is safe
भूकंप वैज्ञानिक टीजी सीताराम - फोटो : amar ujala digital

विस्तार

देश के जो इलाके प्लेट बाउंड्री पर है, वहां भूकंप का खतरा ज्यादा है। बिहार, उत्तराखंड, नेपाल में भूकंप का खतरा अक्सर मंडराता है। ये शहर बाउंड्री प्लेट पर है। मध्य प्रदेश का ज्यादातर हिस्सा सुरक्षित है। जबलपुर और नर्मदा घाटी में जरुर भूकंप के जोन मेें माना जाता है, लेकिन यहां ज्यादा तीव्रता का भूकंप नहीं आ सकता है, इसलिए चिंता की बात नहीं है।

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यह बात भूकंप वैैज्ञानिक और अखिल भारतीय तकनीकी परिषद (एआईसीटीई) के चेयरमेन डा.टीजी सीताराम ने कही। वे देवी अहिल्या विवि के दीक्षांत समारो ह में शामिल होने आए थे। जोशी मठ में आई दरारों को लेकर उन्होंने कहा कि जोशी मठ की दरारें भूकंप की वजह से नहीं है। यह शहर ग्लेशियर के मलबे पर बसा है और ढलान पर है। उसकी जमीन ज्यादा भार वहन नहीं कर सकती है। इस तरह के इलाकों में ज्यादा निर्माण नहीं होना चाहिए थे।

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जोशी मठ के भूर्गभ का हिस्सा खोखला है। वह अस्थिर हो रहा है। इसलिए दरारें आ रही है। कुछ मकानों में पहले भी दरारें आती थी, लेकिन उसे गंभीरता से नहीं लिया गया। अब प्रभावितों की संख्या बढ़ गई है। इंदौर को लेकर उन्होंने कहा कि यह शहर स्वच्छता की मिसाल बन चुका है। यहां सफाई का सिस्टम बन चुका है और लोगों में भी जागरुकता आई है। सीतराम ने कहा कि इंदौर एज्यूकेशन हब है। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय के कार्यक्षेत्र में सात आदिवासी बहुल्य जिले आते हैै। वहां के विद्यार्थी बेहतर शिक्षा पा रहे है। यह अच्छी बात है।

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