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MP Politics: भाजपा का मालवा-निमाड़ की 66 में से 50 सीटों पर जीत का लक्ष्य, शाह के आने से होगा लाभ
सार
मध्य प्रदेश में सत्ता की चाबी मालवा-निमाड़ इलाके के पास रहती है। 230 सीटों वाली मध्य प्रदेश विधानसभा में यहां 66 सीटें हैं। भाजपा का लक्ष्य यहां की कम से कम 50 सीटों पर जीत हासिल करना है।
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गृह मंत्री अमित शाह। फाइल फोटो
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मध्यप्रदेश में अपनी सरकार बरकरार रखने में कोई कसर बाकी नहीं रख रही भारतीय जनता पार्टी मालवा-निमाड़ की 66 में से 50 सीट पर जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है। इसी के चलते सोची-समझी रणनीति के तहत केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का इंदौर कार्यक्रम तय हुआ है। उनकी मौजूदगी में होने वाले बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन को भव्य स्वरूप देकर भाजपा मालवा-निमाड़ ही नहीं पूरे प्रदेश में अपने मजबूत इरादों का संदेश देना चाहती है।
2018 में खराब रहा था भाजपा का प्रदर्शन
2018 के विधानसभा चुनाव में मालवा-निमाड़ के कई जिलों में भाजपा का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था। खरगोन, बुरहानपुर और अलीराजपुर में उसे एक भी सीट नहीं मिली थी। धार, झाबुआ, बड़वानी और शाजापुर में एक-एक सीट मिल सकी थी। भाजपा के परंपरागत क्षेत्र देवास और उज्जैन में भी पार्टी को अपेक्षा के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी। इंदौर में 60-40 का अनुपात रहा था। कांग्रेस उम्मीदवार चार सीटों पर जीते थे। नीमच में तीन सीटें भाजपा के कब्जे में रहीं और मंदसौर में चार में से तीन पर उसे सफलता मिली। रतलाम में तीन सीट भाजपा को मिली थी, जबकि आगर में एक। पार्टी के कई दिग्गज चुनाव हारे थे। कई सीटों पर उसे मुश्किल जीत मिली थी।
आधे विधायकों के टिकट काटेगी भाजपा
2018 के चुनावों में मालवा-निमाड़ के नतीजों की अलग-अलग स्तर पर समीक्षा की गई थी। पार्टी का पूरा फोकस मालवा-निमाड़ की 66 सीटों पर है। इन सीटों का जिम्मा कैलाश विजयवर्गीय को सौंपा गया है। वे विधानसभा क्षेत्रवार दौरे भी शुरू कर चुके हैं। बड़े नेताओं से मेल-मुलाकात का दौर जारी है। वे कई बार कह चुके हैं कि पिछली बार हम ओवर कॉन्फिडेंस की वजह से चुनाव हारे थे। इस बार एक-एक सीट पर हम मेहनत कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य 50 सीट जीतने का है। मालवा-निमाड़ के आधे से ज्यादा भाजपा विधायकों के टिकट कट सकते हैं। इन विधायकों को मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके थे। अब संगठन स्तर से भी उन तक संदेश पहुंचना शुरू हो गए हैं।
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दिल्ली का भरोसा विजयवर्गीय पर
पार्टी का नेतृत्व भी यह मान रहा है कि मालवा-निमाड़ में विजयवर्गीय का नेटवर्क मजबूत है। बूथ से लेकर जिला स्तर तक उनके पास मजबूत टीम है। 2003 से लेकर 2018 तक के चार विधानसभा चुनावों में उन्होंने अपने कई समर्थकों को मदद भी की। विजयवर्गीय तालमेल जमाने में सिद्धहस्त हैं। पार्टी के पुराने और नए कार्यकर्ताओं में उनकी समान पकड़ है। इस बार विधानसभा चुनाव में सारे सूत्र दिल्ली के हाथ में हैं, इसलिए विजयवर्गीय पर भरोसा किया जा रहा है। सितंबर में जो चार विजय संकल्प यात्राएं मध्य प्रदेश में शुरू होंगी, उनमें उज्जैन से शुरू होने वाली यात्रा का नेतृत्व विजयवर्गीय को सौंपा जा सकता है। इंदौर में केंद्रीय गृहमंत्री की मौजूदगी में होने वाले बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के सारे सूत्र विजयवर्गीय के हाथों में हैं। शुक्रवार रात हरियाणा से लौटने के बाद वे सीधे आयोजन स्थल पर पहुंचे। व्यवस्थाओं की जानकारी ली। विजयवर्गीय के कट्टर समर्थक विधायक रमेश मेंदौला पिछले तीन दिन से यहां हैं। कार्यक्रम स्थल की अहम जिम्मेदारियां भी विजयवर्गीय समर्थकों के हाथ में है।
इंदौर में भी नेताओं की क्लास लगेगी
बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के बाद अमित शाह रविवार को होटल मैरियट में पार्टी के बड़े नेताओं की क्लास लेंगे। पहले यह क्लास जावरा कंपाउंड स्थित भाजपा कार्यालय में लगनी थी। बाद में स्थान बदलकर होटल मैरियट किया गया। इस क्लास में शामिल होने के लिए नेताओं को सूचना प्रदेश संगठन भेज रहा है। तय व्यवस्था के मुताबिक शहर और जिले के अध्यक्षों के साथ-साथ मालवा-निमाड़ से प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी, इंदौर के सभी विधायक और प्रमुख नेता इस क्लास में मौजूद रहेंगे।
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2018 में खराब रहा था भाजपा का प्रदर्शन
2018 के विधानसभा चुनाव में मालवा-निमाड़ के कई जिलों में भाजपा का प्रदर्शन बहुत खराब रहा था। खरगोन, बुरहानपुर और अलीराजपुर में उसे एक भी सीट नहीं मिली थी। धार, झाबुआ, बड़वानी और शाजापुर में एक-एक सीट मिल सकी थी। भाजपा के परंपरागत क्षेत्र देवास और उज्जैन में भी पार्टी को अपेक्षा के मुताबिक सफलता नहीं मिली थी। इंदौर में 60-40 का अनुपात रहा था। कांग्रेस उम्मीदवार चार सीटों पर जीते थे। नीमच में तीन सीटें भाजपा के कब्जे में रहीं और मंदसौर में चार में से तीन पर उसे सफलता मिली। रतलाम में तीन सीट भाजपा को मिली थी, जबकि आगर में एक। पार्टी के कई दिग्गज चुनाव हारे थे। कई सीटों पर उसे मुश्किल जीत मिली थी।
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आधे विधायकों के टिकट काटेगी भाजपा
2018 के चुनावों में मालवा-निमाड़ के नतीजों की अलग-अलग स्तर पर समीक्षा की गई थी। पार्टी का पूरा फोकस मालवा-निमाड़ की 66 सीटों पर है। इन सीटों का जिम्मा कैलाश विजयवर्गीय को सौंपा गया है। वे विधानसभा क्षेत्रवार दौरे भी शुरू कर चुके हैं। बड़े नेताओं से मेल-मुलाकात का दौर जारी है। वे कई बार कह चुके हैं कि पिछली बार हम ओवर कॉन्फिडेंस की वजह से चुनाव हारे थे। इस बार एक-एक सीट पर हम मेहनत कर रहे हैं। हमारा लक्ष्य 50 सीट जीतने का है। मालवा-निमाड़ के आधे से ज्यादा भाजपा विधायकों के टिकट कट सकते हैं। इन विधायकों को मुख्यमंत्री पहले ही संकेत दे चुके थे। अब संगठन स्तर से भी उन तक संदेश पहुंचना शुरू हो गए हैं।
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दिल्ली का भरोसा विजयवर्गीय पर
पार्टी का नेतृत्व भी यह मान रहा है कि मालवा-निमाड़ में विजयवर्गीय का नेटवर्क मजबूत है। बूथ से लेकर जिला स्तर तक उनके पास मजबूत टीम है। 2003 से लेकर 2018 तक के चार विधानसभा चुनावों में उन्होंने अपने कई समर्थकों को मदद भी की। विजयवर्गीय तालमेल जमाने में सिद्धहस्त हैं। पार्टी के पुराने और नए कार्यकर्ताओं में उनकी समान पकड़ है। इस बार विधानसभा चुनाव में सारे सूत्र दिल्ली के हाथ में हैं, इसलिए विजयवर्गीय पर भरोसा किया जा रहा है। सितंबर में जो चार विजय संकल्प यात्राएं मध्य प्रदेश में शुरू होंगी, उनमें उज्जैन से शुरू होने वाली यात्रा का नेतृत्व विजयवर्गीय को सौंपा जा सकता है। इंदौर में केंद्रीय गृहमंत्री की मौजूदगी में होने वाले बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन के सारे सूत्र विजयवर्गीय के हाथों में हैं। शुक्रवार रात हरियाणा से लौटने के बाद वे सीधे आयोजन स्थल पर पहुंचे। व्यवस्थाओं की जानकारी ली। विजयवर्गीय के कट्टर समर्थक विधायक रमेश मेंदौला पिछले तीन दिन से यहां हैं। कार्यक्रम स्थल की अहम जिम्मेदारियां भी विजयवर्गीय समर्थकों के हाथ में है।
इंदौर में भी नेताओं की क्लास लगेगी
बूथ कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होने के बाद अमित शाह रविवार को होटल मैरियट में पार्टी के बड़े नेताओं की क्लास लेंगे। पहले यह क्लास जावरा कंपाउंड स्थित भाजपा कार्यालय में लगनी थी। बाद में स्थान बदलकर होटल मैरियट किया गया। इस क्लास में शामिल होने के लिए नेताओं को सूचना प्रदेश संगठन भेज रहा है। तय व्यवस्था के मुताबिक शहर और जिले के अध्यक्षों के साथ-साथ मालवा-निमाड़ से प्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के पदाधिकारी, इंदौर के सभी विधायक और प्रमुख नेता इस क्लास में मौजूद रहेंगे।
