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इंदौर : मंजूरी के लिए भागीरथपुरा की फाइल चार माह तक मेयर और उनकी परिषद के पास धूल खाती रही

Thu, 08 Oct 2026 06:03 AM IST
Abhishek Chendke न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर Published by: Abhishek Chendke Updated Thu, 08 Oct 2026 06:03 AM IST
सार

भागीरथपुरा में लोगों के बीमार होने की जानकारी होने के बावजूद नगर निगम की फाइल कछुए की चाल से चलती रही। फाइल को मंजूरी मिलने में पूरे 859 दिन लग गए। इस दौरान 66 दिन मेयर कार्यालय और करीब चार माह महापौर परिषद कार्यालय में फाइल अटकी रही।

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Indore: The file for Bhagirathpura gathered dust with the Mayor and his council for four months, awaiting appr
भागीरथपुरा - फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर

विस्तार

भागीरथपुरा दूषित पेयजल कांड के लिए हुई आयोग की जांच में यह भी खुलासा हुआ कि नगर निगम में किसी काम की फाइल कछुए की चाल से चलती है। भागीरथपुरा में गंदा पानी आ रहा था, लोग बीमार हो रहे थे। यह बात जनप्रतिनिधियों को भी पता थी, इसके बावजूद फाइल की मंजूरी होने में 859 दिन का समय लगा। इनमें 66 दिन मेयर कार्यालय में और चार माह महापौर परिषद कार्यालय में ही फाइल आगे नहीं बढ़ी और बस्ती में लोगों के बीमार होने का सिलसिला जारी रहा।

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दिसंबर में जब बड़ी संख्या में लोग बीमार होने लगे तो जनप्रतिनिधियों और अफसरों की नींद खुली, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। आयोग की जांच रिपोर्ट में अफसरों को दूषित पानी के लिए दोषी माना गया, लेकिन जनप्रतिनिधियों को भी क्लीन चिट नहीं दी गई। रिपोर्ट के 112वें पेज पर इसका उल्लेख किया गया है।

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भागीरथपुरा में नई लाइन बिछाने का प्रस्ताव ढाई करोड़ रुपये का बना था, लेकिन काम शुरू होने में दो साल से ज्यादा का समय लगा। बार-बार टेंडर बुलाने के अलावा अलग-अलग स्तरों पर फाइल मंजूरी के लिए धूल खाती रही। क्षेत्रीय पार्षद कमल वाघेला ने भी दबाव नहीं बनाया, जबकि उनके पास लगातार लोगों के बीमार होने और पानी दूषित होने की शिकायतें आ रही थीं।

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ड्रेनेज लाइन घोटाला भी एक वजह

शहर में ड्रेनेज लाइन घोटाला हो गया था, तभी भागीरथपुरा की फाइल भी चली थी। घोटाला सामने आने के बाद ज्यादातर फाइलों को बारीकी से देखकर आगे बढ़ाया जा रहा था। माना जा रहा है कि तब की जा रही अतिरिक्त सतर्कता का असर भागीरथपुरा की फाइल पर भी पड़ा। भागीरथपुरा मामले में अब अगली सुनवाई पर याचिकाकर्ता दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर सकते हैं।

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