{"_id":"67c82e9358d5a776cf005e86","slug":"indore-news-outer-ring-road-survey-congress-bjp-kisan-andolan-farmers-protest-2025-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Indore News: किसानों के लिए अब जागी कांग्रेस, जीतू पटवारी करेंगे गांवों का दौरा, 8 दिन चलेगी यात्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Indore News: किसानों के लिए अब जागी कांग्रेस, जीतू पटवारी करेंगे गांवों का दौरा, 8 दिन चलेगी यात्रा
Wed, 05 Mar 2025 04:29 PM IST
अर्जुन रिछारिया
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
Published by: अर्जुन रिछारिया
Updated Wed, 05 Mar 2025 04:29 PM IST
सार
Indore News: आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत भूमि अधिग्रहण को लेकर विरोध तेज हो गया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ के विरोध के बाद सर्वे कार्य रुक गया था। अब कांग्रेस ने इस मुद्दे को भुनाने के लिए पदयात्रा शुरू कर दी है।
विज्ञापन
आउटर रिंग रोड के सर्वे के विरोध में किसान।
- फोटो : अमर उजाला, डिजिटल डेस्क, इंदौर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आउटर रिंग रोड के लिए किए जा रहे सर्वे का विरोध करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े भारतीय किसान संघ ने इसे रुकवा दिया था। अब कांग्रेस ने इस मुद्दे को उठाते हुए प्रभावित गांवों के किसानों तक पहुंचने के लिए पदयात्रा निकालने की योजना बनाई है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी खुद इस यात्रा का नेतृत्व करेंगे और आठ दिनों तक इंदौर के प्रभावित क्षेत्रों में पदयात्रा करेंगे।
सर्वे को लेकर क्यों हुआ विरोध?
जब आउटर रिंग रोड का सर्वे किया जा रहा था, तब प्रभावित गांवों के किसानों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। भारतीय किसान संघ ने किसानों के साथ मिलकर नेशनल हाईवे के अधिकारियों को किसी भी गांव में सर्वे करने से रोक दिया। यहां तक कि प्रशासन को कलेक्टर कार्यालय पर हुए धरने के बाद यह आश्वासन देना पड़ा कि जब तक मुख्यमंत्री से बातचीत नहीं हो जाती, तब तक सर्वे नहीं होगा। इस आश्वासन के बाद सर्वे कार्य पूरी तरह रोक दिया गया। अब कांग्रेस इस मुद्दे पर सक्रिय हो गई है और किसानों के बीच जाकर सरकार की नीतियों का विरोध कर रही है।
आउटर रिंग रोड और पूर्वी रिंग रोड के प्रभावित गांव
आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत धार जिले के पांच गांव, देपालपुर तहसील के 16 गांव और सांवेर तहसील के 18 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से देपालपुर तहसील का 35 किलोमीटर और सांवेर तहसील का 37 किलोमीटर का हिस्सा इस परियोजना में शामिल है। जीतू पटवारी इन सभी गांवों में पदयात्रा करेंगे। इसके अलावा, पूर्वी रिंग रोड भी इस पदयात्रा का हिस्सा होगी। यह रोड पीर कराड़िया गांव से शुरू होकर नेटरेक्स तक फैली हुई है। इस क्षेत्र में चार केंद्र बनाए गए हैं, जहां हर सेंटर से 200 बीघा जमीन अधिग्रहित की जानी है। बेटमा खुर्द को भी एक केंद्र बनाया गया है। इस पूरे क्षेत्र की कुल लंबाई 77 किलोमीटर है, जिसे चार दिन में कवर किया जाएगा।
विज्ञापन
कैसा रहेगा पदयात्रा का कार्यक्रम?
पदयात्रा को लेकर कांग्रेस ने विस्तृत शेड्यूल तैयार किया है।
- हर दिन सुबह नाश्ते के बाद पदयात्रा शुरू होगी।
- दिन में किसी गांव में रुककर भोजन किया जाएगा।
- शाम को जिस स्थान पर यात्रा रुकेगी, वहां पर सभा का आयोजन होगा।
- इस दौरान कांग्रेस के नेता किसानों से मिलकर सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे।
- जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव के अनुसार, यह यात्रा 10 मार्च तक तय की गई है और होली के बाद इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
किसानों को 15 गुना कम मुआवजा देने का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक कीमत से 15 गुना कम मुआवजा देने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेता सदाशिव यादव का कहना है कि जिस गांव में सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत 10 लाख रुपए प्रति एकड़ है, वहां की वास्तविक कीमत 1.5 करोड़ रुपए प्रति एकड़ है। इसके बावजूद सरकार केवल दोगुना मुआवजा देने की योजना बना रही है, जबकि भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।
किसानों को पक्ष में लेने का प्रयास
कांग्रेस इस पदयात्रा के जरिए किसानों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। पार्टी इस अभियान के जरिए सरकार पर दबाव बनाकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग करेगी।
समय बताएगा पदयात्रा का कितना असर होगा
आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पहले भारतीय किसान संघ ने इसका विरोध करके सर्वे रुकवा दिया, और अब कांग्रेस ने पदयात्रा निकालकर इस मुद्दे को और गरमा दिया है। जीतू पटवारी की यह यात्रा किसानों को जागरूक करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। अब देखना होगा कि इस पदयात्रा का कितना असर पड़ता है और क्या किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिल पाता है या नहीं।
विज्ञापन
सर्वे को लेकर क्यों हुआ विरोध?
जब आउटर रिंग रोड का सर्वे किया जा रहा था, तब प्रभावित गांवों के किसानों ने इसका जबरदस्त विरोध किया। भारतीय किसान संघ ने किसानों के साथ मिलकर नेशनल हाईवे के अधिकारियों को किसी भी गांव में सर्वे करने से रोक दिया। यहां तक कि प्रशासन को कलेक्टर कार्यालय पर हुए धरने के बाद यह आश्वासन देना पड़ा कि जब तक मुख्यमंत्री से बातचीत नहीं हो जाती, तब तक सर्वे नहीं होगा। इस आश्वासन के बाद सर्वे कार्य पूरी तरह रोक दिया गया। अब कांग्रेस इस मुद्दे पर सक्रिय हो गई है और किसानों के बीच जाकर सरकार की नीतियों का विरोध कर रही है।
विज्ञापन
आउटर रिंग रोड और पूर्वी रिंग रोड के प्रभावित गांव
आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट के तहत धार जिले के पांच गांव, देपालपुर तहसील के 16 गांव और सांवेर तहसील के 18 गांव प्रभावित हो रहे हैं। इनमें से देपालपुर तहसील का 35 किलोमीटर और सांवेर तहसील का 37 किलोमीटर का हिस्सा इस परियोजना में शामिल है। जीतू पटवारी इन सभी गांवों में पदयात्रा करेंगे। इसके अलावा, पूर्वी रिंग रोड भी इस पदयात्रा का हिस्सा होगी। यह रोड पीर कराड़िया गांव से शुरू होकर नेटरेक्स तक फैली हुई है। इस क्षेत्र में चार केंद्र बनाए गए हैं, जहां हर सेंटर से 200 बीघा जमीन अधिग्रहित की जानी है। बेटमा खुर्द को भी एक केंद्र बनाया गया है। इस पूरे क्षेत्र की कुल लंबाई 77 किलोमीटर है, जिसे चार दिन में कवर किया जाएगा।
विज्ञापन
कैसा रहेगा पदयात्रा का कार्यक्रम?
पदयात्रा को लेकर कांग्रेस ने विस्तृत शेड्यूल तैयार किया है।
- हर दिन सुबह नाश्ते के बाद पदयात्रा शुरू होगी।
- दिन में किसी गांव में रुककर भोजन किया जाएगा।
- शाम को जिस स्थान पर यात्रा रुकेगी, वहां पर सभा का आयोजन होगा।
- इस दौरान कांग्रेस के नेता किसानों से मिलकर सरकार के खिलाफ जनजागरण अभियान चलाएंगे।
- जिला कांग्रेस अध्यक्ष सदाशिव यादव के अनुसार, यह यात्रा 10 मार्च तक तय की गई है और होली के बाद इसे आगे बढ़ाया जा सकता है।
किसानों को 15 गुना कम मुआवजा देने का आरोप
कांग्रेस का आरोप है कि सरकार किसानों को उनकी जमीन की वास्तविक कीमत से 15 गुना कम मुआवजा देने की तैयारी कर रही है। कांग्रेस नेता सदाशिव यादव का कहना है कि जिस गांव में सरकारी गाइडलाइन के अनुसार जमीन की कीमत 10 लाख रुपए प्रति एकड़ है, वहां की वास्तविक कीमत 1.5 करोड़ रुपए प्रति एकड़ है। इसके बावजूद सरकार केवल दोगुना मुआवजा देने की योजना बना रही है, जबकि भूमि अधिग्रहण अधिनियम के अनुसार चार गुना मुआवजा मिलना चाहिए।
किसानों को पक्ष में लेने का प्रयास
कांग्रेस इस पदयात्रा के जरिए किसानों को अपने पक्ष में करने की कोशिश कर रही है। पार्टी इस अभियान के जरिए सरकार पर दबाव बनाकर किसानों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग करेगी।
समय बताएगा पदयात्रा का कितना असर होगा
आउटर रिंग रोड प्रोजेक्ट को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। पहले भारतीय किसान संघ ने इसका विरोध करके सर्वे रुकवा दिया, और अब कांग्रेस ने पदयात्रा निकालकर इस मुद्दे को और गरमा दिया है। जीतू पटवारी की यह यात्रा किसानों को जागरूक करने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए की जा रही है। अब देखना होगा कि इस पदयात्रा का कितना असर पड़ता है और क्या किसानों को उनकी जमीन का उचित मुआवजा मिल पाता है या नहीं।
