Indore News: भाजपा विधायक के पोते ने इंदौर में किया सुसाइड, पुलिस तलाश रही मौत का कारण
पुलिस ने विजय का मोबाइल फोन जब्त किया है, ताकि यह पता चल सके कि उसने आत्महत्या करने से पहले किन लोगों से बात की। पुलिस को विजय के कमरे से एक सुसाइड नोट भी मिला है। उसमें किसी को परेशान न करने की बात कही गई है।
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खिलचीपुर से भाजपा विधायक हजारीलाल दांगी के पोते ने इंदौर मेें आत्महत्या कर ली। वह गांधी नगर के एक मकान में किराए से रहता था। इंदौर में रहकर पढ़ाई कर रहा था। उसने आत्महत्या क्यों की, यह पुलिस को अब तक पता नहीं चला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। आत्महत्या की जानकारी मिलने के बाद विधायक सहित अन्य परिजन इंदौर पहुंचे।
पुलिस के मुताबिक विधायक हजारी लाल दांगी का पोता विजय दांगी इंदौर के एक लाॅ काॅलेज में एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। वह दो वर्षों से इंदौर में था। उसने सोमवार देर रात अपने कमरे में आत्महत्या कर ली। जब उसने परिजनों का काॅल नहीं उठाया तो उन्हें शंका हुई। इंदौर मेें रहने वाले रिश्तेदार घर पहुंचे तो वह कमरे में मृत मिला। बाद में पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने विजय का मोबाइल फोन जब्त किया है, ताकि यह पता चल सके कि उसने आत्महत्या करने से पहले किन लोगों से बात की। पुलिस को विजय के कमरे से सुसाइड नोट भी मिला है। फिलहाल दोस्ती की वजह सामने आ रही है।
जहरीला पदार्थ खाकर मौत को गले लगाया
विजय ने जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दी। सुसाइड नोट में उसने लिखा कि वह अपनी मर्जी से आत्महत्या कर रहा है। मेरी मौत के बाद परिवार के लोगों को परेशान न करें। विजय के दोस्तों ने परिजनों को बताया कि बीते कुछ दिनों से विजय गुमसुम सा रहता था। वह किसी से बात नहीं करता था।
मोबाइल का पासवर्ड भाई को भेजा
विजय के कमरे से पुलिस को दो पेज का सुसाइड नोट मिला है। नोट में उसने एक टेडी बीयर का भी जिक्र किया और कहा कि यह मुझे मेरी फ्रेंड ने गिफ्ट में दिया हैै, उसे कोई हाथ न लगाएं। विजय ने लिखा कि उसका मोबाइल का पासवर्ड भाई को भेजा है। उसके फिंगर प्रिंट से भी वह खुल जाएगा। उसने अपने माता-पिता से आत्महत्या के लिए माफी भी मांगी। विजय के पिता सरपंच है। विजय का बड़ा भाई अजय भी इंदौर मेें रहकर बीबीए कर चुका है।
सांसद ने जताया शोक
खिलचीपुर विधायक हजारीलाल दांगी के पोते के निधन पर राजगढ़ सांसद रोडमल नागर ने शोक जताया है। विजय के शव को पोस्मार्टम के बाद परिजन पैतृक गांव काशीखेड़ा ले गए।
