इंदौर: इंदौर में दीपावली पर चलाया चौराहों पर अभियान, आठ भिक्षुकों को पकड़ा और पहुंचा केंद्र
दीपावली सहित आगामी त्योहारों के मद्देनजर इंदौर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने अभियान तेज कर दिया है। महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम ने शहर के आठ प्रमुख चौराहों और धार्मिक स्थलों पर कार्रवाई करते हुए आठ भिक्षुकों को रेस्क्यू किया।
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दीपावली और अन्य आगामी त्योहारों को देखते हुए प्रशासन ने इंदौर के प्रमुख चौराहों पर अभियान चलाकर उन्हें भिक्षावृत्ति मुक्त करने की कार्रवाई की। आठ चौराहों पर सुबह महिला एवं बाल विकास विभाग की टीम पहुंची और भिक्षावृत्ति में शामिल लोगों को रेस्क्यू कर केंद्रों पर पहुंचाया। रेस्क्यू किए गए सभी लोगों की उम्र 60 साल से अधिक बताई गई है। वे वर्षों से भीख मांगकर अपना गुजारा कर रहे थे।
अभियान के तहत शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। विभागीय दल विभिन्न क्षेत्रों में भ्रमण कर भिक्षावृत्ति में शामिल लोगों की पहचान कर कार्रवाई कर रहा है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के कार्यक्रम अधिकारी रजनीश सिन्हा ने बताया कि अभियान के तहत गठित दल शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में लगातार भ्रमण और निगरानी कर रहा है। इसी क्रम में दल ने मिल क्षेत्र से होते हुए परदेशीपुरा और पाटनीपुरा क्षेत्र में कार्रवाई की। इस दौरान रास्ते में आने वाले शनि मंदिर सहित अन्य धार्मिक स्थलों पर भी सर्चिंग की गई। अभियान के दौरान कुल आठ भिक्षुकों को रेस्क्यू किया गया।
उन्होंने बताया कि त्योहारों के दौरान प्रमुख धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। इसे देखते हुए अभियान के तहत विशेष सतर्कता बरती जा रही है। शहर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने के लिए टीम लगातार काम करेगी।
गौरतलब है कि शहर के चौराहों और फूड स्ट्रीट पर बड़ी संख्या में भिक्षुक नजर आते हैं। सिग्नल रेड होने पर वाहन रुकते ही ये भिक्षुक लोगों के पास पहुंचकर भीख मांगने लगते हैं।
