Indore: इंदौर में बीमा निगम ने बनाया अस्पताल, तो बंद कर दिए दो मार्ग, विरोध शुरू
परिसर में सरकारी कर्मचारियों के मकानों के अलावा बीमा निगम का कार्यालय भी है। इस परिसर से मारुति नगर होते हुए लोग सुखलिया ग्राम चौराहा तक जाते थे। सप्ताह भर पहले शेड लगाकर दो पहिया वाहन की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई।
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इंदौर में तीन सौ करोड़ की लागत से कर्मचारी राज्य बीमा निगम ने अस्पताल बनाया, लेकिन परिसर से जुड़े दो रास्ते बंद कर दिए। इस मार्ग से आम लोग आवाजाही करते थे और एमआर-9 मार्ग से विजय नगर व सुखलिया ग्राम चौराहा तक जाते थे।
इस तरह रास्ते बंद किए जाने का लोगों ने विरोध शुरू कर दिया है। नगर निगम सभापति मुन्नालाल यादव खुद बीमा निगम के अफसरों को ज्ञापन देने गए थे, लेकिन रास्ता फिर खोलने की मांग नहीं मानी गई।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम का परिसर डेढ़ सौ एकड़ में फैला हुआ है। परिसर में सरकारी कर्मचारियों के मकानों के अलावा बीमा निगम का कार्यालय भी है। इस परिसर से मारुति नगर होते हुए लोग सुखलिया ग्राम चौराहा तक जाते थे। चार माह पहले मार्ग पर चार पहिया वाहनों की एंट्री बंद की गई, लेकिन सप्ताह भर पहले शेड लगाकर दो पहिया वाहन की आवाजाही पर भी रोक लगा दी गई।
बीमा निगम के अफसरों का इस बारे में कहना है कि परिसर बीमा निगम की संपत्ति है। मार्ग आम लोगों के लिए नहीं है,इसलिए इसे बंद कर दिया गया। वाहन चालकों का कहना है कि सड़क बीते 40 वर्षों से उपयोग में आ रही है और बीमा निगम को जमीन दिए जाने से पहले भी यह मार्ग आवाजाही के उपयोग में आता था।
इस तरह मार्ग बंद करना अफसरों की मनमानी है। यह मार्ग मारुति नगर के ट्रैफिक के दबाव को कम करता है। शाम के समय उस मार्ग पर अक्सर यातायात बाधित होता है। बीमा निगम ने मार्ग पर वाहन प्रतिबंधित किए जाने के बोर्ड भी लगा दिए है।
