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Indore: बांसवाड़ा के व्यापारी ने इंदौर में ली दीक्षा, संन्यासी बन अपनाया संयम का मार्ग
Sun, 05 Oct 2025 07:07 PM IST
अभिषेक चेंडके
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: अभिषेक चेंडके
Updated Sun, 05 Oct 2025 07:07 PM IST
सार
सुबह चार बजे केशलोचन से दीक्षा समारोह की प्रक्रिया शुरू हुई। मेहता ने अपने केश त्यागे। फिर पारंपरिक मंगल स्नान किया। सुबह कलश यात्रा व शोभा यात्रा निकली। लाल पगड़ी में वे अपनी पत्नी के साथ रथ पर सवार हुए। शोभायात्रा मंदिर पहुंची।
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मेहता ने ली दीक्षा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंदौर के डेली काॅलेज में पढ़े राजस्थान के बांसवाड़ा में मार्बल के बड़े व्यापारी अनिल मेहता ने 58 वर्ष की उम्र में संन्यास ले लिया। रविवार को उन्होंने इंदौर में विजय नगर स्थित कार्यक्रम में दीक्षा ली। विनम्र सागर महाराज व अन्य मुनिश्री की मौजूदगी में उन्हें दीक्षा दिलाई गई। उनके अलावा कुछ अन्य लोगों ने भी वैराग्य धारण किया है।
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रविवार सुबह चार बजे केशलोचन से दीक्षा समारोह की प्रक्रिया शुरू हुई। मेहता ने अपने केश त्यागे। फिर पारंपरिक मंगल स्नान किया। इसके बाद कलश यात्रा व शोभायात्रा निकली। लाल पगड़ी में वे अपनी पत्नी के साथ रथ पर सवार हुए। शोभायात्रा मंदिर पहुंची। फिर सुबह दस बजे मुख्य दीक्षा समारोह शुरू हुआ। इस मौके पर कई जैन संत भी मौजूद थे। मेहता के परिवार के लोग व रिश्तेदार भी समारोह में शामिल हुए।
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असली आनंद साधना और तप में
अनिल मेहता की उम्र 58 साल है। कुछ साल पहले बांसवाड़ा चले गए थे और वहां उन्होंने अपना कारोबार फैलाया। वे मार्बल के कारोबार से जुड़े थे। मेहता उच्च शिक्षित परिवार से आते हैं और वे इंदौर के डेली काॅलेज से पढ़े हैं। इसके अलावा क्रिश्चिन काॅलेज से भी उन्होंने पढ़ाई की। दीक्षा लेने के फैसले में उनके परिवार ने भी सहमति दी। मेहता का मानना है कि सांसारिक मोह में आनंद नहीं है। असली आनंद संयम, साधना और तप में है।
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