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इंदौर: कलेक्टर ने ली अस्पताल संचालकों की बैठक, कहा- प्रत्येक ऑक्सीजन प्लांट पर तकनीकी विशेषज्ञ नियुक्त करना अनिवार्य
Thu, 23 Dec 2021 06:23 PM IST
चंद्रप्रकाश शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, इंदौर
Published by: चंद्रप्रकाश शर्मा
Updated Thu, 23 Dec 2021 06:23 PM IST
सार
कलेक्टर मनीष सिंह ने निर्देश दिए हैं कि जिन भी अशासकीय अस्पतालों की बेड क्षमता 50 से अधिक है उनको अनिवार्य रूप से न्यूनतम 10 प्रतिशत बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित करने होंगे।
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बैठक में निर्देश देते हुए कलेक्टर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
जिला प्रशासन द्वारा कोरोना वायरस की आशंकित तीसरी लहर से जनसमुदाय की स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। इसी तारतम्य में कलेक्टर मनीष सिंह द्वारा पिछले सप्ताह 50 बिस्तरों से अधिक संख्या वाले समस्त अशासकीय चिकित्सालयों में न्यूनतम 10 प्रतिशत बिस्तरों को कोविड मरीजों हेतु आरक्षित करने के संबंध में निर्देश दिए गए थे। साथ ही जिले में स्थापित सभी शासकीय एवं निजी ऑक्सीजन प्लांट्स की कार्यक्षमता का भौतिक सत्यापन करने के लिए दल गठित किया गया था।
कलेक्टर ने गुरुवार को उक्त आदेश के अनुपालन स्थिति की समीक्षा करने के लिए प्रीतमलाल दुआ सभागृह में गठित किए दल के प्रभारी अधिकारियों तथा हॉस्पिटल संचालकों की बैठक ली गई। इस अवसर पर आईडीए के सीईओ विवेक श्रोत्रिय, अपर कलेक्टर अभय बेडेकर, सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या, सभी एसडीएम, जेडएमओ, स्वास्थ्य अधिकारी तथा हॉस्पिटल संचालक उपस्थित रहे। कलेक्टर ने गठित किए गए दल के प्रत्येक प्रभारी अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी से चर्चा कर अस्पतालों में इंस्टॉल किए गए ऑक्सीजन प्लांट की कार्यक्षमता, ऑक्सीजन की गुणवत्ता आदि विषयों पर जानकारी ली।
उन्होंने सभी हॉस्पिटल संचालकों को निर्देश दिए कि वे ऑक्सीजन प्लांट पर अनिवार्य रूप से तकनीकी विशेषज्ञ की नियुक्ति करें। साथ ही सभी प्लांट्स का वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) भी अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि जिन भी अशासकीय अस्पतालों की बेड क्षमता 50 से अधिक हैं उनको अनिवार्य रूप से न्यूनतम 10 प्रतिशत बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित करने होंगे। कलेक्टर ने निर्धारित समयावधि अंतर्गत ऑक्सीजन प्लांट इंस्टॉल कर कार्यशील नहीं करने पर ग्रेटर कैलाश अस्पताल, एप्पल अस्पताल एवं मयूर अस्पताल की भर्ती संख्या 75 प्रतिशत तक सीमित करने एवं संबंधित अस्पतालों की मेडिकल की दुकान बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्षेत्रीय जेडएमओ के साथ पुन: समस्त अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट्स का अवलोकन करें एवं जहां भी अनियमिताएं पाई जाती हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही
कलेक्टर ने कहा कि यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो हमें अभी से ही वायरस के रोकथाम के लिए संपूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कलेक्टर ने संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों से उनके क्षेत्र के सीएचसी में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट्स की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट की भी एएमसी कराई जाए। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञ भी नियुक्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान जिन भी क्षेत्रों में कोविड केयर सेंटर बनाए गए थे, उन्हें भी पुन: प्रारंभ कर दिया जाए। सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी इसमे सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। साथ ही एम्बुलेंस की संख्या का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं स्वास्थ्य अमला यह सुनिश्चित करे कि प्रोएक्टिवली सभी व्यवस्थाओं की आपूर्ति हेतु जरूरी तैयारियां अभी से कर ली जाए।
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कलेक्टर ने गुरुवार को उक्त आदेश के अनुपालन स्थिति की समीक्षा करने के लिए प्रीतमलाल दुआ सभागृह में गठित किए दल के प्रभारी अधिकारियों तथा हॉस्पिटल संचालकों की बैठक ली गई। इस अवसर पर आईडीए के सीईओ विवेक श्रोत्रिय, अपर कलेक्टर अभय बेडेकर, सीएमएचओ डॉ. बीएस सैत्या, सभी एसडीएम, जेडएमओ, स्वास्थ्य अधिकारी तथा हॉस्पिटल संचालक उपस्थित रहे। कलेक्टर ने गठित किए गए दल के प्रत्येक प्रभारी अधिकारी एवं स्वास्थ्य अधिकारी से चर्चा कर अस्पतालों में इंस्टॉल किए गए ऑक्सीजन प्लांट की कार्यक्षमता, ऑक्सीजन की गुणवत्ता आदि विषयों पर जानकारी ली।
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उन्होंने सभी हॉस्पिटल संचालकों को निर्देश दिए कि वे ऑक्सीजन प्लांट पर अनिवार्य रूप से तकनीकी विशेषज्ञ की नियुक्ति करें। साथ ही सभी प्लांट्स का वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) भी अवश्य करवाएं। उन्होंने कहा कि जिन भी अशासकीय अस्पतालों की बेड क्षमता 50 से अधिक हैं उनको अनिवार्य रूप से न्यूनतम 10 प्रतिशत बेड कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए आरक्षित करने होंगे। कलेक्टर ने निर्धारित समयावधि अंतर्गत ऑक्सीजन प्लांट इंस्टॉल कर कार्यशील नहीं करने पर ग्रेटर कैलाश अस्पताल, एप्पल अस्पताल एवं मयूर अस्पताल की भर्ती संख्या 75 प्रतिशत तक सीमित करने एवं संबंधित अस्पतालों की मेडिकल की दुकान बंद करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी प्रभारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे क्षेत्रीय जेडएमओ के साथ पुन: समस्त अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट्स का अवलोकन करें एवं जहां भी अनियमिताएं पाई जाती हैं उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए।
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बर्दाश्त नहीं होगी लापरवाही
कलेक्टर ने कहा कि यदि कोरोना की तीसरी लहर आती है, तो हमें अभी से ही वायरस के रोकथाम के लिए संपूर्ण व्यवस्थाएं सुनिश्चित करनी होंगी। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। कलेक्टर ने संबंधित अनुविभागीय अधिकारियों से उनके क्षेत्र के सीएचसी में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट्स की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि सभी शासकीय अस्पतालों में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट की भी एएमसी कराई जाए। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञ भी नियुक्त किए जाएं। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की दूसरी लहर के दौरान जिन भी क्षेत्रों में कोविड केयर सेंटर बनाए गए थे, उन्हें भी पुन: प्रारंभ कर दिया जाए। सामाजिक संगठनों की भागीदारी भी इसमे सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सीएमएचओ को निर्देश दिए कि जरूरी दवाइयों का पर्याप्त स्टॉक रखा जाए। साथ ही एम्बुलेंस की संख्या का भी ध्यान रखा जाए। उन्होंने कहा कि सभी अधिकारी एवं स्वास्थ्य अमला यह सुनिश्चित करे कि प्रोएक्टिवली सभी व्यवस्थाओं की आपूर्ति हेतु जरूरी तैयारियां अभी से कर ली जाए।
