भोजशाला को लेकर धार में सुरक्षा का अभेद्य घेरा: 2200 पुलिसकर्मी तैनात, तिरंगे के साथ निकला फ्लैग मार्च
भोजशाला को लेकर हाईकोर्ट के फैसले के बाद धार में हाई अलर्ट घोषित किया गया है। शहर में 2200 पुलिसकर्मी, CRPF और SAF तैनात हैं। ड्रोन, CCTV और बाइक पुलिस टीम निगरानी कर रही है। प्रशासन ने जुलूस-महाआरती की अनुमति से इनकार करते हुए धारा 144 लागू रखी है।
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हाईकोर्ट द्वारा भोजशाला को मंदिर मानने के ऐतिहासिक फैसले के बाद 22 मई को पड़ने वाले पहले शुक्रवार को लेकर धार जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। शहर में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 2200 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। गुरुवार दोपहर तक सभी वरिष्ठ अधिकारी धार पहुंच चुके थे। शाम को शहर में तिरंगा लेकर पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला और नागरिकों से शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
बसंत पंचमी के बाद यह पहला अवसर है जब धार में इतनी बड़ी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किया गया है। राज्य शासन से लेकर केंद्र की खुफिया एजेंसियां भी पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को तीन लेयर में बांटा है। पहली लेयर भोजशाला परिसर के भीतर, दूसरी भोजशाला और उसके आसपास 50 मीटर क्षेत्र में तथा तीसरी पूरे शहर की सुरक्षा व्यवस्था के लिए बनाई गई है। पुलिस की क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को विशेष रूप से सक्रिय किया गया है। किसी भी सूचना पर बाइक पुलिस टीम महज डेढ़ मिनट में गली-मोहल्लों तक पहुंच सकेगी।
चौराहों पर रुके एसपी, लोगों से की शांति बनाए रखने की अपील
शहर में शांति, सुरक्षा और भाईचारा बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस कंट्रोल रूम से विशेष फ्लैग मार्च निकाला गया। इसकी अगुवाई पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने की। पुलिसकर्मी हाथों में तिरंगा लेकर सबसे आगे चल रहे थे, जबकि लाउडस्पीकर पर लगातार देशभक्ति गीत बजाए जा रहे थे।
फ्लैग मार्च के दौरान एसपी सचिन शर्मा शहर के प्रमुख और संवेदनशील चौराहों पर रुके और नागरिकों से संवाद कर शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और पुलिस हर नागरिक की सुरक्षा के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। करीब तीन किलोमीटर लंबे रूट पर निकाले गए मार्च के दौरान अधिकारियों ने शहर की संकरी गलियों, संवेदनशील इलाकों और प्रमुख चौराहों का निरीक्षण भी किया।
CRPF, SAF और महिला पुलिस बल तैनात
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धार में दो कंपनियां CRPF और 10 कंपनियां SAF की तैनात की गई हैं। इसके अलावा दो अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP), 15 डीएसपी, 30 थाना प्रभारी, महिला पुलिस बल और यातायात पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया है। इंदौर ग्रामीण, भोपाल, मंदसौर और रतलाम सहित कई जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
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भोजशाला चौकी क्षेत्र में दो अश्वारोही दल लगातार गश्त करेंगे। सुरक्षा व्यवस्था में BDS टीम, ओपन बॉडी वाहन और लाइट मशीन गन (LMG) भी तैनात रहेगी। शहर की निगरानी चार ड्रोन कैमरों और 250 से अधिक CCTV कैमरों के जरिए कंट्रोल रूम से की जाएगी। पुलिस मोबाइल वाहन और बाइक पेट्रोलिंग टीम सुबह से देर रात तक लगातार गश्त करेंगी। शहर के सभी धार्मिक स्थलों पर भी पुलिस बल तैनात रहेगा। ऊंची इमारतों पर जवानों को तैनात कर संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जाएगी।
अस्थायी जेल और साइबर निगरानी की व्यवस्था
प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए जेल वाहन, वज्र वाहन, फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस को भी अलर्ट मोड पर रखा है। गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस पार्टियां बनाई गई हैं तथा अस्थायी जेल की व्यवस्था भी की गई है। जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ, भ्रामक या सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वाली सामग्री पोस्ट करने वालों को सख्त चेतावनी दी है। साइबर सेल और पुलिस की टीमें लगातार सोशल मीडिया मॉनिटरिंग कर रही हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अफवाहों से बचने, शांति बनाए रखने और कानून का सम्मान करने की अपील की है।
जुलूस और महाआरती की अनुमति नहीं
गुरुवार दोपहर प्रशासन की ओर से जारी सूचना में स्पष्ट किया गया कि 22 मई को किसी भी जुलूस या महाआरती की अनुमति नहीं दी गई है। प्रशासन ने कहा कि सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी अफवाहें फैलाई जा रही हैं। फिलहाल धार शहर में धारा 144 लागू है और इसका सख्ती से पालन कराया जाएगा।
